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अमित शाह ने बीजेपी मंत्रियों की ली ‘क्लास’, बोले- जाओ कश्मीर के लोगों से मिलो, उनकी समस्या दूर करो

रैना के मुताबिक, शनिवार को हुई पार्टी नेताओं की बैठक में घाटी में जारी हिंसा और तनाव को लेकर शाह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों की प्राथमिकता घाटी में शांति बहाल करने की है। हमारे अंदर इस परिस्थिति से निपटने की क्षमता है और हम इससे निपट लेंगे।

Author जम्मू | April 30, 2017 1:48 PM
जम्मू-कश्मीर यात्रा के लिए पहुंचे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह। (PTI Photo)

साल 2015 में बीजेपी और पीडीपी गठबंधन की सरकार बनने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर की यात्रा पर गए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अपने मंत्रियों को सलाह दी है। शाह ने मंत्रियों से कहा कि वह कश्मीर घाटी का दौरा करे और आम जन से मिले तथा पार्टी के आधार को मजबूत करें। शाह का यह बयान उस समय आया है जब राज्य के राज्यपाल एन एन वोहरा लोकसभा के उपचुनाव के दौरान हिंसा के बाद घाटी में स्थिति की जानकारी देने के लिए दिल्ली पहुंचे। वोहरा मंगलवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मंगलवार को मुलाकात कर सकते हैं।

जम्मू के नौशेरा से बीजेपी विधायक रविंदर रैना ने कहा, “पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि उन्हें केवल अपने विधानसभा क्षेत्र तक नहीं सीमित रहना चाहिए बल्कि कश्मीर के अंदरुनी क्षेत्रों में यात्रा करते रहना चाहिए। साथ ही घाटी के लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए।” उन्होंने पार्टी के मंत्रियों को उनके काम भी सौंपे हैं। शाह ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को कन्वेंशन सेंटर में संबोधित किया। शाह का दौरा ऐसा समय हुआ है जब राज्य की गठबंधन सरकार में शामिल दोनों घटक दल बीजेपी और पीडीपी में तनाव जारी है। दोनों दलों के बीच तनाव इस कदर बढ़ गया है कि गठबंधन टूटने तक के कयास लगाए जाने लगे हैं।

रैना के मुताबिक, शनिवार को हुई पार्टी नेताओं की बैठक में घाटी में जारी हिंसा और तनाव को लेकर शाह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों की प्राथमिकता घाटी में शांति बहाल करने की है। हमारे अंदर इस परिस्थिति से निपटने की क्षमता है और हम इससे निपट लेंगे। शाह ने जोर देकर कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और यहां रहने वाले भारतीय नागरिक हैं। बीजेपी हमेशा उनके साथ है। वे सभी भारतीय नागरिक और उनकी जान की रक्षा करना राज्य और केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। शाह ने घाटी में कानून-व्यवस्था को बहाल करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है और हम इसे जरुर पूरा करेंगे।

गौरतलब है कि हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर बुरहानी वानी के पिछले साल मारे जाने के बाद से घाटी में तनाव और हिंसा जारी है। बुरहान के मारे जाने के बाद उपद्रवियों ने सड़क पर उतर कर हिंसक प्रदर्शन और आगजनी शुरू कर दिया था। हालात को काबू करने के लिए सेना और सुरक्षबलों को बल प्रयोग करना पड़ा था। जिसमें कई लोग मारे गए थे। साथ ही सेना और सुरक्षाबलों के सैकड़ों जवान शहीद हो गए थे। हाल ही में श्रीनगर उपचुनाव के दौरान भी हिंसा की घटना सामने आई थी।

 

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