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JNU Protest: ‘मैं अंधा हूं मुझे मत मारो’ लेकिन लाठियों से पीटते रहे पुलिसवाले, कहा- प्रदर्शन में आए क्यों?

JNU Protest, Delhi Police: फीस बढ़ोतरी के खिलाफ जेएनयू के छात्रों ने जब संसद भवन तक मार्च निकालने की कोशिश की तो एक दृष्टि बाधित छात्र ने कहा कि उससे मारपीट की गई। अंधे होने के बाद भी लात मारी गई और लाठियों से पीटा गया।

Author नई दिल्ली | Updated: November 20, 2019 4:44 PM
जेएनयू छात्र और दिल्ली पुलिस के बीच भिड़त, फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के नेत्रहीन छात्र शशि भूषण पांडेय पर विरोध मार्च के दौरान संसद भवन की तरफ जाते समय सोमवार को लाठीचार्ज किया गया था। जिसके बाद मंगलवार को उसने दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने उससे पूछा था कि अगर वह अंधा है तो विरोध प्रदर्शन में क्यों आया? जिसके बाद अब इस मामले में नेशनल प्लेटफॉर्म फॉर द राइट्स ऑफ डिसेबल (एनपीआरडी) और जेएनयू दृष्टिबाधित छात्र मंच ने पांडेय पर पुलिसिया कार्रवाई की निंदा की है। गौरतलब है JNU के स्टूडेंट्स फीस बढ़ोतरी के मुद्दे पर कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। जेएनयू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के स्टूडेंट यूनियन काउंसलर शशि भूषण ने बताया कि लाठीचार्ज के दौरान वह जमीन पर गिर पड़े और उनके सीने पर पुलिस ने बूटों से वार किया। उन्होंने बताया, ‘मैंने उन्हें बताया कि मैं दृष्टि बाधित हूं। मैंने उन्हें चश्मा उतारकर दिखाया ताकि पुलिसवाले यह समझ जाएं लेकिन वे नहीं रुके। वे मुझे मारते रहे।’

JNU स्टूडेंट ने कही ये बात: दृष्टि बाधित छात्र शशि भूषण पांडेय ने जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) द्वारा आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “जब छात्र तितर-बितर हो रहे थे, तो किसी ने मुझे बताया कि स्ट्रीट लाइट बंद कर दी गई थी। कुछ दोस्त मुझे एक तरफ ले जाने के लिए मेरे आसपास इकट्ठा हुए। सभी का मानना ​​था कि मैं उसके बाद सुरक्षित रहूंगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।” पांडेय को सोमवार को एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। उसने बताया,  “मुझे लाठियों से मारा गया। जब मैंने उन्हें (पुलिसकर्मियों) बताया कि मैं अंधा हूं, तो एक पुलिस अधिकारी ने मुझसे कहा, अगर तुम अंधे हो तो विरोध के लिए क्यों आए हो)?”

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एनपीआरडी ने की निंदा: नेशनल प्लेटफॉर्म फॉर द राइट्स ऑफ डिसेबल (एनपीआरडी) ने छात्रों और शिक्षकों पर दिल्ली पुलिस द्वारा की गई क्रूर हिंसा की कड़ी निंदा की। संगठन ने कहा कि एक नेत्रहीन छात्र को अंधाधुंध पीटा गया जबकि वह बार-बार पुलिस को इशारा करता है कि वह दृष्टिहीन है, इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

संसद में गूंजा जेएनयू का मुद्दा: इस बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने पूछा, “कौन है जनरल डायर, जो नेत्रहीन शशि भूषण की छाती पर बैठ गया। जब हम जलियांवाला बाग की घटना के बारे में बात करते हैं तो हम ब्रिटिश अत्याचारों का उल्लेख करते हैं। आज हमारे बीच में जनरल डायर कौन है? जेएनयू के छात्रों के प्रदर्शन पर  अर्धसैनिक बलों को लाया जा रहा है।”

 

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