लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान को लेकर एनडीए के नेताओं ने तीखी आलोचना की है। शुक्रवार को जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश नीति को लेकर दिए बयान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बिहार की भाषा में कहें तो ‘लफुआ’ की तरह व्यवहार कर रहे हैं।
संजय झा ने कहा कि राहुल गांधी शालीनता की सारी लिमिट क्रॉस कर चुके हैं, बिहार में एक शब्द है ‘लफुआगिरी’। अब वो वही कर रहे हैं। झा ने कहा कि राहुल गांधी को जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि कल जो हरकत नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने की है, वो किसी ‘सड़कछाप’ से अलग नहीं थी। ये लोग निराशा में हैं। उनके परनाना प्रधानमंत्री रहे, दादी प्रधानमंत्री रहे, पिता प्रधानमंत्री रहे, यदि वे विदेश नीति नहीं समझ पाए तो अब समझ भी नहीं पाएंगे क्योंकि उनकी विदेश नीति देश के बाहर जाकर, जॉर्ज सोरोस जैसे लोगों से मिलकर भारत को अपशब्द कहना है… लगता है कि राहुल गांधी को एक नाटक मंडली खोल लेनी चाहिए। उनकी मानसिक स्थिति ऐसी हो गई है कि वे बीमार हैं, निराशा में हैं।
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि संसद के सत्र को पूरी तरह से अव्यवस्थित करने के बाद कांग्रेस के औपचारिक प्लेटफॉर्म से राहुल गांधी ने निंदनीय भाषा का प्रयोग किया है। यह दर्शाता है कि राहुल गांधी सभी प्रकार की पराकाष्ठाओं को पार करते जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ जिन शब्दों का प्रयोग किया गया है उससे पता चलता है कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी देश के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं… लगता है कि अब देश को समझना चाहिए कि कौन देश के हित की बात कर रहा है और कौन एक षड्यंत्र कर रहा है… ऐसा लगता है कि वे अपना संतुलन खोते चले जा रहे हैं। अभी तक लगता था कि वे माओवादी और मुस्लिम लीग के नेताओं के साथ प्रतियोगिता कर रहे हैं।
तेजस्वी यादव को लेकर क्या बोले संजय झा?
तेजस्वी यादव के 19 अगस्त को एके-47 मामले को लेकर राजभवन मार्च के ऐलान पर संजय झा ने कहा कि तेजस्वी यादव पार्ट टाइम पॉलिटिक्स करते हैं। फुल टाइम पॉलिटिक्स नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि जब बिहार में हंगामा हो रहा था, तब तेजस्वी यादव विदेश में घूम रहे थे। अब बहुत पीछे छूट गए हैं, इसलिए इन मुद्दों पर राजनीति कर रहे हैं।
संजय झा ने तेजस्वी यादव को सलाह देते हुए कहा कि बिहार के मुद्दों पर राजनीति करने से पहले उन्हें उन मुद्दों पर भी ध्यान देना चाहिए, जहां छात्रों की समस्याएं सामने आ रही हैं। झा ने फरक्का संधि को लेकर भी जदयू के रुख को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर किसी भी हद तक जाने को तैयार है। केंद्र सरकार से कहा गया है कि दिसंबर में इस संधि की मियाद खत्म हो रही है, इसलिए किसी भी हालत में इसे आगे नहीं बढ़ाया जाए।
उन्होंने बताया कि यह संधि यूपीए सरकार के समय हुई थी और इसके कारण बिहार का 73 प्रतिशत पानी बांग्लादेश चला जाता है। बिहार में खुद पानी की कमी है। ऐसे में इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। केंद्र सरकार को संधि को आगे नहीं बढ़ाना चाहिए।
राहुल गांधी ने एक बार फिर पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर बड़ा हमला बोला है। गुरुवार शाम राजधानी नई दिल्ली में रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और विपक्ष अब रुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी बिना नफरत के, बिना हिंसा के भारत की संस्कृति बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर।
