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Demonetisation: जेटली ने बताई उपलब्धि, मनमोहन सिंह बोले- वक्त के साथ गहरे होते जाएंगे नोटबंदी के जख्म

नोटबंदी के दो साल पूरे होने पर जहां केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताई। वहीं, देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि वक्त के साथ नोटबंदी के जख्म और गहरे होते जाएंगे।

नोटबंदी के दो साल पूरे होने पर सरकार और विपक्ष में तकरार (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज से ठीक दो साल पहले 8 नवंबर 2016 की रात करीब आठ बजे अचानक पूरे देश में चल रहे एक हजार और पांच सौ रुपये के नोट को वापस लेने का ऐलान किया गया। इस फैसले से पूरे देश में हलचल मच गई थी। मोदी सरकार ने कहा था कि यह नोटबंदी देश से काले धन को समाप्त करने सहित अन्य कारणों की वजह से किया जा रहा है। वहीं, विपक्षी दलों ने जमकर इसकी आलोचना की थी। देश की जनता को अपने ही पैसे बैंक में जमा करने और उन्हें निकालने के लिए घंटों लाइन में लगने पड़े। आज नोटबंदी के दो साल पूरे हो चुके हैं। दो साल पूरे होने पर जहां केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताई। वहीं, देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि वक्त के साथ नोटबंदी के जख्म और गहरे होते जाएंगे। नोटबंदी देश की अर्थव्यवस्था की तबाही वाला कदम था। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे विपदा करार दिया।

केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा, “आज नोटबंदी के दो साल पूरे हो गए। इन दो सालों में यह स्थापित हो गया कि यह सरकार द्वारा लिया गया महत्वपूर्ण फैसला था। देश की अर्थव्यवस्था पर इसका एक बड़ा असर दिख रहा है। सरकार ने सबसे पहले देश के बाहर के कालेधन पर निशाना साधा। जुर्माने के साथ टैक्स चुका संपत्तियों को वापस लाने को कहा गया और ऐसा नहीं करने वालों के उपर काला धन कानून के तहत उनके उपर मुकदमा चलाया जा रहा है। नोटबंदी का प्रभाव देश में आयकर देने वालों की बढ़ती संख्या के रूप में दिख रहा है। पिछले साल की तुलना में वित्तीय वर्ष 2018-19 में इसमें 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई। यहां तक की कॉरपोरेट टैक्स जमा करने में भी 19.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई।”

वित्त मंत्री ने आगे कहा, “नोटबंदी और जीएसटी लागू होने की वजह से कैश ट्रांजेक्शन पर नियंत्रण हुआ है। डिजिटल ट्रांजेक्शन काफी ज्यादा बढ़ गया है।वर्ष 2014 के मई महीने में आयकर जमा करने वालों की कुल संख्या मात्र 3.8 करोड़ थी। वहीं, अब यह बढ़कर 6.86 करोड़ हो चुकी हे। इस वजह से सरकारी खजाने में भी राशि बढ़ी है, जिसका इस्तेमाल इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण, सोशल सेक्टर और ग्रामीण क्षेत्रों में किया जा रहा है। गांवों को सड़कों से जोड़ा जा रहा है। बिजली पहुंचायी जा रही है। नोटबंदी सरकार की बड़ी उपलब्धि है।”

वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नरेंद्र मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर निशाना साधा और कहा कि अर्थव्यवस्था की “तबाही”” वाले इस कदम का असर अब स्पष्ट हो चुका है तथा इससे देश का हर व्यक्ति प्रभावित हुआ। सिंह ने एक बयान में भी कहा कि मोदी सरकार को अब ऐसा कोई आर्थिक कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे अर्थव्यवस्था के संदर्भ में अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो। उन्होंने कहा, ”नरेंद्र मोदी सरकार ने 2016 में त्रुटिपूर्ण ढंग से और सही तरीके से विचार किये बिना नोटबंदी का कदम उठाया था। आज उसके दो साल पूरे हो गए। भारतीय अर्थव्यवस्था और समाज के साथ की गई इस तबाही का असर अब सभी के सामने स्पष्ट है। नोटबंदी से हर व्यक्ति प्रभावित हुआ, चाहे वह किसी भी उम्र का हो, किसी लैंगिक समूह का हो, किसी धर्म का हो, किसी पेशे का हो। हर किसी पर इसका असर पड़ा। देश के मझोले और छोटे कारोबार अब भी नोटबंदी की मार से उबर नहीं पाए हैं।”

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2016 में हुई नोटबंदी को ‘‘विपदा’’ करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो साल पहले जब इसका ऐलान किया था वह तभी से इसे ‘‘काला दिन’’ कहती आ रही हैं। एक ट्वीट में ममता ने कहा, ‘‘आज नोटबंदी विपदा को दो साल हो गए। मैं ऐसा तब से कह रही हूं, जब से इसकी घोषणा की गई थी। प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री, आमजन और सभी विशेषज्ञ अब इससे सहमत हैं।’’ (एजेंसी इनपुट के साथ)

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