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झारखंड लिंचिंग केस में पांच अरेस्ट, पुलिसिया लापरवाही की हो रही जांच, पीड़ित परिवार ने सरकार से की मुआवजे की मांग

एक मोटरसाइकिल चुराने के संदेह पर पिछले सप्ताह कथित तौर पर कई घंटों तक बुरी तरह पिटाई के शिकार हुए तबरेज अंसारी ने चार दिन बाद दम तोड़ दिया था।

मॉब लिंचिंग का शिकार हुए तबरेज अंसारी के परिजन। (Photo: ANI)

झारखंड के सरायकेला खरसावां जिले में भीड़ द्वारा पिटाई से मुस्लिम युवक तबरेज आलम की मौत के आरोप में पुलिस ने पांच लोगों को लोगों को गिरफ्तार किया है। दो पुलिस अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया गया है। तबरेज आलम के परिजनों ने मांग की है कि दोषियों को आईपीसी की धारा 302 (हत्या के लिए दंड) के तहत सजा मिले। साथ ही पीड़ित के परिजनों ने तबरेज की पत्नी के लिए सरकारी नौकरी और मुआवजे की मांग की है। तबरेज की पत्नी ने कहा, “मुस्लिम होने के कारण उन्हें बेरहमी से पीटा गया। अब मेरा कोई सहारा नहीं है। मेरे पति ही मेरे सहारा थे। मुझे न्याय चाहिए।”

इस मामले पर सरायकेला खरसावां जिले के एसपी ने कहा, “हमने इस घटना को काफी गंभीरता से लिया है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।” इस घटना को लेकर पूरे देश में गुस्सा फूट पड़ा है। पुलिस ने एक विशेष जांच दल का गठन किया है। एक सरकारी बयान में कहा गया है कि दो अधिकारियों चंद्रमोहन उरांव और बिपिन बिहारी को “उच्च अधिकारियों को मामले की गंभीरता नहीं बताने” और “उसी दिन लिंचिंग का मामला दर्ज नहीं करने” के लिए निलंबित कर दिया गया है।

घटना के बारे में बोलते हुए झारखंड में एक मंत्री ने कहा कि भीड़ की हत्याओं का राजनीतिकरण करना गलत था। मंत्री सीपी सिंह ने कहा, “ऐसी घटनाओं को भाजपा, आरएसएस, वीएचपी और बजरंग दल के साथ जोड़ना इन दिनों एक ट्रेंड बन गया है। यह ‘कट और पेस्ट’ का समय है, कौन कहां किस शब्द को जोड़ दे, कहना मुश्किल है।”

गौरतलब है कि एक मोटरसाइकिल चुराने के संदेह पर पिछले सप्ताह कथित तौर पर कई घंटों तक बुरी तरह पिटाई के शिकार हुए तबरेज अंसारी ने चार दिन बाद दम तोड़ दिया था। इस घटना का एक कथित वीडियो सामने आया है जिसमें पीड़ित को ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’ बोलने के लिए विवश किया जा रहा है। पुलिस ने कहा कि हाल ही में निकाह करने वाले अंसारी की एक खंभे से बांधकर 18 जून को रात भर लाठियों से पिटाई की गई। इसके तीन दिन बाद उसने 21 जून को बेचैनी की शिकायत की जिसके बाद उसे सरायकेला सदर (जिला) अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने बताया कि अगले दिन उसे जमशेदपुर के टाटा मेन अस्पताल ले जाया गया। यहां उसने 22 जून को दम तोड़ दिया था।

इस घटना के एक वीडियो में भीड़ द्वारा अंसारी पर कथित तौर पर जबरन धार्मिक नारे लगवाने के लिये दबाव डाला जा रहा है। इस बारे में पूछे जाने पर कार्तिक एस ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ ‘‘सांप्रदायिक भावनाएं’’ भड़काने का मामला दर्ज किया गया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था।

यह घटना 18 जून को उस समय हुई जब तबरेज अंसारी अपने दो दोस्तों के साथ यहां से करीब 30 किलोमीटर दूर जमशेदपुर से पूर्वी सिंहभूमि जिला लौट रहा था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कुछ ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया और सरायकेला खरसावां जिले के धतकिडिह गांव में उस पर एक मोटरसाइकिल चुराने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि अंसारी के दोस्त बच निकलने में सफल रहे लेकिन उसे एक खंभे से बांध दिया गया और रात भर लाठियों से उसकी पिटाई होती रही।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इसके बाद ग्रामीणों ने उसे पुलिस को सौंप दिया। पुलिस अधिकारी ने कहा कि अंसारी की पत्नी ने एक शिकायत दर्ज कराई है जिसमें उसने कई लोगों के नाम लिए हैं। अंसारी की पत्नी शाइस्ता परवीन ने अपनी शिकायत में कहा, ‘‘उसे गिरफ्तार करने और जेल भेजने के बजाय पुलिस को उसे अस्पताल ले जाना चाहिए था।’’ (एजेंसी इनपुट के साथ)

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