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J&K: फेल होने पर आत्‍महत्‍या करने वाला अदनान, कॉपी री-चेक होने पर टॉपर निकला

आत्‍महत्‍या के चार महीने के बाद अदनान की कॉपी री-चेक की गई तो उसके 70 प्रतिशत मार्क्‍स आए, जबकि सेकेंड नंबर पर आने वाले स्‍टूडेंट के कुल 48 फीसदी नंबर आए हैं। अब उसके पिता परीक्षक के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।
Author श्रीनगर | November 14, 2015 11:01 am
अदनान गिल्‍कर का फाइल फोटो।

जम्‍मू-कश्‍मीर में चार महीने पहले इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स इंजीनियरिंग के स्‍टूडेंट मोहम्‍मद अदनान ने झेलम नदी में कूदकर आत्‍महत्‍या कर ली थी। 18 साल का अदनान सेमेस्‍टर एग्‍जाम में फेल हो गया था, जिस कारण से उसने आत्‍महत्‍या कर ली थी। लेकिन अब हैरान करने वाली खबर आई है, दरअसल, वह फेल नहीं हुआ था। आत्‍महत्‍या के चार महीने बाद अदनान की कॉपी रीचेक की गई, जिसमें वह टॉपर निकला है।

जानकारी के मुताबिक, अदनान के 70 प्रतिशत मार्क्‍स आए हैं, जबकि सेकेंड नंबर पर आने वाले स्‍टूडेंट के कुल 48 फीसदी नंबर आए हैं। अपने बेटे का रिजल्‍ट देखने के बाद उसके पिता हिलाल अहमद पूछते हैं- अब वह अपने बेटे को कहां ढूंढ़कर लाएं और बताएं तुमने क्‍लास में टॉप किया है। अदनान की मां आबिदा रोती हुई कहती हैं कि बेटे की मौत के बाद उन्‍होंने सबकुछ खो दिया है और अब वह जिंदा नहीं रहना चाहती हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर अदनान की मौत का जिम्‍मेदार कौन है?-वह टीचर जिसने कॉपी चेक की, कॉलेज प्रशासन या फिर सरकार?

अदनान पॉलिटेक्निक में फर्स्‍ट ईयर का स्‍टूडेंट था। उसका 18 जून को रिजल्‍ट आया,‍ जिसमें वह अलाइड फिजिक्स में फेल था। इससे परेशान अदनान ने लाल चौक के किसी फुटब्रिज से झेलम नदी में कूदकर जान दे दी थी। कुछ हफ्ते बाद उसकी लाश झेलम में मछुआरों को मिली। हिलाल चाहते हैं कि उनके बेटे की मौत के जघन्‍य अपराध के लिए परीक्षक पर केस दर्ज किया जाए।

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  1. A
    anky
    Nov 14, 2015 at 12:58 pm
    इसमें भी पॉलिटिक्स लिमिट ही यार कम से कम से कम ऐसी बातो को तो बख्श दो और धरम को बीच मई मत लाओ
    (0)(0)
    Reply
    1. A
      Ahasan
      Nov 14, 2015 at 4:23 am
      ऐसे teacher के खिलाफ सख्त से सख्त सजा दी जाये और पुरे भारत के टीचर्स के क्नोलेगे में इसबात की जानकारी देजाये की किरपया ईमानदारी से कापी चेक करे.किसी प्रकार का बेदभाओ न करे.स्टूडेंट का कोई जाति, धर्म नहीं होता है.आंसर शीट पर सिर्फ बार कोडिंग होनी चाहिय ,जिससे किसी को पता न चले कापी किसकी है और अगर बर्कोडिंग थी तो कॉपी ki जानकारी सेंटर कंट्रोलर ने दी या तो सेंटर इवैल्यूएशन इंचार्ज ने दी टीचर को, या टीचर ने खुद क्लर्क से मिल के जानकारी li कापी के बारे में.
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      1. Md Ali
        Nov 13, 2015 at 5:08 pm
        अब यह ज़िम्मेदारी कौन लेगा टीचर एग्जामिनर या टेबुलेटर ... जोह भी हुआ बहुत ा हुआ ...क्या यह कोई चाल थी या साज़िश थी या पक्षपात था ... सभी पर ज़िम्मेदारी तय होती है
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        1. M
          munawwar ranna
          Nov 14, 2015 at 12:02 pm
          भाईजान हमे लगता है की हिन्दुओ या बीजेपी की चाल है....
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          1. M
            munawwar ranna
            Nov 14, 2015 at 12:01 pm
            मुझे लगता है की बीजेपी जिम्मेदार है...या फिर संघ की भी भूमिका हो सकती है...पोल्य्तेच्निके जैसी बड़ी एग्जाम में ये और कौन कर सकता है....
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            1. Load More Comments