बिहार में इनदिनों सियासी गलियारे में केवल ही सवाल तैर रहा है – अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद इस बात को लेकर चर्चा जोरों पर है कि राज्य का अगला मुखिया कौन होगा। क्या राज्य में बीजेपी सत्ता के केंद्र में आएगी या 2025 के चुनाव में 85 सीटे जीतकर मजबूती से कमबैक करते वाले जनता दल यूनाइटेड के किसी नेता को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
चर्चाओं का बाजार गर्म है। इस बीच जेडीयू कार्यकर्ताओं ने रविवार को पटना में पार्टी नेता और नीतीश कुमार के बेटे, निशांत कुमार के समर्थन में पोस्टर लगाए। इन पोस्टरों पर लिखा है, “बिहार के अगले मुख्यमंत्री।” इसके अतिरिक्त पोस्टर में लिखा गया है कि बिहार में ना तो बुलडोजर बवाल चाहिए और ना ही फिर से दंगा फसाद चाहिए। अब आपकी परछाई स्वरूप युवा जनसेवक निशांत कुमार चाहिए। नीतीश कुमार का अधूरा सपना, निशांत कुमार ही करेंगे पूरा।
पोस्टर पार्टी समर्थकों द्वारा लगाया गया है, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। इधर, जेडीयू के राज्यसभा सांसद और नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले नेता संजय कुमार झा का भी बड़ा बयान सामने आया है। रविवार को उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि जहां तक बिहार का सवाल है, हमने एनडीए के समर्थन से नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ा। प्रधानमंत्री ने लगातार प्रचार किया और नई सरकार भी नीतीश जी की नीतियों को आगे बढ़ाते हुए उनके मार्गदर्शन में काम करेगी। भले ही वे मुख्यमंत्री न हों, उनका पूरा ध्यान बिहार पर ही रहता है और वे केवल संसद सत्र के दौरान ही दिल्ली जाते हैं।
संजय झा ने कहा कि यह पार्टी (जेडीयू) नीतीश कुमार ने ईमानदारी और त्याग से खड़ी की है। 20 वर्षों में जेडीयू ने जनता के दिलों में अपनी जगह बनाई है। बिहार से नीतीश कुमार या जेडीयू को कोई मिटा नहीं सकता। इस जन्म में यह संभव नहीं है। वे अपने काम की वजह से 14 करोड़ लोगों के दिलों में बसते हैं, न कि किसी भ्रष्टाचार के कारण। इतिहास यह तय करेगा कि नेताओं ने कैसे जीवन जिया, कैसे काम किया और जनता की सेवा की। 20 साल मुख्यमंत्री और 15 साल कैबिनेट में रहने के बावजूद, नीतीश कुमार के पास दिल्ली के द्वारका में केवल दो कमरों का घर है—बस यही उनकी संपत्ति है।
गौरतलब है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद विपक्ष लगातार हमलावर है। आरोप है कि नीतीश कुमार ने जनता के साथ विश्वासघात किया है। बीते दिनों नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि बिहार बदहाल हो गया है। एनडीए सरकार ने राज्य को बर्बाद कर दिया। किसी भी मुद्दे पर बात कर लीजिए, बिहार परेशानी झेल रहा है। सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वो परेशानियों को दूर करे। लेकिन आज स्थिति बेहाल है। तंत्र और यंत्र से एनडीए ने बिहार में बहुमत हड़पा है इसलिए ये लोग ऐसे बहुमत का सम्मान नहीं कर रहे है। चुनाव बाद से ही बिहार बिना स्टीयरिंग और बिना ड्राइवर चल रहा है।
उन्होंने कहा, “कहीं किसी की कोई जवाबदेही नहीं। 2 महीने से कहीं कोई कैबिनेट बैठक नहीं। कर्मचारियों और ठेकेदारों को कोई पेमेंट नहीं। शासन-प्रशासन में चारों तरफ कुव्यवस्था, प्रशासनिक अराजकता, अनिर्णय और अंधकार फैल चुका है। बिहार की स्थिति इतनी बुरी हो चुकी है कि उसका वर्णन नहीं किया जा सकता।”
उन्होंने कहा कि सभी को चिंता इसी बात की है कि कुर्सी पर कौन बैठेगा। हमने पहले ही कहा था कि बीजेपी नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं रहने देगी। जेडीयू ने पता नहीं किस डर से यह समझौता किया है। लेकिन एक बात स्पष्ट है कि जो भी अगला मुख्यमंत्री हो, वो जनता की पसंद तो नहीं है।
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नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार (6 अप्रैल,2026) को नवादा का दौरा किया। वे झारखंड से लौटते समय पूर्व राज्य मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के नेता राजबल्लभ प्रसाद यादव के पथरा इंग्लिश स्थित आवास पर पहुंचे। यहां उन्होंने राजबल्लभ और जनता दल यूनाइटेड से विधायक विभा देवी के बेटे अखिलेश कुमार के असामयिक निधन पर शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। पूरी खबर पढ़ें…
