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कारोबारियों में हाहाकार: झारखंड में बंद हुए सैकड़ों कारखाने, निशाने पर बीजेपी की रघुवर दास सरकार

व्यापारियों ने सरकार के विरोध में होर्डिंग लगाने की शुरुआत रांची में मुख्यमंत्री आवास के पास से की है। इस होर्डिंग पर लिखा है, 'व्यापारियों की मार्मिक पुकार- अब तो सुध लो सरकार'।

Jharkhand, industrialists, Chief minister, Raghuvar Das, Ranchi, FJCCI, Deepak Maroo, small sector industries, single-window system, business clearances, poor policies of the governmentफेडरेशन का कहना है कि राज्य भर में 10 हजार से अधिक औद्योगिक ईकाइयां बंद हो गई हैं। (प्रतीकात्मक फोटो)

अर्थव्यवस्था में मंदी की आहट से देश में विभिन्न सेक्टरों पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। इसका असर राज्यों में भी देखने को मिल रहा है। झारखंड में उद्योगों की खस्ता हालत से वहां के व्यापारियो में हाहाकार मचा हुआ है। यहां व्यापारी मौजूदा संकट में भाजपा की रघुवर दास सरकार पर असंवेदनशील होने का आरोप लगा रहे हैं।

व्यापारियों ने राजधानी रांची में मुख्यमंत्री आवास के सामने बैन लगाकर अपनी समस्याओं की सुध लेने की अपील की है। इसके अलावा शहर के विभिन्न स्थानों पर बैनर लगाकर सरकार से व्यापारियों ने अपनी समस्याओं को सरकार के सामने रखा है। फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) का कहना है कि राज्य भर में 10 हजार से अधिक औद्योगिक ईकाइयां बंद हो गई हैं।

फेडरेशन के अनुसार प्रदेश में दो साल पहले जिस तरह की बिजनेस के अनुकूल स्थितियां थीं वह अब पूरी तरह से बदल गई हैं। औद्योगिक विकास पूरी तरह से मंदा हो गया है। फेडरेशन के अध्यक्ष दीपक मारू ने बुधवार को रांची में चैंबर भवन में एक बैठक में कहा कि झारखंड में उद्योगों में तेजी आने की उम्मीद पूरी तरह से खत्म हो गई है। प्रदेश में औद्योगिक ईकाइयां अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही हैं।

राज्य सरकार की असंवेदनशीलता के कारण पिछले कुछ महीनों में करीब 1000 छोटी व बड़ी औद्योगिक ईकाइयों पर ताला लग चुका है। दीपक मारू ने कहा कि हमने मुख्यमंत्री, मंत्री और अफसरों समेत हर जिम्मेदार व्यक्ति तक अपना पक्ष रखने का प्रयास किया है लेकिन अभी तक हमारी समस्या का कोई हल नहीं निकला है। हमें अपनी बात रखने के लिए होर्डिंग के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है। इसकी शुरुआत हमने मुख्यमंत्री आवास के पास होर्डिंग लगाने से की है।

होर्डिंग पर लिखा है, ‘व्यापारियों की मार्मिक पुकार- अब तो सुध लो सरकार’। राज्य में व्यापारी बिजली की कमी, बिजनेस की क्लियरेंस के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के पूरी तरह से फेल हो जाने, पुलिस अधिकारियों की तरफ से ट्रांसपोर्टरों को परेशान किए जाने, औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत साधनों के अभाव के साथ ही लालफीताशाही, चोरी और अपराध की घटनाओं की समस्या को लगातार उठा रहे हैं। फेडरेशन का कहना है कि यदि सरकार उनकी बात नहीं सुनती है तो वह व्यापक रूप से विरोध प्रदर्शन करेंगे।

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