ताज़ा खबर
 

संकट में फंसी बीजेपी: झारखंड में साथी ने दिया दगा, कर्नाटक में दो नेताओं की बगावत

विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को एक और झटका उस वक्त लगा जब पार्टी की पाकुड़ जिला इकाई के अध्यक्ष देवीधन टुडू ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया।

Author नई दिल्ली | Updated: November 12, 2019 11:17 AM
भाजपा नेता राजू कागे (सफेद कुर्ते में) ने बेंगलुरु में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया से मुलाकात की। (ANI)

झारखंड विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सहयोगी दल के उम्मीदवार घोषित होने के चलते भाजपा की मुश्किल बढ़ गई है। सोमवार (11 नंवबर, 2019) को एक सहयोगी दल ने उन सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की घोषणा की जहां भाजपा पहले ही अपने उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (AJSU) ने घोषणा की कि पार्टी सिमरिया, सिंदरी, चक्रधरपुर और मांडू से चुनाव लड़ेगी। खास बात है कि पार्टी चीफ सुदेश महतो ने नई दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह संग बैठक के बाद सोमवार सुबह इन सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की। पार्टी ने इसके अलावा आठ अन्य सीटों पर भी चुनाव लड़ने की घोषणा की है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ चक्रधरपुर से चुनाव लड़ेंगे।

विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को एक और झटका उस वक्त लगा जब पार्टी की पाकुड़ जिला इकाई के अध्यक्ष देवीधन टुडू ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें नजरंदाज किया गया है जिससे उनके स्वाभिमान को चोट पहुंची है। टूडु ने भाजपा झारखंड इकाई के अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस्तीफे में टूडु ने लिखा, ‘मैं पाकुड़ जिला अध्यक्ष पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूं।’

उन्होंने आरोप लगाया कि दो दशकों से अधिक समय तक पार्टी के लिए काम करने के बावजूद पार्टी ने उन्हें नजरंदाज कर उनके स्वाभिमान को चोट पहुंचाई है। टूडु ने 2009 और 2014 के विधानसभा चुनावों में महेशपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था लेकिन वह दोनों चुनावों में हार गए थे। झारखंड में 30 नवंबर से लेकर 20 दिसंबर तक पांच चरणों में मतदान होगा। विधानसभा चुनाव के परिणाम 23 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे। चुनाव के पहले चरण के लिए नामांकन भरने की आखिरी तारीख 13 नवंबर है।

इसी तरह कर्नाटक में पांच दिसंबर को होने जा रहे विधानसभा उपचुनाव से पहले भाजपा को झटका लगा है। दरअसल उप चुनाव में टिकट नहीं मिलने का दावा करते हुए भाजपा के पूर्व विधायक राजू कागे ने सोमवार को पार्टी से इस्तीफा देने और कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा की। कागवाड से चार बार विधायक रह चुके कागे ने दावा किया कि कांग्रेस नेतृत्व ने उपचुनाव में बेलगावी जिले की विधानसभा सीट से उन्हें टिकट देने की बात कही है।

कागे ने कहा, ’13 नवंबर को मैं पार्टी कार्यालय में कांग्रेस में शामिल हो जाऊंगा। मैंने कांग्रेस के सभी नेताओं से बातचीत की है और मुझे 18 नवंबर को कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र भरने की हरी झंडी मिल गयी है।’ उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस में इसलिए शामिल हो रहे हैं क्योंकि भाजपा ने उन्हें टिकट देने से ‘इंकार’ कर दिया और उनका ‘अपमान’ किया। उन्होंने कहा, ‘भाजपा नेताओं ने मुझसे कहा कि श्रीमंत पाटिल पार्टी के उम्मीदवार होंगे और मुझे उनकी जीत के लिए काम करना होगा और खुद तीन साल तक घर बैठना होगा।’

कर्नाटक में राजू कागे की तरह एक अन्य वरिष्ठ नेता अशोक पुजारी भी उपचुनाव में खुद की अनदेखी किए जाने से भाजपा से नाराज है। हालांकि पुजारी अभी भी पार्टी आलाकमान से बातचीत की कोशिश में जुटे हैं। उल्लेखनीय है कि पुजारी पिछला चुनाव कांग्रेस उम्मीदवार रमेश जारकीहोली से हार गए थे। जाकीहोली वही नेता है जिन्होंने कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार गिराने में अहम भूमिका निभाई थी। अब पांच दिसंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में उनको भाजपा से टिकट मिलने की उम्मीद है। हालांकि इसके लिए बुधवार तक इंतजार करना होगा मगर यह पूरी तरह से निश्चित है कि पार्टी उप-चुनावों में कांग्रेस-जेडीएस के बागियों को मैदान में उतार सकती है। (भाषा इनपुट)

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 AYODHYA VERDICT: राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने के फैसले पर बखेड़ा, सब दे रहे अपनी दलीलें!
2 सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में लगा श्रद्धालुओं का तांता, दान के लिए अपने संग ला रहें है ईंट
3 अब चुनाव आयुक्त लवासा के बेटे से जुड़ी इस कंपनी की जांच में जुटी ED, मांगे फंड्स से जुड़े कागजात
जस्‍ट नाउ
X