जम्मू-कश्मीरः पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने वाले छात्रों, कॉलेज मैनेजमेंट पर लगा UAPA

छात्र संगठनों ने यूएपीए कानून के तहत दर्ज किए गए मामलों को रद्द करने की मांग की है। जम्मू और कश्मीर छात्र संघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता नासिर खुहमी ने कहा कि छात्रों के खिलाफ बहुत कठोर कार्रवाई की गई है। यूएपीए लगने के बाद छात्रों का करियर तक बर्बाद हो सकता है। 

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

रविवार को टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के हाथों भारत को शिकस्त मिलने के बाद कथित रूप से जश्न मनाने के आरोप में श्रीनगर के दो सरकारी मेडिकल कॉलेज के छात्रों और कॉलेज प्रबंधन के ऊपर यूएपीए के तहत मुक़दमा दर्ज किया गया है। साथ ही सांबा जिले में मैच के बाद कथित रूप से पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाने के आरोप में छह युवकों को गिरफ्तार किया गया है।

जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार श्रीनगर के कर्ण नगर स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज और शेर-ए-कश्मीर आयुर्विज्ञान संस्थान श्रीनगर (एसकेआईएमएस) सौरा के छात्रावासों में रहने वाले छात्रों, कॉलेज प्रबंधन और हॉस्टल वार्डन के खिलाफ दो अलग अलग मामला दर्ज किया गया है। रविवार को पाकिस्तान टीम के मैच जीतने के बाद दोनों मेडिकल कॉलेज के छात्रों द्वारा से कथित रूप से जश्न मनाए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

छात्रों और कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं में भय व्याप्त हो गया है। छात्र संगठनों ने यूएपीए कानून के तहत दर्ज किए गए मामलों को रद्द करने की मांग की है। जम्मू और कश्मीर छात्र संघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता नासिर खुहमी ने समाचार वेबसाइट द वायर से कहा कि छात्रों के खिलाफ बहुत कठोर कार्रवाई की गई है। यूएपीए लगने के बाद छात्रों का करियर तक बर्बाद हो सकता है।  

नासिर खुहेमी ने यह भी कहा कि कुछ छात्र माफीनामा लिख कर देने को भी तैयार हैं लेकिन उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि कहीं कॉलेज प्रशासन उन्हें बर्खास्त न कर दे और वे पुलिस कार्रवाई से भी डरे हुए हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा से इस मामले को तत्काल देखने और यूएपीए के तहत दर्ज किए गए मामलों को वापस लेने की अपील की है।

वहीं मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों ने कथित रूप से जश्न मनाने के आरोपों पर कहा है कि इसे जानबूझ कर तूल दिया जा रहा है। द वायर से बातचीत करते हुए शेर-ए-कश्मीर आयुर्विज्ञान संस्थान के छात्रों ने कहा कि वे मैच के दौरान अच्छा खेलने वाले हर खिलाड़ी के लिए ताली बजा रहे थे। जब विराट कोहली छक्के और चौके लगा रहे थे तो उस समय भी ताली बजाई जा रही थी। लेकिन जानबूझ कर इसे मुद्दा बनाया जा रहा है। साथ ही छात्रों ने कहा कि कॉलेज परिसर में पुलिस के आने के बाद से छात्रों में भय पैदा हो गया है। सरकार की तरफ से उठाया गया कदम आपसी संबंधों को ख़राब कर सकता है. इस मामले का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए था। 

रविवार को मैच के बाद श्रीनगर के मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में भी जश्न मनाने का कथित वीडियो सामने आया था। वीडियो में लड़कियों को पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाते हुए देखा गया था। जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी नेता महबूबा मुफ़्ती ने छात्रों पर यूएपीए के तहत मुकदमा दर्ज करने का विरोध किया है। महबूबा मुफ़्ती ने ट्वीट करते हुए लिखा कि कश्मीरी युवाओं के साथ गृहमंत्री के मन की बात पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने वाले मेडिकल छात्रों के खिलाफ यूएपीए लगाने से शुरू हुआ। यह पता लगाने की कोशिश करने के बजाय कि शिक्षित युवा पाकिस्तान के साथ अपनी पहचान क्यों चुनते हैं, भारत सरकार बदले की भावना के तहत कार्रवाई कर रही है। इस तरह के कदम उन्हें और दूर कर देंगे

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