ताज़ा खबर
 

कर्नाटक: पत्रकार ने पूछा विधायक कहां हैं तो भड़क गए कुमारस्वामी, बोले- मूर्खतापूर्ण सवाल मत पूछो

जब एक पत्रकार ने उनसे यह सवाल किया कि उनके विधायक कहां है? इस सवाल पर कुमारस्वामी ऐसे भड़के कि पत्रकार से बोले कि उनसे ऐसे मुर्खतापूर्ण सवाल ना किए जाएं और वह हर सवाल का जवाब देने के लिए बाध्य नहीं हैं।

जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी और उनके बड़े भाई एचडी रेवन्ना। (image source-Facebook)

कर्नाटक में राजनैतिक उठा-पठक पूरे चरम पर है। कल भाजपा के सीएम बीएस येदियुरेप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण कर ली है और अब 15 दिनों के भीतर उन्हें बहुमत साबित करना है। वहीं कांग्रेस और जेडीएस अपनी-अपनी किलेबंदी में जुटी हैं और भाजपा को बहुमत पाने से रोकने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच पत्रकारों से बात करते हुए जेडीएस के नेता एचडी कुमारस्वामी उस वक्त पत्रकारों पर भड़क गए, जब एक पत्रकार ने उनसे यह सवाल किया कि उनके विधायक कहां है? इस सवाल पर कुमारस्वामी ऐसे भड़के कि पत्रकार से बोले कि उनसे ऐसे मुर्खतापूर्ण सवाल ना किए जाएं और वह हर सवाल का जवाब देने के लिए बाध्य नहीं हैं। कुमारस्वामी ने कहा कि भाजपा और केन्द्र सरकार विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रहे हैं, यह सभी जानते हैं। वहीं राज्यपाल ने भी अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल करते हुए नियमों का पालन नहीं किया है। राज्यपाल ने बहुमत ना होने के बावजूद भी भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया। मुझे पता है कि केन्द्र सरकार हमारे विधायकों को धमका रही है।

बता दें कि कांग्रेस और जेडीएस ने अपने विधायकों को एक रिजॉर्ट और होटल में ठहराया हुआ है, ताकि भाजपा उनके विधायकों को अपने पाले में ना खींच लें। जिस होटल और रिजॉर्ट में विधायक ठहरे हुए हैं, उसकी सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी की गई थी, लेकिन येदियुरेप्पा ने सीएम पद की शपथ लेते ही रिजॉर्ट की सुरक्षा व्यवस्था हटा दी है। जिसके बाद अब कांग्रेस के कार्यकर्ता ही रिजॉर्ट और होटल की सुरक्षा का जिम्मा संभाले हुए हैं। खबरें आ रही हैं कि कांग्रेस और जेडीएस अपने विधायकों को किसी अन्य राज्य भी भेज सकती हैं। वहीं दूसरी तरफ बीएस येदियुरेप्पा बहुमत साबित करने के लिए पूरे विश्वास में दिखाई दे रहे हैं।

येदियुरेप्पा का कहना है कि वह 15 दिन से पहले ही बहुमत साबित कर देंगे। वहीं सीएम बनते ही येदियुरेप्पा ने राज्य के किसानों को खुश कर दिया है और उनका 1 लाख तक का कृषि ऋण माफ कर दिया है। खबरें आ रहीं थी कि भाजपा एक एंग्लो-इंडियन के लिए आरक्षित सीट भरने का निवेदन कर सकती है। इस पर विपक्षी पार्टियों ने इस पर एतराज जताया है और इसे भाजपा की बहुमत पाने की कोशिश करार दिया है। टीएमसी के सांसद डेरेक ओ ब्रायन का कहना है कि अल्पसंख्यक समाज के हितों की रक्षा करना अपनी जगह है, लेकिन किसी खास राजनैतिक दल के लिए अगर एंग्लो इंडियन समाज का इस्तेमाल किया जाता है तो यह लोकतंत्र के लिए सही नहीं है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App