झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शनकारी छात्र आज रांची में ‘विधान सभा घेराव’ मार्च निकालने वाले हैं। इसके चलते शहर भर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। झारखंड पुलिस और प्रशासन ने मार्च से पहले व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है जिसके तहत जगन्नाथ मंदिर के पास मार्ग पर रेजर बाड़ लगाई गई है । राज्य विधानसभा के 750 मीटर के दायरे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 163 लागू कर दी गई है।

पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि राज्य विधानसभा के पास प्रस्तावित धरने-प्रदर्शन को देखते हुए सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) मनोज कौशिक ने कहा, “छात्रों के प्रस्तावित विधानसभा मार्च के दौरान अशांति की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है।” उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से मार्च में शामिल हों क्योंकि पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से जारी उनके प्रदर्शन में उन्होंने अनुशासन बनाए रखा है। एडीजी ने कहा, “यह सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है कि असामाजिक तत्वों और उपद्रव करने वालों को मार्च में शामिल होने से रोका जाए।”

रांची के प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती

रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने कहा कि मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “हम नहीं चाहते कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने के कारण किसी छात्र के करियर पर दाग लगे। शहर के प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ अवरोधक लगाए गए हैं।” एसएसपी ने बताया कि विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में छह अगस्त से 12 अगस्त तक निषेधाज्ञा पहले ही लागू की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि यह आदेश इन दिनों सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा।

छात्रों का दावा- सरकार ने उनकी मांगों को पूरी तरह से स्वीकार नहीं किया

विरोध प्रदर्शन कर रहे जेपीएससी-जेएसएससी के उम्मीदवारों का कहना है कि राज्य सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों को पूरी तरह से स्वीकार नहीं किया है जिनमें जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करना, कथित अनियमितताओं की जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार शामिल हैं।

पत्रकारों से बात करते हुए छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत के दूसरे दौर के बाद छात्रों ने पाया कि प्रशासन का दावा है कि उनकी अधिकांश मांगें मान ली गई हैं लेकिन प्रमुख मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं। उन्होंने राज्य भर के छात्रों से आज के मार्च में भाग लेने की अपील करते हुए कहा, “अगर आप टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द करवाना और सीबीआई जांच करवाना चाहते हैं और अगर आप जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करवाना और सीबीआई द्वारा इसकी जांच करवाना चाहते हैं तो कृपया विरोध प्रदर्शन में शामिल हों।”

प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग

एक अन्य छात्र नेता संजय मेहता ने कहा कि सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बावजूद, उम्मीदवारों की सभी मांगें स्वीकार नहीं की गई हैं। ” मेहता ने पत्रकारों से कहा, “हमारी प्रमुख मांगें हैं कि सीजीएल परीक्षा रद्द की जाए, सीजीएल मामले की सीबीआई जांच कराई जाए, सरकार हमारे द्वारा प्रस्तावित सुधार मॉडल को स्वीकार करे और हमारे द्वारा सुझाए गए भर्ती कैलेंडर का पालन करे। सरकार अगर इनमें से एक भी मांग पूरी नहीं करती है तो आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक ये मांगें पूरी नहीं हो जातीं।”

वहीं, भारतीय जनता पार्टी के नेता अमर बाउरी ने आरोप लगाया कि पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष आदित्य साहू को नजरबंद कर दिया गया है। भाजपा के प्रदेश महासचिव बाउरी ने कहा कि साहू के आवास के बाहर सुरक्षा बलों की तैनाती करके सरकार सफलता हासिल नहीं कर पाएगी।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, रांची में प्रस्तावित मार्च को देखते हुए रविवार आधी रात से जमशेदपुर में भी ऐसी ही निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। रांची जिला प्रशासन ने आंदोलनकारी छात्रों से किसी भी तरह के उग्र प्रदर्शन में शामिल नहीं होने की अपील की है। प्रशासन ने विधानसभा मार्च के दौरान हिंसा और गैरकानूनी गतिविधियों को लेकर भी चेतावनी दी है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि झारखंड के विभिन्न हिस्सों से राजधानी रांची आ रहे सैकड़ों छात्रों को पुलिस बलपूर्वक रोक रही है। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन में प्रवेश कर गया। इस दौरान कई छात्र भूख हड़ताल पर हैं।

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झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ चल रहे छात्रों के आंदोलन के बीच आयोग के तीन सदस्यों ने अपना इस्तीफा दे दिया है। राज्यपाल संतोष गंगवार ने तीनों सदस्यों का इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया है। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें