JMM MP Marriage Controversy: झारखंड की राजमहल लोकसभा सीट से झारखंड मुक्ति मोर्चा यानी JMM के सांसद विजय हांसदा की हाल ही में शादी हुई है। इसमें राज्य के सीएम हेमंत सोरेन भी पहुंचे थे और यह शादी ही अब विवाद का विषय बन गई है। विजय हांसद की शादी ईसाई रिति रिवाज से संपन्न हुई है। उनकी शादी की तस्वीरें सोशळ मीडिया पर वायरल है और अब सांसद के एसटी सीट से सदस्य होने और आदिवासी होने को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।
दरअसल, हेमंत सोरने सरकार में मंत्री दीपिका सिंह ने एक्स पर 4 तस्वीरें शेयर कर सांसद को बधाई थी लेकिन इन्हीं तस्वीरों को लेकर विवाद हो गया है। तस्वीर में विजय हाँसदा के पीछे कई ईसाई पादरी खड़े नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाए हैं, कि वे आदिवासी समाज से आते हैं और ईसाई रितिरिवाज से शादी कर रहे है और क्या उन्होंने ईसाई धर्म अपनाया है।
सांसद ने छोड़ी आदिवासी संस्कृति
इस मुद्दे पर कंचन उगुरसंडी न एक यूजर ने लिखा, “आदिवासी समुदाय में शादियाँ घर पर होती हैं और इन्हें ‘पाहन’ (आदिवासी पुजारी) संपन्न कराते हैं। हमारी परंपराएँ, रीति-रिवाज़ और शादी के तौर-तरीके बिल्कुल अलग हैं। सांसद विजय कुमार हांसदा ने आदिवासी संस्कृति छोड़ दी है और ईसाई धर्म अपना लिया है। उसका आदिवासी संस्कृति और आदिवासियत से कोई लेना-देना नहीं है।”
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र
इस मुद्दे पर आईआरएस ऑफसर निशा उरांव का कहना है कि कोई जन्म से आदिवासी नहीं होता। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से भी साफ किया गया है कि आदिवासी के रीति रिवाज ही उसे आदिवासी बनाते हैं। माननीय सुप्रीम कोर्ट के कई निर्णय ने स्थापित किया है कि आदिवासी के मूल रीति रिवाज ही उसे ‘अनुसूचित जनजाति’ बनाते हैं।
इसके अलावा निशा उरांव ने कहा कि धर्मांतरण से जन्म, शादी, मृत्यु और कई अन्य संस्कार बदल जाते हैं। सरना आदिवासियों में पाहन- नायके सभी आदिवासी संस्कार कराते हैं जबकि धर्मांतरित आदिवासी के संस्कार उनके नए धार्मिक गुरु-पुजारी से कराया जाता है। उन्होंने बताया कि ईसाई धर्म में पादरी की ओर से किए जाने वाले मुख्य धार्मिक अनुष्ठान ‘संस्कार’ बपतिस्मा (जन्म संस्कार ) होता है, जिसमें जल के उपयोग से व्यक्ति को शुद्ध करके चर्च की सदस्यता प्रदान किया जाता है।
धर्म बदलने के बाद आदिवासी कैसे?
इसके अलावा एक ग्राउंड जीरो पॉलिटिक्स नाम के एक यूजर ने लिखा, “जिन लोगों को पिछले फोटो में सिर्फ ड्रेस दिख रहा था, उनके लिए सांसद विजय कुमार हांसदा के विवाह की एक और तस्वीर… और हां, सुप्रीम कोर्ट तथा हाईकोर्ट ने अपने कई फैसलों में यह स्पष्ट किया है कि ईसाई समाज में कोई जाति नहीं होती। जब आप धर्म बदल चुके हैं, तो ऐसा नहीं हो सकता है।
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