झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर छात्रों को फिर एक बार सरकार ने बातचीत का ऑफर दिया है। ADM (कानून-व्यवस्था) धनंजय कुमार रविवार रात प्रदर्शन स्थल पहुंचे और छात्रों से मुलाकात की।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने के बाद, ADM (कानून-व्यवस्था) धनंजय कुमार ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल को, उनके कानूनी सलाहकार के साथ, कल दोपहर दो बजे बैठक के लिए बुलाया गया है।

धरनास्थल पहुंचे ADM

उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया, “छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल को कल दोपहर 2 बजे बैठक के लिए बुलाया गया है। हम छात्रों से इस बैठक में शामिल होने का अनुरोध करने आए हैं। यह चर्चा दोपहर 2 बजे रांची स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में होगी। सरकार की ओर से मंत्रियों का वही समूह मौजूद रहेगा। कल स्टेट गेस्ट हाउस में मंत्रियों के साथ चर्चा होगी। हम यही निमंत्रण देने आए हैं।”

‘क्या उनकी मंशा वाकई साफ है?’

इस जानकारी की छात्र नेता रवींद्र पासवान ने भी पुष्टि की और कहा, “अभी SDO हमसे मिलने आए थे। हमें बातचीत का ऑफर दिया गया है और कल हम सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा करेंगे। यह सच है कि सरकार ने बातचीत का प्रस्ताव दिया है और हम उसमें शामिल होंगे, लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा कि क्या सरकार हमारी मांगों को लेकर सच में गंभीर है। क्या उनकी मंशा वाकई साफ है? मुझे तो ऐसा नहीं लगता, हालांकि शायद कल वे इसे साफ कर दें।”

‘आपने तो पहले ही परीक्षा के पेपर बेच दिए’

आगे रवींद्र पासवान ने कहा, “पिछले एक-दो दिनों से हमने देखा है कि सरकार हमारे सदस्यों को अलग-थलग करने की कोशिश कर रही है। लेकिन असल में, आप क्या कर सकते हैं? आपने (सरकार) तो पहले ही परीक्षा के पेपर बेच दिए। जब ​​किसी ने पेपर लीक का खुलासा किया, तो आपने उस व्यक्ति को जेल भेज दिया। जिस व्यक्ति ने पेपर लीक के मुद्दे के खिलाफ लड़ाई लड़ी, उसी पर आपने CID का केस दर्ज कर दिया।”

छात्रों ने सरकार को दी चेतावनी

छात्र नेता ने झारखंड सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, “आज जब हम छात्र एकजुट हैं, तो आप हमारी एकता को तोड़ने और हमारे सदस्यों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। अगर आप हमारे साथियों, हमारे सदस्यों या JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच को तोड़ने की कोशिश करेंगे, तो यह आंदोलन और तेज होगा। अगर हमारी जायज मांगें पूरी नहीं हुईं, तो हम 20 अगस्त को एक बार फिर अपनी यह एकता दिखाएंगे।”

देवेंद्र नाथ महतो भी हो सकते हैं बातचीत में शामिल

राज्य सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत के नए दौर पर, देवेंद्र नाथ महतो गुट के एक प्रदर्शनकारी रामावतार महतो ने कहा, “अगर सरकार हमें कल दोपहर 2 बजे बुलाती है, तो सबसे पहले हमें अपने छात्र नेता के बारे में सोचना होगा, जिन्होंने इस विरोध प्रदर्शन में सबसे अधिक समय दिया है और इसे इस मुकाम तक पहुँचाया है; हमें शुरू से ही उनका साथ मिला है। देवेंद्र नाथ महतो कोई नया चेहरा नहीं हैं। 25 तारीख को जब हमने अपना ‘सत्याग्रह’ शुरू किया था, तब से ही उन्होंने हम छात्रों का साथ दिया है। वे अभी यहाँ नहीं हैं; वे सदर अस्पताल में हैं।

आगे कहा, “हमारी योजना कल सुबह 10:30 बजे अस्पताल जाने की है। अगर उनकी तबीयत ठीक रही, तो हम उन्हें डिस्चार्ज करवाकर सुबह 11:00 बजे यहाँ ले आएँगे। उनके यहाँ आने के बाद, हम तय किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ेंगे। अगर बैठक दोपहर 2 बजे होती है, तो हम एक प्रतिनिधिमंडल के तौर पर जाएँगे, जिसमें वे और अन्य छात्र शामिल होंगे, और सरकार के सामने अपनी बात रखेंगे।”

जलाए गए हेमंत सोरेन और राहुल गांधी के पुतले

इधर अल्बर्ट एक्का चौक पर छात्रों ने झारखंड सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किए और उन्होंने पुतले जलाए। इसके अलावा, हजारीबाग में भी बड़ी संख्या में झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के अभ्यर्थियों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, लोकसभा नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव के पुतले भी जलाए।

यह भी पढ़ें: ’20 तारीख याद रखिए’, छात्रों ने झारखंड सरकार को दी चेतावनी

झारखंड में JPSC और JSSC CGL परीक्षा में कथित धांधली और गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आक्रोश अपने चरम पर है। आंदोलन के 22वें दिन अभ्यर्थियों ने प्रेस वार्ता कर सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें