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मस्जिदों में हथियार बरामद होने की अफवाह, मुस्लिम समुदाय ने दिया जवाब

वायरल मैसेज पर मुस्लिम समुदाय ने हिंदुओं के बीच दरार पैदा करने की कोशिश वाले संदेशों पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए लोगों को मस्जिदों का दौरा करने का न्योता दिया है।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।

सोशल मीडिया में एक मैसेज वायरल हुआ जिसमें कहा गया कि जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान निरस्त होने के बाद घाटी की कई मस्जिदों से बड़ी हथियार बरामद किए गए थे। वायरल मैसेज पर मुस्लिम समुदाय ने हिंदुओं के बीच दरार पैदा करने की कोशिश वाले संदेशों पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए लोगों को मस्जिदों का दौरा करने का न्योता दिया है।

इस संदेश को नागपुर शहर के एक वकील ने अपने व्हाट्सएप ग्रुप पर पोस्ट किया था। जिसके बाद ग्रुप के सदस्य फरहान बैग ने संदेश पर नाराजगी जताते हुए पांच सितंबर को शहर की छोटी मस्जिद में हिंदू समुदाय से दौरा करने की पेशकश की। बैग ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ‘एक युवा वकील की इस पोस्ट को देखकर मुझे बहुत दुख पहुंचा, चूंकि वह एक अच्छे इंसान भी हैं। मैंने उनसे पूछा कि ऐसे मैसेज पोस्ट कर वह मुस्लिम समुदाय के खिलाफ गलतफहमी पैदा क्यों कर रहे हैं? इसके बाद मैंने शहर के बड़े धार्मिक नेताओं से मुलाकात की। फिर हमने सभी गैर मुस्लिमों को बुलाने का निर्णय लिया ताकि वह देखे कि छोटी मस्जिद कैसे काम करती है।’

बैग ने आगे कहा, ‘जिस वकील ने यह पोस्ट शेयर की…हालांकि बाद में उन्होंने इसके लिए मुझसे माफी मांगी। मैंने कहा कि ठीक है मगर उन्हें एक बार मस्जिद आना चाहिए और चीजों को खुद देखना चाहिए। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि वह मस्जिद जरूर आएंगे।’

बैग, जो स्थानीय मुस्लिम शिक्षण संस्थान और सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन के संस्थापक सदस्य हैं, ने इस बारे में मुस्लिम समुदाय के आला नेताओं, छोटी मस्जिद के इमाम मुफ्ती वलीउल्लाह और जामा मस्जिद के अध्यक्ष मिर्जा सलीम बैग से बात की। उन्होंने इन सभी लोगों से अपील की मस्जिद के दरवाजों गैर मुस्लिमों के लिए खोल दें ताकि वह खुद देख सकें कि धार्मिक स्थल कैसे काम करते हैं।

उन्होंने कहा, ‘ऐसा करने से दोनों नेता खुश थे। इसलिए हमने पांच सितंबर को शाम चार बजे का वक्त तय किया है। दौरा करने वाले नमाज पढ़ने के लिए स्वतंत्र होंगे। इस दौरान हम उन्हें चाय-नाश्ते के लिए भी पूछेंगे।’

गौरतलब है कि बैग ने जब से संवाददाता सम्मेलन में अपने इस विचार की घोषणा की तबसे उनका फोन लगातार बज रहा है। बैग ने बताया, ‘बहुत से लोगों ने मुझे फोन पर इसके लिए मुबारकबाद दी। उन लोगों ने मुझसे कहा कि वो कार्यक्रम में जरूर पहुंचेंगे।’

बैग के मुताबिक अगले महीने जामा मस्जिद का भी इसी तरह दौरा करवाया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘ऐसे बहुत से गैर मुस्लिम हैं जिनके बीच इस्लाम को लेकर गलतफहमी है। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि यह भाईचारे का धर्म है। भगवान सबके लिए एक है। मगर उनतक पहुंचने के रास्ते अलग-अलग हैं। हमें हमेशा उस तक पहुंचने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। यहीं हमारी मंजिल है।’

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