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‘JNU का योगी’ यौन उत्पीड़न के आरोप में अरेस्ट, ABVP के ख‍िलाफलड़ चुका है छात्र संघ का चुनाव

राघवेंद्र मिश्रा ने 2019 में जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में हिस्सा लिया था। तमाम मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वह अखिल भारतीय विधार्थी परिषद् (एबीवीपी) का पूर्व सदस्य रह चुका है। हालांकि एबीवीपी ने इससे इंकार किया है।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है।

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) छात्रसंघ चुनाव लड़ चुके राघवेंद्र मिश्रा को दिल्ली पुलिस ने छात्रा से यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि राघवेंद्र ने कैंपस में छात्रा से छेड़खानी की है। छात्रा ने वसंत कुंज (नॉर्थ) थाने में मिश्रा के खिलाफ बुधवार (5 फरवरी) को शिकायत दर्ज करवाई थी। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने कहा ‘आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। छात्रा ने आरोप लगाया है कि कैंपस के हॉस्टल में उसके साथ राघवेंद्र ने यौन उत्पीड़न किया है। हमें बुधवार को शिकायत मिली थी और भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (दुराचार) और 323 के तहत वसंत कुंज (नॉर्थ) में केस दर्ज किया गया है।’

पुलिस ने बताया ‘छात्रा ने कहा है कि मिश्रा ने उसे अपने हॉस्टल में बुलाया और फिर उसका यौन उत्पीड़न किया। इसके बाद जब छात्रा ने शोर मचाया तो हॉस्टल के सिक्योरिटी गॉर्ड, आस-पास मौजूद स्टूडेंट्स आए और मिश्रा को पकड़ लिया।’

बता दें कि मिश्रा ने 2019 में जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में हिस्सा लिया था। निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अध्यक्ष पद के ल‍िए चुनाव लड़ने वाले राघवेंद्र को हार का सामना करना पड़ा था। राघवेंद्र ने 2017 में भी चुनाव लड़ा था। चुनाव में वह एबीवीपी के ख‍िलाफ लड़ा था। समाचार एजेंसी PTI व कई अन्य मीडिया रिपोर्ट्स में राघवेंद्र को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का पूर्व सदस्य बताया जा रहा है।

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की 29 अगस्त 2017 की एक खबर के मुताबिक राघवेंद्र मिश्रा एबीवीपी का सदस्य रहा है। उस वक्त उसने कहा था कि ‘मैं एबीवीपी का सच्चा समर्थक था, पर पार्टी ने हिंदुत्व की विचारधारा को कभी गंभीरता से नहीं लिया। उन्हीं (एबीवीपी) की वजह से जेएनयू में हिंदुत्व का चार्म खत्म हुआ’।

उधर, एबीवीपी ने एक बयान जारी कर कहा है कि आरोपी राघवेंद्र मिश्रा का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से कोई संबंध नहीं है। वामपंथी संगठन भ्रम फैला रहे हैं।

राघवेंद्र मिश्रा ‘जेएनयू के योगी’ के नाम से मशहूर है। राघवेंद्र यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरह भगवा कपड़े पहनता है उसके इसी अंदाज की वजह से उसका यह नाम पड़ा। वह जेएनयू के संस्कृत सेंटर में पढ़ाई कर रहा है।

उसने एक इंटरव्यू के दौरान अपने पहनावे को लेकर कहा था कि भगवा संस्कृति की पहचान है इसलिए वह ऐसे वस्त्र धारण करता है। लेकिन उसका वस्त्र धारण प्रकृति का संयोग मात्र है कि यह सीएम योगी से मिलता है। वह हिंदुओं की बात करता है।’

 

 

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