JNU: अब राष्‍ट्रपति से मिले केजरीवाल, कहा-आरोपी छात्रों तक नहीं पहुंच सकी, पठानकोट के गुनहगारों को कैसे पकड़ेगी सरकार? - Jansatta
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JNU: अब राष्‍ट्रपति से मिले केजरीवाल, कहा-आरोपी छात्रों तक नहीं पहुंच सकी, पठानकोट के गुनहगारों को कैसे पकड़ेगी सरकार?

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने कन्‍हैया और पत्रकारों के साथ पटियाला हाउस कोर्ट में हुई मारपीट के मामले में जांच के आदेश दिए हैं।

Author नई दिल्‍ली | February 19, 2016 2:13 AM
राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल (Source: ANI)

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में कथित तौर पर भारत विरोधी नारे लगने के बाद छात्रसंघ अध्‍यक्ष कन्‍हैया कुमार की गिरफ्तारी के बाद विवाद थमने के नाम नहीं ले रहे। बीजेपी के एक विधायक ने कन्‍हैया के समर्थन में कैंपस पहुंचे राहुल गांधी को गोली मार दिए जाने की बात कही। उधर, राहुल गांधी ताजा विवाद को लेकर प्रेसिडेंट प्रणव मुखर्जी से मिलने राष्‍ट्रपति भवन पहुंचे। राष्‍ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल ने कहा कि आरएसएस देश के छात्रों पर अपनी विचारधारा थोपने की कोशिश कर रहा है, जो वे होने नहीं देंगे। राहुल ने यह भी कहा कि पूरी यूनिवर्सिटी को बदनाम करना सही नहीं है।

 

केजरीवाल भी राष्‍ट्रपति से मिले  दिल्‍ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी प्रेसिडेंट प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद कहा, ”हमने राष्‍ट्रपति से पूछा कि कानून की ऐसी क्‍या कमी है कि कोई भी शख्‍स पाकिस्‍तान के पक्ष में नारे लगाने वाले शख्‍स को पीट सकता है? हम इस बात से सहमत हैं कि राष्‍ट्र विरोधी नारे लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। ”केजरीवाल ने कहा कि जो सरकार राष्‍ट्रविरोधी नारे लगाने वाले चार-पांच स्‍टूडेंट को नहीं पकड़ सकती, वो पठानकोट हमले के गुनहगारों को कैसे पकड़ेगी? उधर, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने कन्‍हैया और पत्रकारों के साथ पटियाला हाउस कोर्ट में हुई मारपीट के मामले में जांच के आदेश दिए हैं। यह भी कहा है कि दोषी वकीलों के लाइसेंस रद्द होंगे।

 

मारपीट के आरोपी बीजेपी विधायक थाने पहुंचे
पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर सोमवार को एक सीपीआई लीडर को पीटने के आरोपी बीजेपी एमएलए ओपी शर्मा तिलक मार्ग थाने पहुंचे। दिल्‍ली पुलिस ने उन्‍हें समन जारी करके पूछताछ करने के लिए बुलाया था। पुलिस ने इस मामले में तीन और वकीलों को भी बुलाया है। बता दें कि कोर्ट परिसर में सोमवार और बुधवार को वकीलों द्वारा की गई मारपीट के मामले में कार्रवाई न करने को लेकर दिल्‍ली पुलिस की कड़ी आलोचना हो रही है।

किरन रिजीजू ने कहा- कन्‍हैया के पास पर्याप्‍त सबूत
दिल्‍ली पुलिस कमिश्‍नर ने बुधवार को कहा था कि पुलिस कन्‍हैया के बेल के खिलाफ अपील नहीं करेगी। क्‍या दिल्‍ली पुलिस के पास कन्‍हैया के खिलाफ सबूत नहीं हैं? इस बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय गृह राज्‍य मंत्री किरन रिजीजू ने कहा कि बेल किसी शख्‍स का अधिकार है। उसके खिलाफ अपील न करने का मतलब यह नहीं कि कन्‍हैया के खिलाफ पुलिस के पास सबूत नहीं हैं। मंत्री ने रिजीजू को देशद्रोही गिरोह का नेता करार दिया। रिजीजू ने यह भी कहा कि कन्‍हैया के खिलाफ देशद्रोह का मामला नहीं हटेगा।

कन्‍हैया की जेल में बढ़ी सुरक्षा, गांव पर भी पुलिस तैनात
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तिहाड़ जेल में बंद कन्‍हैया कुमार की सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है। गुरुवार को हुए हमले के मद्देनजर खास कदम उठाए गए हैं। वहीं, बिहार के बेगुसराय जिले स्‍थि‍त कन्‍हैया के गांव में भी सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है। कन्‍हैया के परिवारवालों को कथित तौर पर मिल रही धमकियों के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है।

कन्‍हैया के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे चालीस लोग हिरासत में
चेन्‍नई में कन्‍हैया की गिरफ्तारी के विरोध में गुरुवार को प्रदर्शन कर रहे एक छात्र संगठन के चालीस लोगों को हिरासत में ले लिया गया। ये स्‍टूडेंट्स ऑल इंडिया स्‍टूडेंट्स फेडरेशन के सदस्‍य थे और वे कन्‍हैया की रिहाई की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की इमारत में घुसने की कोशिश की। उधर, कोलकाता के जाधवपुर यूनिवर्सिटी के स्‍टूडेंट्स ने भी कन्‍हैया के समर्थन में प्रदर्शन किया।

दिल्ली सहित कई शहरों से उठी कन्हैया की रिहाई की मांग, प्रदर्शन

देशद्रोह के आरोप में जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी के खिलाफ गुरुवार को दिल्ली और देश के कई अन्य शहरों में हजारों छात्रों, शिक्षकों, नागरिक समाज के सदस्यों और पत्रकारों ने प्रदर्शन किए। दिल्‍ली में ‘‘जेएनयू जिंदाबाद’’ जैसे नारे लगा रहे प्रदर्शनकारियों ने मंडी हाउस से जंतर-मंतर तक मार्च किया । कई लोगों ने अपने हाथों में गुलाब ले रखे थे। उन्होंने मार्च की शुरूआत में गुलाब के इन फूलों को हवा में उछाला और एक तेज हुंकार भरी। जेएनयू, दिल्ली विश्वविद्यालय, जामिया मिल्लिया इस्लामिया और अंबेडकर विश्वविद्यालय के छात्रों, पूर्व छात्रों और शिक्षकों के अलावा कई शिक्षाविदों, पत्रकारों, रंगमंच कलाकारों और फिल्मी हस्तियों ने भी इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

गिलानी 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे गए
पटियाला हाऊस अदालत परिसर में हिंसा के दो दिन बाद कोई भी जोखिम नहीं लेते हुए दिल्ली पुलिस ने देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार दिल्ली विश्वविद्यालय के व्याख्याता एस ए आर गिलानी को रिमांड की सुनवाई के लिए गुरुवार को एक थाने में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। गिलानी को मजिस्ट्रेट ने तीन मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उन्हें यहां भारतीय प्रेस क्लब में पिछले हफ्ते के एक कार्यक्रम के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था जहां कथित रूप से राष्ट्रविरोधी नारे लगाए गए थे।

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