ताज़ा खबर
 

झारखंड चुनाव: बागी पड़ेगा BJP पर भारी? जानें सीएम रघुबर दास की सीट समेत दो क्षेत्रों में क्यों बदल गए समीकरण

बीजेपी की ओर से टिकट न देने के बाद राय ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर सीएम के खिलाफ उतरने का फैसला किया। सरयू राय की मानें तो रघुबर दास चाहते ही नहीं थे कि वह चुनाव लड़ें। राय के चुनावी मैदान में उतरने के बाद यहां लोगों की राय बंटी हुई नजर आती है।

Author जमशेदपुर | Updated: December 4, 2019 10:11 AM
जमशेदपुर पूर्व में एक सभा को संबोधित करते सरयू राय। (indian express photo)

jharkhand elections, Saryu Roy: झारखंड के पूर्व मंत्री और बीजेपी के बागी नेता सरयू राय इस विधानसभा चुनाव में सीएम रघुबर दास के खिलाफ चुनावी ताल ठोक रहे हैं। सोमवार को वह जमशेदपुर पूर्व विधानसभा के लक्ष्मीनगर इलाके में नजर आए। यहां करीब 200 लोगों की भीड़ के सामने राय ने अपनी ‘निस्वार्थ सेवाओं’ के बारे में बताया। उनके मुताबिक, सीएम के खिलाफ उतरने का मुख्य मकसद ‘भ्रष्टचार को जड़ से मिटाना’ है।

बीजेपी की ओर से टिकट न देने के बाद राय ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर सीएम के खिलाफ उतरने का फैसला किया। सरयू राय की मानें तो रघुबर दास चाहते ही नहीं थे कि वह चुनाव लड़ें। राय के चुनावी मैदान में उतरने के बाद यहां लोगों की राय बंटी हुई नजर आती है। कहना गलत नहीं होगा कि जमशेदपुर पूर्व और जमशेदपुर पश्चिम सीट पर राजनीतिक समीकरण अब पूरी तरह बदल चुके हैं।

जमशेदपुर पश्चिम सीट पर बीजेपी ने एक नए चेहरे देवेंदर सिंह को उतारा है। उनके खिलाफ कांग्रेस की ओर से पूर्व विधायक बन्ना गुप्ता प्रत्याशी हैं। ओवैसी की एवाईएमआईएम और जेवीएमपी भी मैदान में है। वहीं, जमशेदपुर पूर्व में कांग्रेस ने रघुबर दास के खिलाफ गौरव वल्लभ को उतारा है। यहां जेवीएम ने अभय सिंह को मौका दिया है। यहां मतदान 7 दिसंबर को होगा।

लक्ष्मीनगर में मौजूद लोग राय के पक्ष में शोर मचाते नजर आएं। वहीं, राय के पूर्व विधानसभा क्षेत्र जमशेदपुर पश्चिम के दिमना चौक पर स्थित एक स्थानीय सलून में लोग सियासी बहस में उलझे नजर आए। ये इस बात पर चर्चा कर रहे थे कि सरयू राय की गैर मौजूदगी में बीजेपी या कांग्रेस, किसे बढ़त मिलेगी। उनकी राय बंटी हुई नजर आती है। दरअसल, कुछ बीजेपी समर्थक इस बार कांग्रेस को वोट देने की बात कह रहे हैं। बता दें कि 2014 के चुनाव में राय को यहां 95,323 वोट मिले थे जबकि कांग्रेस के गुप्ता को 84,803 वोट मिले थे।

60 की उम्र पार कर चुके राम विलास ठाकुर कहते हैं, ‘मैं एक समर्पित बीजेपी कार्यकर्ता हूं। अगर सरयू राय चुनाव लड़ रहे होते तो मैं उनको समर्थन देता। लेकिन मैं नए प्रत्याशी को नहीं जानता। वहीं, दूसरी ओर, लोग बन्ना गुप्ता और उनके काम के बारे में जानते हैं।’ हालांकि, सैलून में मौजूद एक दूसरा ग्राहक ठाकुर की इस दलील से सहमत नहीं है। वह कहता है, ‘एआईएमआईएम और कांग्रेस एक दूसरे का वोट काटेंगे और बीजेपी को फायदा होगा।’ बता दें कि इस विधानसभा क्षेत्र में मुसलमानों की ठाक-ठाक तादाद है। कई सूत्र इनकी आबादी 1 लाख के आसपास बताते हैं।

