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JNU प्रशासन ने फिर बढ़ाई फीस, 9 से बढ़कर 1000 रुपये हुआ मेडिकल चार्ज, एमफिल-पीएचडी की फीस भी ढाई गुनी से ज्यादा हुई

JNU Fee Hike: स्नातकोत्तर और स्नातक छात्रों के लिए शुल्क 2019-20 में प्रति सेमेस्टर 283 रुपये से बढ़ाकर 2020-21 में प्रति सेमेस्टर 768 रुपये कर दिया गया है। इसके ऊपर जीएसटी अलग से लगेगा।

Author Edited By रवि रंजन नई दिल्ली | Updated: March 5, 2020 10:01 AM
जेएनयू प्रशासन ने एक बार फिर से फीस में वृद्धि की है। (Express photo: Praveen Khanna)

JNU Fee Hike: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) प्रशासन ने शैक्षणिक वर्ष 2020-21 में नामांकन लेने वाले छात्रों के लिए फीस को दोगुना से अधिक कर दिया है। विश्वविद्यालय ने एक बार लिए जाने वाले मेडिकल फीस को भी 9 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दिया है। जहां पिछले साल एमफिल और पीएचडी छात्रों के लिए फीस 295 रुपये प्रति सेमेस्टर थी, वहीं इस साल इसे बढ़ाकर 780 रुपये प्रति सेमेस्टर कर दिया गया है। इसी तरह, स्नातकोत्तर और स्नातक छात्रों के लिए शुल्क 2019-20 में प्रति सेमेस्टर 283 रुपये से बढ़ाकर 2020-21 में प्रति सेमेस्टर 768 रुपये कर दिया गया है। इसके ऊपर जीएसटी अलग से लगेगा।

यह फीस वृद्धि तब हुई है जब जेएनयू छात्र संघ पहले से ही हॉस्टल शुल्क में वृद्धि को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में केस लड़ रहा है। जेएनयूएसयू विश्वविद्यालय के भीतर और बाहर महीनों के विरोध प्रदर्शनों के बाद कोर्ट पहुंचा। विरोध-प्रदर्शन और छात्रों के कोर्ट में जाने की वजह से मानव संसाधन विकास मंत्रालय को हस्तक्षेप करने और बैठकें आयोजित करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

जेएनयूएसयू के अध्यक्ष आयशी घोष ने कहा, “फीस वृद्धि के खिलाफ फिर से संघर्ष करेंगे। जेएनयू समुदाय को इसे रोकने के लिए एकजुट होने की जरूरत है।” वहीं डीन प्रवेश दीपक गौर और रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार को जब इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए फोन किया गया तो उन्होंने फोन हीं नहीं उठाया।

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