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भाजपा और पीडीपी में बनी बात, मुफ्ती होंगे मुख्यमंत्री

चुनावी नतीजे आने के एक माह बाद जम्मू-कश्मीर में नई सरकार बनने के आसार हैं। पीडीपी और भाजपा ने सत्ता की साझेदारी पर रजामंदी बना ली है और मुफ्ती मुहम्मद सईद सूबे के नए मुख्यमंत्री होंगे। सूत्रों का कहना है कि मुफ्ती फरवरी के दूसरे हफ्ते में मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। करार […]

Author January 30, 2015 9:20 AM
पीडीपी और भाजपा ने सत्ता की साझेदारी पर रजामंदी बना ली है और मुफ्ती मुहम्मद सईद सूबे के नए मुख्यमंत्री होंगे।

चुनावी नतीजे आने के एक माह बाद जम्मू-कश्मीर में नई सरकार बनने के आसार हैं। पीडीपी और भाजपा ने सत्ता की साझेदारी पर रजामंदी बना ली है और मुफ्ती मुहम्मद सईद सूबे के नए मुख्यमंत्री होंगे। सूत्रों का कहना है कि मुफ्ती फरवरी के दूसरे हफ्ते में मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। करार के फार्मूले के अनुसार, राज्य का उपमुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी से होगा। निर्मल सिंह भाजपा की ओर से इस पद के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।

भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद के सदस्य और विलावड़ से विधायक निर्मल सिंह ने गुरुवार शामबताया कि नई सरकार के गठन को लेकर सहमति बन गई है। राज्य में जल्द स्थाई सरकार होगी जिसकी रहनुमाई परिपक्व राजनीतिक और उम्दा कैबिनेट टीम करेगी।

पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता नईम अख्तर ने भी ने भी इस बात की पुष्टि की कि पीडीपी-भाजपा सरकार फरवरी के मध्य तक बन जाएगी। सूत्रों का कहना है कि पीडीपी को गृह और वित्त विभाग मिलेगा और भाजपा को उप मुख्यमंत्री और विधानसभा स्पीकर का पद मिलेगा। सूत्रों ने बताया कि पीपुल्स कांफ्रेंस के सदर सज्जाद लोन को भाजपा कोटे से कैबिनेट में शामिल किया जाएगा।

सूत्रों ने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह 15 फरवरी के आसपास होने की संभावना है। शुरुआत में पंद्रह मंत्रियों को शामिल किया जाएगा। दोनों प्रमुख दलों को बराबर नुमाइंदगी मिलेगी। इससे पहले पीडीपी और भाजपा ने गुरुवार सुबह ही संकेत दिए थे कि वे जल्द ही गठबंधन सरकार के गठन की घोषणा करेंगे। इस सिलसिले में दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं ने बैठक की और पीडीपी के प्रवक्ता नईम अख्तर ने सरकार बनाने के प्रयासों के बारे में पूछे जाने पर कहा, अब मेरा मानना है कि हमें ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

87 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनावों के परिणाम पिछले वर्ष 23 दिसंबर को आए थे जिसमें पीडीपी 28 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी जबकि 25 सीटों के साथ भाजपा दूसरे नंबर पर रही । राज्य में फिलहाल राज्यपाल का शासन है।

दूसरी ओर भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, ‘पार्टी नेतृत्व सभी मुद्दों पर चर्चा कर रहा है और अब समय ही बताएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास करती है और ‘हम चीजों के पीछे नहीं भागते । प्रक्रिया में समय लगेगा।’ राज्य में सरकार बनने में विलंब होने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, पार्टी के नेता उपयुक्त स्तर पर चर्चा कर रहे हैं और मुद्दे पर बहस हो रही है। जिन नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है वे मुद्दे पर बोलने के योग्य हैं।

भाजपा के राज्य अध्यक्ष और सांसद जुगल किशोर शर्मा ने कहा, अभी हम इतना ही कह सकते हैं कि राज्य में निश्चित रूप से सरकार बनेगी और हम राज्य के लोगों को मजबूत और स्थिर सरकार देने की प्रक्रिया में लगे हैं । आज की बैठक के बारे में उन्होंने कहा कि पार्टी की राज्य इकाई को मजबूत करने और यह सुनिश्चित करने के लिए बैठक हुई कि पार्टी के दो सदस्य राज्यसभा चुनावों में जीत दर्ज करें । यह पूछने पर कि राज्यसभा चुनावों के लिए पार्टी का पीडीपी से कोई समझौता हुआ है तो शर्मा ने कहा, ‘हम दो सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं और दूसरे दल के सहयोग के बिना हम इन दो सीटों पर नहीं जीत सकते ।

इससे पहले बुधवार को पीडीपी और भाजपा के नेताओं ने राज्यपाल एनएन वोहरा से अलग-अलग बैठक की थी। ये दल 9 फरवरी को सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। सूत्रों का कहना है कि भाजपा नेता राममाधव और पीडीपी नेता हसीब द्राबू के बीच हुई बैठक के बाद सरकार गठन को लेकर रजामंदी बनी। दोनों ही नेता इस बात पर सहमत थे कि विवादास्पद मुद्दे नहीं उठाए जाएंगे, और जनता के कल्याण और सुशासन को प्राथमिकता दी जाएगी।

 

 

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