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Jharkhand: बाबूलाल मरांडी को मनाने में अमित शाह को लग गए 6 साल, जानिए क्या थी वजह

गौरतलब है कि साल 2006 में बीजेपी से मतभेद होने के बाद मरांडी ने पार्टी से इस्तीफा देकर झारखंड विकास मोर्चा का गठन किया था। अब 14 साल बाद वह फिर से भाजपा में लौटे हैं।

BabuLal Marandi, BJP, बाबूलाल मरांडी,गृहमंत्री अमित शाह के साथ बाबूलाल मरांडी।(फोटो-ANI)

झारखंड के पहले मुख्यमंत्री और झारखंड विकास मोर्चा के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को मनाने में पूर्व बीजेपी प्रमुख अमित शाह को 6 साल लग गए। दरअसल, बाबूलाल मरांडी झारखंड विकास मोर्चा -प्रजातांत्रिक का भाजपा में विलय कर दिया। अमित शाह ने खुद इस राज से पर्दा उठाया है कि आखिर मरांडी को मनाने में छह साल क्यों लग गए।

इस दौरान अमित शाह ने मंच से कहा कि , जब मैं भाजपा का अध्यक्ष बना का तब से ही बाबू लाल मरांडी को भाजपा में लाने की कोशिश कर रहा हूं लेकिन किसी ने कहा था कि वह काफी जिद्दी हैं। उन्हें आसानी से नहीं मनाया जा सकता। वह अब झारखंड की जनता की इच्छा पर बीजेपी में शामिल हो गए हैं।

इस दौरान अमित शाह ने मरांडी की तारीफ करते हुए कहा कि , उनके बीजेपी में आ जाने से झारखंड में बीजेपी की ताकत काफी बढ़ जाएगी। अमित शाह ने कहा कि लोग कहते हैं कि बीजेपी झारखंड में चुनाव हार गई लेकिन बीजेपी का लक्ष्य सरकार बनाना नहीं बल्कि राष्ट्र का निर्माण करना है।

बताया जा रहा है कि बाबूलाल मरांडी को भाजपा में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। खबरों की मानें तो बाबूलाल मरांडी को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया जा सकता है। हालांकि मरांडी ने कहा कि उन्हें किसी पद का लालच नहीं है, वह बीजेपी में एक आम कार्यकर्ता के तौर पर पार्टी में शामिल हो रहे हैं।

गौरतलब है कि साल 2006 में बीजेपी से मतभेद होने के बाद मरांडी ने पार्टी से इस्तीफा देकर  झारखंड विकास मोर्चा -प्रजातांत्रिक का गठन किया था। अब 14 साल बाद वह फिर से भाजपा में लौटे हैं। मरांडी नवंबर 2000 से मार्च 2003 तक झारखंड के मुख्यमंत्री थे। वह चार बार सांसद रहे हैं।

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