ममता जी चमत्कारिक नेता हैं…बोले जेडीयू नेता, कहा- दिल्ली अभी बहुत दूर है

कहा, “एक चीज लेफ्ट वालों को और हमारे कांग्रेस के मित्रों को नहीं भूलना चाहिए कि दोनों पार्टियों को पराजित नहीं, नेस्तनाबूत करके ही ममता जी का जन्म हुआ है।”

Mamata Banerjee, JDU
जनता दल यू के नेता केसी त्यागी। (फोटो- फाइनेंशियल एक्सप्रेस फाइल)

बंगाल में भारी जीत के बाद सीएम ममता बनर्जी पहली बार पांच दिनों की यात्रा पर दिल्ली में हैं। इसको लेकर राजनीतिक हलकों में बड़ी चर्चाएं हैं। टीवी चैनलों पर इसको लेकर बहस चल रही है। आज तक चैनल पर एंकर चित्रा त्रिपाठी ने जनता दल यू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी जी से ममता बनर्जी जी की यात्रा के बारे में सवाल पूछा।

उन्होंने पूछा, “केसी त्यागी जी बहुत बार तीसरा मोर्चा बनाने की कवायद हुई और ममता बनर्जी भी जीत के बाद इतनी ज्यादा उत्साहित हैं कि पांच दिनों के लंबे-चौड़े दौर पर दिल्ली में है और तमाम लोगों से उनकी मुलाकात होगी। लेकिन हम सबने देखा कि काठ की हांडी बार-बार चढ़ी नहीं और चढ़ी भी तो ज्यादा देर तक चली नहीं। ममता बनर्जी की इस कोशिश कवायद को आप कैसे देख रहे हैं? जोश से भरी हुई हैं दीदी। उनको लग रहा है कि मेरी मंजिल पीएम की कुर्सी से बहुत ज्यादा दूर नहीं है।”

इस पर केसी त्यागी ने कहा, “कभी टीएमसी भी, एनसीपी भी, जेडीयू भी और शिवसेना भी अटल बिहारी बाजपेयी जी के नेतृत्व में सब लोग साथ हुआ करते थे। एनसीपी सरकार में नहीं थी, लेकिन अटल जी के सौजन्य से वे नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट के चेयरमैन थे, दोनों के इतने बढ़िया रिश्ते थे कि मुझे मुंबई में शरद पवार जी का साठवां जन्मदिन याद आ रहा है। बीजेपी के मना करने के बावजूद भी अटल जी मुंबई गए। ये उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा और जो प्रशंसा उन्होंने शरद पवार जी की की थी, वह आज भी मुंबई में चर्चा का विषय बनती है।”

वे बोले, “परिस्थितियां बदली हैं और आज जीतकर आई हैं ममता जी, जब-जब कोई रीजनल लीडर, जो उपराष्ट्रवाद है उसका जब भी कोई नेता जीतकर आता है, उसका ऐसा ही स्वागत होता है। और ममता जी बहुत चमत्कारिक नेता हैं। हमने उनका यूथ कांग्रेस के नेता के रूप में उनका उठान देखा, कैसे उन्होंने कांग्रेस को कमजोर किया, यह भी हमने अपनी आंखों से देखा, एनडीए में रहकर जिस तरह से उन्होंने अटल जी के नेतृत्व में काम किया, वह भी याद है, लेकिन एक चीज लेफ्ट वालों को और हमारे कांग्रेस के मित्रों को नहीं भूलना चाहिए कि दोनों पार्टियों को पराजित नहीं, नेस्तनाबूत करके ही ममता जी का जन्म हुआ है।”

कहा, “मैं उनके जीतने पर, उनके पराक्रम पर उनको बधाई देते हुए इतना अवश्य कहना चाहता हूं कि दिल्ली बहुत दूर है। इस तरह के पराक्रम हमने कभी एनटीआर के देखे। चौधरी देवीलाल के देखे, हमने वाईएसआर के देखे और हमारे सम्मानित नेता शरद पवार के भी देखे। ये उपराष्ट्रवाद की ताकतें हैं, इनकी उमर बहुत लंबी नहीं होती है। क्योंकि मैं ऐसी दो तीन सरकारों का हिस्सा रहा हूं, और दर्शक भी रहा हूं कि तीसरे मोर्चे की सरकारें इस देश में बहुत लंबे समय तक चलती नहीं हैं। इसमें कांग्रेस पार्टी सबसे बड़ी बाधक है।”

कहा कि “1979 में मैं चौधरी चरण सिंह के साथ था, छह महीने सरकार चली कांग्रेस की मदद से, मैं सांसद था वीपी सिंह के साथ उसकी मियाद डेढ़ साल रही, कांग्रेस पार्टी के समर्थन से चंद्रशेखर की सरकार छह महीने चली। हम जनता दल में थे, देवेगौड़ा जी की सरकार की मियाद छह महीने, एक साथ थी और उससे कम मियाद इंद्र कुमार गुजराल की थी। या तो कांग्रेस पार्टी धूरी बने सरकार की, वरना न खाएंगे, न खाने देंगे टाइप का कांसेप्ट तीसरे मोर्चे की उमर कम कर देती है।”

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