ताज़ा खबर
 

महबूबा ने भाजपा संग आगे बढ़ने के दिए संकेत

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने दो महीने की सियासी अनिश्चितता के बाद सरकार गठन को लेकर भाजपा के साथ आगे बढ़ने के संकेत दिए हैं।

Author श्रीनगर | March 5, 2016 02:47 am
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने दो महीने की सियासी अनिश्चितता के बाद सरकार गठन को लेकर भाजपा के साथ आगे बढ़ने के संकेत दिए हैं। इसके बाद महबूबा ने शुक्रवार को राज्यपाल एनएन वोहरा से एक घंटे तक मुलाकात की और राजनीतिक मुद्दों और राज्य की ‘विभिन्न चुनौतियों’ पर चर्चा की। इस मुलाकात के बाद राज्य में नई सरकार के आसार बनते दिख रहे हैं।

महबूबा ने अपने दिवंगत पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भाजपा के साथ एक पार्टी के तौर पर हाथ नहीं मिलाया था बल्कि वह गठबंधन केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर के लोगों के बीच था जिसका मकसद राज्य के लोगों की भलाई था। उन्होंने यहां अपनी पार्टी का सदस्यता अभियान शुरू करते हुए कहा, मुझे इस बात की परवाह नहीं कि बाकी पेज 8 पर उङ्मल्ल३्र४ी ३ङ्म स्रँी 8
लोग मुझ पर भाजपा के साथ आगे बढ़ने का आरोप लगाते हैं, चाहे उन्हें अच्छा लगे या बुरा।

अगर लोगों को लाभ होता है तो कोई बात नहीं।उन्होंने कहा, जब लोगों के हित का सवाल आया, मेरे पिता ने पार्टी की कभी परवाह नहीं की। वह सब कुछ से ऊपर उठे और लोगों के कल्याण के लिए भाजपा के साथ हाथ मिलाया। महबूबा ने कहा कि वे कोई ‘हठी’ महिला नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के नेता सरकार गठन चाहते हैं। लेकिन वे ऐसा तभी करेंगी जब उन्हें महसूस होगा कि वृहद उद्देश्य की पूर्ति हो गई। अगर भाजपा के साथ गठबंधन का मकसद पूरा होता है, तो उन्हें सरकार बनाने में कोई आपत्ति नहीं है। महबूबा ने कहा कि वे जम्मू-कश्मीर में शांति चाहती हैं।

उन्होंने पिछले महीने में पंपोर में हुई मुठभेड़ का परोक्ष रूप से उल्लेख किया जिसमें एक सरकारी इमारत से तीन आतंकवादियों को बाहर करने हुए सेना के दो कैप्टन शहीद हो गए थे। उन्होंने कहा, आपने देखा कि किस तरह दो युवा अधिकारियों ने अपनी जान गंवा दी। उन्होंने कहा, कल एक मुठभेड़ हुई और उसमें मारे गए एक बच्चे ने 98 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। अगर वह पढ़ाई में अच्छा था तो उसने हथियार क्यों उठाया? हमें एक ऐसा वातावरण बनाने के लिए काम करना होगा जिसमें ये बच्चे बंदूक नहीं उठाएं बल्कि इस देश को मजबूत बनाने के लिए काम करें।

महबूबा ने कहा कि उनके पिता का सपना था कि जम्मू-कश्मीर में शांति आए और रक्तपात पर रोक लगे। उन्होंने कहा, जब मुफ्ती ने भाजपा के साथ हाथ मिलाया तो उनका मकसद क्षेत्र में शांति लाना था। वे कहते थे कि राज्य के लोगों की अपनी आकांक्षाएं हैं और इसलिए उन्होंने भाजपा को वोट किया। उन्होंने कहा कि मुफ्ती इस उम्मीद से एक ऐसी पार्टी (भाजपा) के साथ आए जिसे बड़ा जनादेश मिला था ताकि वे सभी कार्य पूरे होंगे जो अधूरे रह गए थे। पीडीपी ने जो मरहम लगाने की नीति शुरू की थी, वह आगे बढ़ेगी, राज्य में शांति बहाल होगी और राज्य विकास करेगा और देश का खजाना राज्य में बहेगा।

उन्होंने कहा कि मुफ्ती सईद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा करते थे कि पाकिस्तान के साथ शांति का कोई विकल्प नहीं है और जब वे नवाज शरीफ से मिलने के लिए लाहौर गए तो हमें बहुत अच्छा लगा। मोदी की यात्रा से होने वाले लाभ के बारे में पूछे जाने वाले सवालों का उल्लेख करते हुए महबूबा ने कहा, मुझे यह कहना चाहिए कि आज पाकिस्तान ने उन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जो पठानकोट आतंकवादी हमले में शामिल थे। क्या यह पहले हुआ था?
87 सदस्यीय जम्मू- कश्मीर विधानसभा में महबूबा की पार्टी पीडीपी के 27 विधायक हैं। उन्होंने कहा, अगर वादे पूरे नहीं होते हैं तो सरकार गठन का मतलब यह होगा कि चुनाव से पांच वर्ष के लिए दूर रहेंगे, तब वे (मुख्यमंत्री बनने को) तैयार नहीं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App