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लिंचिंग, हिंसा की फैक्ट्री बन चुका है झारखंड, हर हफ्ते मारे जाते हैं दलित और मुसलमान- गुलाम नबी आजाद का बयान

उनके मुताबिक, "मेरी गुजारिश है कि आप अपना न्यू इंडिया अपने पास ही रखें और हमें हमारा पुराना भारत लौटा दें, जहां प्यार और संस्कृति जैसी चीजें थीं। मुस्लिमों और दलितों को जब चोट पहुंचाई जाती है, तब हिंदुओं को बहुत दर्द होता है।"

Author नई दिल्ली | June 24, 2019 5:25 PM
राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटोः अनिल शर्मा)

राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि झारखंड हिंसा की फैक्ट्री बन चुका है और वहां हर हफ्ते दलित व मुसलमान मारे जाते हैं। आजाद ने यह बात सूबे में चोरी के शक पर एक मुसलमान शख्स की पिटाई के मसले पर कही, जिसकी बाद में मौत हो गई। सोमवार (24 जून, 2019) को सदन में उन्होंने कहा, “झारखंड लिंचिंग और हिंसा की फैक्ट्री बन चुका है। दलित और मुसलमान वहां हर हफ्ते मारे जाते हैं। पीएम, हम आपके साथ ‘सबका साथ सबका विकास’ वाली लड़ाई में साथ हैं, पर ये लोगों को नजर आना चाहिए। हमें ऐसा कहीं नहीं नजर आता है।”

उनके मुताबिक, “मेरी गुजारिश है कि आप अपना न्यू इंडिया अपने पास ही रखें और हमें हमारा पुराना भारत लौटा दें, जहां प्यार और संस्कृति जैसी चीजें थीं। मुस्लिमों और दलितों को जब चोट पहुंचाई जाती है, तब हिंदुओं को बहुत दर्द होता है।”

आजाद के अनुसार, पुराने भारत में किसी प्रकार की नफरत, गुस्सा या फिर लिंचिंग की घटनाएं नहीं होती थीं। पर नए भारत में इंसान ही इंसान का दुश्मन बन चुका है। आप जंगल में जानवरों से नहीं डरेंगे, लेकिन आप कॉलोनी में रहने वाले लोगों से जरूर भयभीत हो जाएंगे। हमें वह भारत वापस लौटा दें, जहां हिंदु, मुसलमान, सिख और ईसाइ एक दूसरे के साथ मिलकर रहते हैं।

उन्होंने इसके अलावा मालेगांव धमाका केस की आरोपी और मध्य प्रदेश के भोपाल से बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को बचाने के लिए भी सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधा। कहा- एक तरफ तो बीजेपी गांधी जी के जन्म की 150वीं जयंती मनाने जा रही, पर उनकी पार्टी के जिस व्यक्ति ने खुले आम बापू के हत्यारे की प्रशंसा की, उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। ऐसा कैसे हो सकता है, इस पर कोई कैसे बचाव कर सकता है?

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