ताज़ा खबर
 

रियाज नायकू की मौत के बाद इधर हिज्बुल को मिला नया कमांडर, उधर ट्वीट कर बोले सेना के टॉप जनरल- कितने गाजी आए, कितने गए…

ढिल्लन दो माह पहले श्रीनगर में 15 कॉर्प्स के कमांडर थे, जो कि समूची कश्मीर घाटी में हर किस्म के आतंकियों और जवाबी कार्रवाई वाले ऑपरेशनों के लिए जिम्मेदार होता है।

15 कॉर्प्स के पूर्व कमांडर और डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लन। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

कुख्यात आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीन ने जम्मू और कश्मीर में गाजी हैदर को नया कमांडर चुना है। इसी खबर के बीच भारतीय सेना के टॉप जनरल ने कहा है, “कितने गाजी आए और कितने गए।” 15 कॉर्प्स के पूर्व कमांडर और डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लन ने यह बात ट्वीट कर लिखी।

ढिल्लन की यह टिप्पणी तब आई है, जब हाल में हिज्बुल का पूर्व कमांडर रियाज नायकू सैन्य बलों द्वारा ढेर किया गया है। नायकू की मौत के बाद पाकिस्तान द्वारा समर्थित आतंकी संगठन में उसकी जगह गाजी ने ली है।

समाचार एजेंसी IANS ने बताया कि रविवार को आतंकी संगठन ने United Jihad Council और हिज्बुल मुजाहिद्दीन चीफ सैयद सलाऊद्दीन की मौजूदगी में हुई मीटिंग के दौरान इस नियुक्ति का ऐलान किया। इस दौरान नायकू और उसके सहयोगियों मोहम्मद बिन कासिब व मोहम्मद आदिल के सैन्य ऑपरेशन में मारे जाने पर आतंकी संगठन के आलाओं ने दुख भी जताया।

जानकारी के मुताबिक, गाजी हैदर के अलावा जफर-उल-इस्लाम को हैदर के बाद दूसरे नंबर पर संगठन में जगह दी गई है, जबकि अबू तारिक उसका ‘चीफ मिलिट्री सलाहकार’ बना है।

ढिल्लन दो माह पहले श्रीनगर में 15 कॉर्प्स के कमांडर थे, जो कि समूची कश्मीर घाटी में हर किस्म के आतंकियों और जवाबी कार्रवाई वाले ऑपरेशनों के लिए जिम्मेदार होता है। पुलवाला आतंकी हमले के वक्त ढिल्लन श्रीनगर में 15 कॉर्प्स के कमांडर थे। उनके नेतृत्व में भारतीय जवानों ने कई सफल ऑपरेशनों को अंजाम दिया है, जबकि कई आतंकियों को चुन-चुन कर ढेर भी किया है।

इससे पहले, नायकू की मौत पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा था- जब भी आतंकी कमांडर मारे जाते हैं, तब घाटी में उससे उनके संगठन में होने वाली नई भर्तियों पर असर पड़ता है।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 प्रदेश में 215 ट्रेनों के जरिए प्रवासी श्रमिकों की वापसी
2 शस्र और शास्त्र: दशनामी संन्यासी परंपरा व अखाड़े
3 तीर्थस्थल: चौमुहां में ब्रह्मा का दुर्लभ मंदिर