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मुफ्ती बयान मामला: भाजपा ने किया किनारा, सईद अडिग

पीडीपी-भाजपा गठबंधन के सत्ता में आने के 24 घंटों के अंदर ही विवाद खड़ा हो गया है। जम्मू कश्मीर में पीडीपी के साथ गठबंधन के लिए भाजपा के मुख्य वार्ताकार रहे राम माधव ने राज्य में शांति से चुनाव के लिए पाकिस्तान, हुर्रियत और आतंकवादियों को श्रेय देने के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के बयान […]

पीडीपी-भाजपा गठबंधन के सत्ता में आने के 24 घंटों के अंदर ही विवाद खड़ा हो गया है। जम्मू कश्मीर में पीडीपी के साथ गठबंधन के लिए भाजपा के मुख्य वार्ताकार रहे राम माधव ने राज्य में शांति से चुनाव के लिए पाकिस्तान, हुर्रियत और आतंकवादियों को श्रेय देने के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के बयान से किनारा कर लिया है। वहीं मुफ्ती ने कहा है कि वे अपने बयान पर अडिग हैं। नेशनल कांफ्रेंस और बसपा ने भाजपा-पीडीपी गठबंधन के भविष्य पर सवाल उठाया है। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री के बयान पर राम माधव ने कहा कि चुनाव शांतिपूर्ण कराने का श्रेय जनता, सुरक्षा बलों और चुनाव आयोग को जाता है।

भाजपा महासचिव ने माना कि दोनों दलों के कई राजनीतिक मुद्दों पर बड़े मतभेद थे। लेकिन जनता के जनादेश के सम्मान के लिए वे साथ आए हैं। नई सरकार के लिए दिशा-निर्देशक शक्ति के रूप में उनका न्यूनतम साझा कार्यक्रम काम करेगा जो रविवार को जारी किया गया था। सईद के बयान के संबंध में राम माधव ने कहा,‘हम चुनाव सुगम तरीके से कराने का श्रेय तीन चीजों को देते हैं, राज्य की जनता को, सुरक्षा एजंसियों को और चुनाव आयोग को।’ अनेक राजनीतिक मुद्दों पर हमारे व्यापक मतभेद हैं। पीडीपी के साथ गठबंधन सर्वश्रेष्ठ विकल्प था। लेकिन हमने राज्य के हित को दिमाग में रखा और जनादेश का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में यह अब तक की सबसे अधिक प्रतिनिधित्व करने वाली सरकार है।

सत्ता के लालच में दोनों पार्टियों के साथ आने के आरोपों को खारिज करते हुए माधव ने कहा कि पीडीपी को नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के रूप में बेहतर विकल्प उपलब्ध थे। वे पीडीपी के साथ एकतरफा गठजोड़ का एलान कर रहे थे। लेकिन पीडीपी और भाजपा ने जनादेश का सम्मान करने के लिए एक दूसरे का साथ दिया। गठबंधन पर संघ के विचार के सवाल पर माधव ने कहा कि परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के सुझावों को संज्ञान में लिया गया।

वहीं बयान पर विवाद छिड़ने के एक दिन बाद मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने कहा कि वह अपनी टिप्पणी पर अडिग हैं। उन्होंने इस पर हाय तौबा मचाने वालों पर आरोप लगाया कि वे राई का पहाड़ बना रहे हैं। उन्होंने कहा,‘मैंने रविवार को पाकिस्तान और हुर्रियत के बारे में जो कुछ कहा, कश्मीर के उबरने और लोकतंत्र के काम करने और इसमें विश्वास को उन्होंने (पाकिस्तान और हुर्रियत ने) मान्यता दी। इस बात को समझा कि मतदाता पर्ची लोगों की नियति है, न कि गोली या ग्रेनेड।’ उन्होंने कहा कि यह मतदाता पर्ची हमें भारत के संविधान ने दी है। जम्मू कश्मीर की अवाम की इसमें कहीं अधिक आस्था है। उन लोगों (सीमा पार के लोग और हुर्रियत) ने दखलंदाजी नहीं की, जैसा कि पहले हुआ करता था।
सईद ने रविवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के शीघ्र बाद कहा था कि शांतिपूर्ण चुनाव का श्रेय अवश्य ही सीमा पार के लोगों को जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हुर्रियत और आतंकवादी संगठनों ने पिछले साल दिसंबर में जम्मू कश्मीर में सौहार्द्रपूर्ण माहौल में विधानसभा चुनाव होने दिया।

इस बीच पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा,‘मेरे पिता ने विधानसभा चुनाव के संबंध में कुछ गलत नहीं कहा, संसदीय चुनाव की तुलना में हिंसा कम हुई। मैं उनके बयान के साथ हूं।’ उन्होंने कहा,‘यदि कुछ लोग उम्मीद करते हैं कि मेरे पिता यह कहें कि पाकिस्तान पर बम गिरा दो और हुरिर्यत नेताओं को दिल्ली में जेल में डाल दो…जैसा कि फारूक कहा करते थे…ऐसा कहने के लिए माफ कीजिएगा। लेकिन मेरे पिता ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करते।’

वहीं नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने सवाल उठाया कि क्या जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद और उनकी बेटी महबूबा मुफ्ती राज्य में पीडीपी-भाजपा गठबंधन को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उमर ने ट्विटर पर लिखा कि क्या मुफ्ती इस निर्णय पर पहुंच गए हैं कि मोदी-मुफ्ती मैत्री एक गलती थी? क्या पिता-पुत्री दोनों भाजपा पर गठबंधन तोड़ने का दबाव बनाने की कोशिश कर रहे? हैरानी की बात है।

सईद के बयान का विरोध करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि इसका श्रेय चुनाव आयोग को दिया जाना चाहिए। संसद के बाहर संवाददाताओं से मायावती ने कहा कि सईद की ओर से राज्य में सफल चुनाव का श्रेय किसी और को देना सही नहीं है। बसपा नेता ने जम्मू कश्मीर में भाजपा-पीडीपी गठजोड़ के जारी रहने पर संदेह जताते हुए कहा कि दोनों दलों की विचारधारा और नीति अलग है। ऐसे में उन्हें नहीं लगता कि यह गठबंधन सरकार लंबे समय तक चलेगी।

 

 

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