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24 दिन से जारी ज्वैलर्स की हड़ताल, समर्थन में उतरे केजरीवाल

आभूषणों पर एक फीसद उत्पाद शुल्क लगाए जाने के खिलाफ सर्राफा व्यापारियों ने अपनी हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है। व्यापारी देश भर में भाजपा के खिलाफ आंदोलन भी छेड़ेंगे।

Author नई दिल्ली | Updated: March 27, 2016 1:54 AM
(Photo- financial express)

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि बिना चांदी वाले आभूषणों पर एक फीसद उत्पाद शुल्क लगाने से ‘इंसपेक्टर राज और भ्रष्टाचार’ बढ़ेगा। उन्होंने व्यापक विरोध के बावजूद केंद्र के इस फैसले के लिए उस पर निशाना साधा। शुक्रवार को कुछ आभूषण विक्रेताओं ने केजरीवाल से उनके आवास पर मुलाकात की और उत्पाद शुल्क लगाए जाने के बजट प्रस्ताव के खिलाफ रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली का नेतृत्व करने का अनुरोध उनसे किया। केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘आभूषण विक्रेता संघों ने आज मुझसे मुलाकात की। नए उत्पाद शुल्क का मतलब इंसपेक्टर राज और भ्रष्टाचार। पूरे भारत में कड़ा विरोध, तब भी केंद्र अडिग’। सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री रैली की अगुआई कर सकते हैं।

आभूषणों पर एक फीसद उत्पाद शुल्क लगाए जाने के खिलाफ सर्राफा व्यापारियों ने अपनी हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है। व्यापारी देश भर में भाजपा के खिलाफ आंदोलन भी छेड़ेंगे। यह फैसला आॅल इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एंड स्वर्णकार फेडरेशन के सम्मेलन में लिया गया है। सम्मेलन में देश भर से आए सर्राफा एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई। व्यापारियों का कहना है कि जब तक सरकार एक फीसद उत्पाद शुल्क को वापस नहीं लेगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सर्राफा व्यापारियों की हड़ताल का शुक्रवार को 24वां दिन था।

सम्मेलन में आॅल इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एंड स्वर्णकार फेडरेशन के अध्यक्ष प्रवीन गोयल ने कहा कि आभूषणों पर से उत्पाद शुल्क को वापस लेने के अलावा कोई प्रस्ताव व्यापारियों को स्वीकार नहीं है। इस बीच व्यापारियों के संगठन कन्फेडरेशन आॅफ आॅल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने एक बार फिर सरकार से आग्रह किया है कि वह गतिरोध को दूर करने के लिए सर्राफा व्यापारियों से बातचीत करे। फेडरेशन के महामंत्री योगेश सिंघल ने बताया कि इस बैठक में विभिन्न राज्यों के 375 से ज्यादा प्रमुख संगठनों ने भाग लिया जिसमें व्यापारी, निर्माता, रिटेलर, स्वर्णकार, कारीगर, डिजाइनर सहित छोटे कर्मचारियों के संगठन शामिल थे।

गोयल और सिंघल ने अगले हफ्ते देश भर में एक समान विरोध कार्यक्रमों की शृंखला की घोषणा करते हुए कहा कि 28 तारीख से शुरू हो रहे विरोध कार्यक्रमों में देश भर के सर्राफा व्यापारी वित्तमंत्री अरुण जेटली को अपनी दुकानों की चाबियां सौंपेंगे वहीं अन्य दिनों में सभी सांसदों का घेराव कर उन्हें मांगपत्र सौंपना, मानव शृंखला बनाना और अपनी दुकानों की रजिस्ट्री वित्त मंत्री के नाम करना शामिल होगा। इन कार्यक्रमों की तारीखें शनिवार को घोषित होंगी।

आपको बता दें कि दो मार्च से देश भर के लगभग तीन लाख से अधिक ज्वेलर्स, स्वर्णकार और अन्य लोग हड़ताल पर हैं। वतर्मान में भारतीय ज्वेलरी इंडस्ट्री लगभग 3.15 लाख करोड़ रुपए की है जिसके 2018 तक पांच लाख करोड़ तक पहुंचने की संभावना है। केंद्रीय बजट में ज्वेलरी व्यवसाय पर बिना इनपुट के्रडिट के एक फीसद उत्पाद शुल्क लगाया गया है और इनपुट क्रेडिट लेने की स्थिति में यह शुल्क 12.5 फीसद होगा। व्यापारियों का कहना है कि एक्साइज कानून में प्रस्तावित कागजी प्रक्रिया को पूरा करना उनके लिए संभव नहीं है क्योंकि इस व्यवसाय में बड़ी संख्या में छोटे कारीगर, स्वर्णकार आदि ज्वेलरी बनाते हैं जो मौटे तौर पर अशिक्षित होने के कारण कानूनी प्रक्रिया का पालन कर ही नहीं पाएंगे।

 

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