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झारखंड में मॉब लिंचिंंग: मुसलमान न होता तो आज जिंदा होता मेरा भतीजा- अंसारी के चाचा ने कहा, तीन महीने पहले ही हुई थी शादी

शनिवार(22 जून) को जूडिशल कस्टडी में रखे गए तबरेज की हालत खराब हुई और उसे तुरंत सदर अस्पताल और उसके बाद टाटा मेन हॉस्पिटल जमशेदपुर रेफर किया गया। लेकिन, उसकी हालत इतनी खराब थी कि डॉक्टर उसे बचा नहीं पाए।

Author June 24, 2019 2:19 PM
झारखंड में चोरी के रोप में मुस्लिम युवक को पीट-पीटकर मार डाला गया। (फोटो सोर्स: ट्विटर/वायर वीडियो)

झारखंड में चोरी के आरोप में भीड़ द्वारा मुस्लिम युवक की पिटाई और उसके बाद हुई मौत ने देश में मॉम लिंचिंग के विमर्श को फिर से ज्वलंत कर दिया है। चोरी के आरोप में लोगों ने तबरेज़ अंसारी को बिजली के खंबे से बांधकर पिटाई की और उससे ‘जय श्रीराम’ तथा ‘जय हनुमान’ के नारे लगवाए। शनिवार को 22 साल के तबरेज की पिटाई से मौत हो गई। तबरजे की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। शनिवार को जूडिशल कस्टडी में रखे गए तबरेज की हालत खराब हुई और उसे तुरंत सदर अस्पताल और उसके बाद टाटा मेन हॉस्पिटल जमशेदपुर रेफर किया गया। लेकिन, उसकी हालत इतनी खराब थी कि डॉक्टर उसे बचा नहीं पाए।

तबरेज अंसारी के चाचा मक़सूद आलम ने चोरी के आरोप को निराधार बताया। उनका कहना है कि तबरेज का कोई भी आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। आलम ने कहा, “आप ही सोचिए उसे चोरी के आरोप में पकड़ा जाता है, लेकिन उसे बांधा जाता है और घंटों पीटा जाता है। उसके बाद उससे जय श्रीराम के नारे लगवाए जाते हैं, जो कि दिल दहला देने वाला है।” मक़सूद आलम का कहना है, ” उसकी (तबरेज) गलती सिर्फ इतनी थी कि वह मुसलमान था। वर्ना आज वह जिंदा रहता।” आलम का यह भी आरोप है कि तबरेज के मौत की घोषणा की गई, तब वह जिंदा था। जब ईसीजी कराई गई तो उसकी सांसे चल रही थीं। हमने उसे टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) तुरंत शिफ्ट करने के लिए कहा। लेकिन, बाद में टीएमएच में उसकी मौत हो गई। हालांकि, डॉक्टर का कहना है कि तबरेज की मौत सदर अस्पताल में ही हो गई थी। लेकिन, हमने उनकी संतुष्टि के लिए टीएमएच ले जाने की अनुमति दी।

वहीं, इस मामले में पुलिस का कहना है कि हत्या के गुनहगारों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ित परिवार के साथ इंसाफ किया जाएगा। डिप्टी कमिश्नर चावी रंजन का कहना था कि तबरेज की मौत की ख़बर सुनते ही मामले में तुरंत जांच के आदेश दे दिए गए। तबरेज अंसारी के मां-बाप दुनिया में नहीं थे। तीन महीने पहले अप्रैल में ही उसकी शादी हुई थी। रिश्तेदारों का कहना है कि अब तबरेज भी दुनिया में नहीं है ऐसे में उसकी पत्नी की जिदंगी काफी चुनौतीपूर्ण हो गई है।

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