झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में कथित रूप से धांधली और पेपर लीक को लेकर रांची में चल रहे छात्रों के आंदोलन को 16 दिन पूरे हो गए हैं। अभी तक सरकार और छात्रों के बीच हुई बातचीत बेनतीजा रही है, लेकिन इस बीच एक बड़ी खबर ये है कि झारखंड सरकार 14वीं जेपीएससी प्रीलिम्स परीक्षा समेत तीन एग्जाम को कैंसिल करने का विचार कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से यह जानकारी सामने आ रही है।
कौन सी परीक्षाएं हो सकती हैं रद्द?
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड सरकार रविवार को स्टूडेंट्स के साथ बातचीत करने के बाद तीन एग्जाम को कैंसिल करने की घोषणा कर सकती है। रविवार को रांची में चल रहे छात्रों के प्रदर्शन का 16वां दिन है। रिपोर्ट के मुताबिक, हेमंत सोरेन सरकार जिन 3 परीक्षाओं को रद्द कर सकती है उनमें 2023, 2025 और 2026 की 14वीं प्रीलिम्स परीक्षा शामिल है।
नौकरी का संकट हो सकता है पैदा
इंडिया टुडे के मुताबिक, राज्य सरकार अगर इन परीक्षाओं को रद्द करती है तो 2023 और 2025 की भर्ती में नौकरी पाने वाले उम्मीदवारों की नौकरी पर भी संकट हो सकता है। उस भर्ती के दौरान भरी जाने वाली सीटों को अमान्य माना जाएगा। बता दें कि जेपीएससी-जेएसएससी विवाद को लेकर रांची में स्टूडेंट लीडर देवेंद्र नाथ महतो अनिश्चित भूख हड़ताल पर हैं।
‘जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी अनशन जारी रहेगा’
बता दें कि झारखंड सरकार और छात्रों के बीच आज तीसरे दौर की बातचीत हो रही है। सरकार और छात्रों के बीच इस बैठक में अनशन पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका सिंह पांडेय, चमरा लिंडा और संजय सिंह यादव ने वीडियो कॉल के जरिए बात की। मंत्रियों ने देवेंद्र से कहा कि उनकी मांगें पूरी कर दी जाएंगी और वे भूख हड़ताल खत्म कर दें। वहीं, देवेंद्र ने सभी मंत्रियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि जब तक मांगें लिखित रूप में पूरी नहीं होतीं, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा यह विवाद
JPSC-JSSC पेपर लीक विवाद को लेकर सरकार और छात्रों के बातचीत के दूसरी तरफ यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। एक सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन ने सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की है। इस याचिका में 19 अप्रैल को हुई JPSC प्रीलिम्स परीक्षा को रद्द करने की मांग की गई है और साथ ही पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग की गई है। संभावना है कि इस याचिका पर जल्द ही सुनवाई की जाएगी।
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झारखंड में JPSC-JSSC पेपर लीक को लेकर चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। दरअसल, एक सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन ने सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की है। इस याचिका में 19 अप्रैल को हुई JPSC प्रीलिम्स परीक्षा को रद्द करने की मांग की गई है और साथ ही पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग की गई है। यहां पढ़ें पूरी खबर…
