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शराब को मांझी ने बताया था ‘संजीवनी’, पहले भड़की JDU, अब बोले नेता- गलत नहीं कहा, सिस्टम-संस्कृति के हिसाब से पीनी चाहिए

पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने शराब को 'संजीवनी' कर दिया है। मांझी के इस तर्क पर जेडीयू विधायक ने कहा 'शराब को दवाई के तौर पर इस्तेमाल किया जाना चाहिए न कि इस पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।

जेडीयू विधायक श्याम बहादुर सिंह। फोटो: ANI

एक तरफ बिहार के मुख्यमंत्री पूरे देश में शराबंदी की बात कर रहे हैं तो दूसरी तरफ जेडीयू विधायक श्याम बहादुर सिंह ने कहा है कि शराब पीना गलत नहीं है। उन्होंने कहा है कि लोगों को सिस्टम और संस्कृति के हिसाब से शराब पीनी चाहिए। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने शराब को ‘संजीवनी’ कर दिया है।

मांझी के इस तर्क पर जेडीयू विधायक ने कहा ‘शराब को दवाई के तौर पर इस्तेमाल किया जाना चाहिए न कि इस पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। उन्होंने (मांझी) जो कहा वह गलत नहीं। अगर सिस्टम और संस्कृति के हिसाब से शराब पी जाए तो इसमें कुछ भी गलत नहीं।

बता दें कि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष मांझी ने गरीबों के लिए ‘थोड़ा शराब पीने को संजीवनी’ करार दिया था। इसके बाद उन्होंने बिहार में शराबबंदी के क्रियान्वयन पर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने नीतीश कुमार को चुनौती दी थी।

उन्होंने कहा था कि सरकार के सभी मंत्रियों और अधिकारियों के यहां छापेमारी करें, अगर शराब नहीं मिली तो राजनीति छोड़ देंगे। बिहार में आसानी से शराब मिल रही है। राज्य का बच्चा-बच्चा जानता है कि हर जगह आसानी से शराब उपलब्ध है।’

वहीं नीतीश कुमार का कहना है कि बिहार में शराब बंदी एक रोल मॉडल की तरह है इसे पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए। शराबबंदी का राजस्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। ऐसा करना धार्मिक, वैज्ञानिक और सामाजिक दृष्टिकोण से बेहद जरूरी है। यह बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि गांधीजी ने नशा मुक्ति के लिए जो मैसेज दिया था, देश ने उसे उस तरीके से नहीं माना।

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