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JNU प्रशासन की दलील- 45 करोड़ रुपये का उठा रहे हैं घाटा, सबसे ज्यादा बोझ बिजली-पानी बिल पर, फीस बढ़ाने के अलावा नहीं कोई चारा

आपको बता दें कि मानव संसाधन विकास विभाग ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है जिसने जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन से मुलाकात की है।

जेएनयू विश्वविद्यालय , फोटो सोर्स – इंडियन एक्सप्रेस

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) प्रशासन ने विश्वविद्यालय में हॉस्टल की फीस बढ़ोती के अपने फैसले का बचाव किया है। जेएनयू प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि विश्वविद्यालय पहले से ही 45 करोड़ रूपए से ज्यादा के घाटे में चल रहा है। इसकी वजह है बिजली और पानी का बहुत ज्यादा बिल आना और कॉन्ट्रैक्टचुअल स्टाफ की सैलरी। बीते गुरुवार की रात विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रावास के विषय पर एक फैक्स शीट जारी करते हुए बताया कि UGC की तरफ से दिये जाने वाले सैलरी में अनुबंधित कर्मचारियों को हॉस्टल के लिए अलग से पैसा नहीं दिया जाता और विश्वविद्यालय के हॉस्टल में ऐसे कर्मचारियों की संख्या 450 से ज्यादा है।

UGC की तरफ से विश्वविद्यालय प्रशासन को साफ-साफ कहा गया है कि सैलरी के अलावा ऐसे कर्मचारियों के उन्हीं बिलों का भुगतान किया जाएगा जिनमें विश्वविद्यालय के अंदरुनी वस्तुएं के इस्तेमाल का जिक्र हो। इधर जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (JNUTA) के 30 सदस्यों के एक प्रतिनिधि मंडल ने MHRD-appointed committee से शास्त्री भवन में मुलाकात की है। इस मुलाकात के दौरान कमेटी को एक मेमोरेन्डम भी सौंपा गया है। इस मेमोरेन्डम में कहा गया है कि विश्वविद्यालय के हालात तब तक सामान्य नहीं हो सकते जब तक कि छात्रवास के बढ़े फीस को वापस नहीं लिया जाता। शिक्षकों के इस दल ने विश्वविद्यालय में वित्त प्रबंधन और फिजूलखर्ची पर भी सवाल उठाए हैं।

जेएनयू में 17 हॉस्टल हैं और दशकों से यह सभी हॉस्टल बिना किसी रूकावट के चल रहे थे। JNUTA ने अपने मेमोरेन्डम में लिखा है कि जेएनयू प्रशासन द्वारा अचानक फीस में बढ़ोतरी की मांग के पीछे कोई वजह नजर नहीं आती और ना ही शुल्क में बढ़ोतरी से पहले प्रशासन की तरफ से वित्तिय घाटे से संबंधित कोई बात कही गई थी।

आपको बता दें कि मानव संसाधन विकास विभाग ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है जिसने जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन से मुलाकात की है। यह कमेटी जल्दी ही छात्रों से मिलकर भी इस सिलसिले में बातचीत करेगी। आपको बता दें कि जेएनयू में छात्रावास की फीस बढ़ाए जाने को लेकर छात्र काफी उग्र हैं। संसद से सड़क तक इस मुद्दे पर हंगामा मचा हुआ है।

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