झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मंगलवार को घोषणा की कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी धरना स्थल पर पहुंचे। प्रदर्शन के 18 वें दिन मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे उपायुक्त, एसएसपी, एसपी, एडीएम समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे गई। इस दौरान आंदोलनरत छात्रों के बीच हलचल बढ़ गई।
वही, धरना-स्थल पर पहुंचे बाबूलाल मरांडी ने कहा, “आज सुबह मुझे पता चला कि पुलिस कल रात करीब 1: 30-2 बजे यहां आई थी। शहर के एसपी, एसएसपी और डीसी यहां पहुंचे थे और उन्होंने छात्रों को हटाने के लिए बल का प्रयोग भी किया और आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की। वे कह रहे थे कि जेपीएससी का काम हो चुका है तो अब आपको क्या चाहिए? असल में, जेपीएससी का काम हुआ ही नहीं है। वे कह रहे हैं कि हमने परीक्षा रद्द कर दी है लेकिन परीक्षा रद्द करना कोई समाधान नहीं है, समाधान यह है कि परीक्षा रद्द करने के कारणों की जांच की जाए और इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए। बच्चों की यही एकमात्र मांग है।”
बाबूलाल ने आगे कहा, “अब सरकार सीबीआई जांच से क्यों भाग रही है क्योंकि वे जानते हैं कि जिस दिन जांच होगी, जांच की गर्मी सत्ता संरचना के शीर्ष तक पहुंच जाएगी और इसलिए वे आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।”
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन जारी रखेंगे प्रदर्शनकारी
मंगलवार शाम को ‘मौन जुलूस’ में भाग लेने वाले मंच के सदस्यों ने कहा कि उन्होंने आंदोलन को और तेज करने का फैसला किया है और इसकी विस्तृत योजना जल्द ही साझा की जाएगी। यहां एक पत्रकार वार्ता में ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच’ के नेता रवींद्र पासवान ने कहा, “हमें उम्मीद थी कि सोमवार के प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार छात्रों के लिए कोई सकारात्मक संदेश लेकर आएगी। इस प्रदर्शन में राज्य भर से 50,000 से अधिक छात्रों ने भाग लिया था।” उन्होंने कहा, “लेकिन हमें सरकार की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। इसलिए, हमने फैसला किया है कि जब तक हमारी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, हम जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अपना आंदोलन जारी रखेंगे।”
छात्रों ने ‘मौन जुलूस’ निकाला
इससे पहले भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में ‘जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच’ की अगुवाई में छात्रों ने मंगलवार शाम यहां जयपाल सिंह स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक एक ‘मौन जुलूस’ निकाला। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के कामकाज में सुधार, कई परीक्षाओं को रद्द करने और सीबीआई या राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के एक पैनल से स्वतंत्र जांच कराने की मांग को लेकर छात्र व नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थी 25 जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर 6 प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं जिनमें से दो को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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झारखंड की राजधानी रांची में विधानसभा घेराव के दौरान सोमवार को छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने आज झारखंड बंद का आह्वान था। बंद के दौरान सड़कों पर बीजेपी कार्यकर्ता उतर गए। हरमू चौक पर टायर जलाकर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया है। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
