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तमिलनाडु में फिर हुई बारिश, जया ने पीएम से कहा- बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करें

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और पीड़ितों की दशा सुधारने के लिए कदम उठाने की मांग की है..

Author चेन्नई | December 10, 2015 05:20 am
चेन्नई में बाढ़ के पानी में डूबी झोपड़ी। (पीटीआई फाइल फोटो)

पिछले दो दिन में थोड़ी राहत मिलने के बाद बुधवार को फिर से बारिश ने चेन्नई और तमिलनाडु के अन्य हिस्सों को प्रभावित किया। वहीं, मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और पीड़ितों की दशा सुधारने के लिए कदम उठाने की मांग की है। बाढ़ प्रभावित चेन्नई, कुड्डालूर और तंजौर में लोगों ने अभूतपूर्व स्थिति के बाद जीवन की बिखरी हुई चीजों को समेटना शुरू ही किया था कि एक बार फिर से राज्य में बारिश हो गई। साथ ही, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया है।

मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘तमिलनाडु के अंदरूनी इलाकों और कुछ तटीय स्थानों तथा पुडुचेरी में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है।’’ उन्होंने बताया कि समुद्र के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र कोमोरीन क्षेत्र से उत्तरी तमिलनाडु तट के पास दक्षिण पश्चिम खाड़ी की ओर जा रहा है। कुड्डालूर में एक लाख से अधिक लोग अभी भी 183 राहत शिविरों में रह रहे हैं। हजारों की संख्या में स्वच्छता और बचाव कार्यकर्ता सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर पड़ी गाद और कचरे को हटाने में जुटे हुए हैं। हालांकि विमान और रेल सेवाएं बहाल हो गई हैं जिससे कुछ राहत मिली है।

सरकार संचालित आवीन के मुताबिक दूध और दूध पाउडर का उत्पादन तेज कर दिया गया है और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। अब तक 590 मीट्रिक टन दूध पाउडर चेन्नई और तिरूवल्लूर सहित बाढ़ प्रभावित जिलों में बांटा गया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक पत्र लिख कर जयललिता ने मांग की है कि राज्य में बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए और उन इससे पीड़ित हुए लोगों की दशा सुधारने के लिए कदम उठाए जाएं, जिनमें से कई लोग निम्न या मध्य आय वर्ग के हैं। उन्होंने कम ब्याज पर रिण, बीमा दावों के निपटारे में तेजी लाने और बैंकों के किश्त वसूलने पर रोक लगाने का सुझाव दिया है।

मुख्यमंत्री ने मांग की है कि बीमा कंपनियों को उदारता के साथ दावों का निपटारा करने का निर्देश दिया जाए ताकि लोगों को बीमा की रकम शीघ्र मिल सके। उन्होंने कहा कि बैंकों से कहना चाहिए कि वे सीमित समय के लिए किश्त एकत्र करने पर रोक लगाए और रिणों की वापसी की अवधि में बदलाव करें ताकि पीड़तों को राहत मिल सके। इसके अलावा बाढ़ पीड़ित इलाकों में बेची जाने वाली घरेलू विद्युत उपकरणों और रसोई की वस्तुओं पर कर में छूट दी जाए। मुख्यमंत्री ने राज्य में बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में जान गंवाने वाले 29 लोगों के निकट परिजन को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा भी दिया।

इस बीच, बाढ़ राहत कार्यों के लिए कई संस्थानों के योगदान दिए जाने के बीच शहर में स्थित रामको ग्रुप और टायर निर्माता कंपनी एमआरएफ लिमिटेड सहित ने बुधवार को यहां मुख्यमंत्री को पांच करोड़ रुपये से अधिक राशि सौंपी।
रामको ग्रुप के प्रबंध निदेशक पीआर वेंकटरामा राजा ने दो करोड़ रुपये दिये जबकि एमआरएफ लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंधक निदेशक केएम मामेन ने यहां सचिवालय में जयललिता को तीन करोड़ रुपया सौंपा।

चिदंबरम के प्रसिद्ध शिव मंदिर के दीक्षितार ने जयललिता को एक करोड़ रुपया दिया गया। वहीं, तमिल सुपरस्टार रजनीकांत चेन्नई बाढ़ के चलते 12 दिसंबर को अपना जन्म दिन नहीं मनाएंगे। सूत्रों ने बताया कि 64 वर्षीय अभिनेता ने इसके बजाय अपने प्रशंसकों से बाढ़ राहत गतिविधियों में शामिल होने को कहा है।

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