जमशेदपुर पूर्व की बात करें तो यहां पिछले चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार विजेता रघुबर दास से काफी पीछे था। रघुबर दास को जहां 1,03,418 वोट मिले थे, वहीं कांग्रेस के खाते में बस 33,261 वोट ही आए थे। कांग्रेस ने इस बार झारखंड मुक्ति मोर्चा और आरजेडी के साथ गठबंधन किया है। पार्टी ने यहां एक्सएलआरआई के प्रोफेसर गौरव वल्लभ को उतारा है।

हालांकि, विधानसभा में नेता विपक्ष और झारखंड मुक्ति मोर्चा के वर्किंग प्रेसिडेंट हेमंत सोरेन ने सरयू राय का समर्थन किया। सरयू की उम्मीदवार घोषित करते ही उन्हें समर्थन का ऐलान करते हुए सोरेन ने कहा कि राय ने पिछले पांच साल के भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई है और अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा, ‘अगर सरयू राय सीएम के खिलाफ लड़ते हैं तो मैं पूरे विपक्ष को अपील करता हूं कि वह उन्हें समर्थन दे।’ राय ने हाल ही में सोरेन और झारखंड मुक्ति मोर्चा को उनके समर्थन के लिए सोशल मीडिया पर धन्यवाद भी दिया था।

इस वजह से वोटर भी थोड़ा कन्फ्यूज है। एक वोटर ने कहा, ‘झारखंड मुक्ति मोर्चा के समर्थन करने की वजह से लड़ाई अब राय और रघुबर दास के बीच में है। हम उसी के हिसाब से वोट देंगे।’ वहीं, रघुबर दास जनता की राय में साफ विजेता बनकर उभरते नजर नहीं आ रहे। खुद को बीजेपी समर्थन बताने वाले कई लोगों ने द इंडियन एक्सप्रेस से दावा किया कि वे इस बार एक ‘साफ छवि वाले’ नेता को वोट देंगे। उनका इशारा राय की तरफ था।

एक चाय वले से लेकर कई ऑटोरिक्शा चालकों ने कहा कि वे रघुबर दास से खुश नहीं हैं। कुछ का तो यह भी कहना है कि कांग्रेस के वल्लभ को भी काफी वोट मिल जाएंगे। ऑटो ड्राइवर बबलू सिंह ने कहा, ‘हम जानते हैं कि राय ने लोगों के कई मुद्दे उठाए हैं। उनकी छवि एक ईमानदार नेता की रही है। हमने पिछली चुनाव में आखिरी बार (बीजेपी को) समर्थन दिया था। हम इस बार बदलाव चाहते हैं।’

वहीं खोमचा विक्रेता शंभूनाथ ने कहा, ‘यह सच है की लोग राय को समर्थन दे रहे हैं लेकिन मैं बीजेपी का समर्थन करता हूं। इसी सरकार ने मुझे घर पर राशन पहुंचाया है और मैं मोदी जी को वोट दूंगा।’ उधर, स्टील कंपनी में सुपरवाइजर अजय झा ने कहा, ‘कई ब्लॉक महीनों से बंद हैं। कई मजदूरों की नौकरियां छिन गईं। प्याज 100 रुपये किलो बिक रहा है, विकास कहां है? रघुबर दास ने हमारे लिए अच्छा नहीं किया। हम इस बार राय को समर्थन देंगे।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 गवर्नर आनंदीबेन पटेल को धमकी- 10 दिन में खाली नहीं किया राजभवन तो डायनामाइट से उड़ा देंगे
2 Noida और Greater Noida के बीच नई मेट्रो लाइन को मिली मंजूरी, गौर सिटी समेत इन इलाकों से कनेक्ट होंगे 9 स्टेशन
3 दीवार पर 500 रुपए चिपका कर लिखा- सबको एक चिता पर ही जलाना, दो बच्चों को मारकर पत्नी और एक औरत के साथ कूद गया
जस्‍ट नाउ
X