Jharkhand Student Protest: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के बीच शनिवार को दूसरे दौर की बातचीत हुई। यह वार्ता भी छात्रों की मांगों पर बिना किसी अंतिम निर्णय के समाप्त हो गई।
हालांकि, छात्रों का कहना है कि सरकार ने उनकी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना है और अब वे भूख हड़ताल वापस लेने का फैसला करने से पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष इन मुद्दों के उठाए जाने का इंतजार करेंगे।
मोरहाबादी में 11:30 बजे शुरू हुई महत्वपूर्ण बैठक
जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच का आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल झारखंड के ही जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित धरना स्थल से रवाना होकर सुबह लगभग 10:30 बजे मोरहाबादी के एक गेस्ट हाउस पहुंचा। इसके बाद सुबह करीब 11:30 बजे दोनों पक्षों के बीच बैठक शुरू हुई।
इस बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच द्वारा शुक्रवार रात रखी गई मांगों को दोहराने के साथ-साथ विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के उम्मीदवारों से जुड़ी कई अतिरिक्त मांगें भी रखीं, जिनमें टीजीटी परीक्षा और अन्य शिक्षक भर्ती परीक्षाओं से संबंधित मुद्दे शामिल थे।
सरकारी पक्ष ने मीडिया के जरिए छात्रों से सुझाव मांगे
बैठक में सरकार की ओर से झामुमो के सुदिव्य कुमार सोनू और चमरा लिंडा, कांग्रेस की दीपिका सिंह पांडे तथा राजद के संजय यादव ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद सुदिव्य कुमार सोनू ने मीडिया को संबोधित करते हुए छात्रों और उम्मीदवारों से अपील की कि वे अपने सुझाव और विचार एक ईमेल आईडी, jpsc.jssc.feedback@gmail.com पर भेजें, ताकि सरकार उनकी चिंताओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर सके।
मुख्यमंत्री के फैसले का इंतजार करेंगे आंदोलनकारी छात्र
छात्र प्रतिनिधि चंदन रजक ने बताया कि बैठक के दौरान छात्रों की मांगों को सुना गया है और अब इन्हें मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का निर्णय आने के बाद ही छात्र भूख हड़ताल और अपना आंदोलन वापस लेंगे। चंदन रजक के अनुसार, उन्होंने अपनी मांगें रख दी हैं और सरकार ने आश्वासन दिया है कि इन मुद्दों पर मुख्यमंत्री से बात की जाएगी, जिसके बाद ही कोई अगला कदम उठाया जाएगा।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन और भूख हड़ताल जारी
इससे एक दिन पहले शुक्रवार को छात्रों के पहले गुट, जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच, के साथ हुई वार्ता भी किसी ठोस नतीजे के बिना समाप्त हो गई थी। इस बीच, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। भूख हड़ताल पर बैठे दो छात्रों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया, जबकि कई अन्य प्रदर्शनकारियों की स्थिति भी अस्वस्थ बताई जा रही है।
दो दौर की वार्ता के बाद मांगों के क्रियान्वयन का इंतजार कर रहे छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और दोनों संगठनों के छात्र 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के लिए भी तैयार हैं।
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आईआईटी दिल्ली के दीक्षांत समारोह में शनिवार को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने संस्थान से पढ़ाई पूरी करने वाले छात्र-छात्राओं को डिग्री और मेडल प्रदान किए। इस मौके पर एक अवसर ऐसा भी आया जब उनकी बात सुनकर सारे छात्र-छात्राएं हंसने लगें। पढ़िए पूरी खबर
