जाट आरक्षण आंदोलन: फतेहाबाद में पुलिस से भिड़े दिल्ली कूच कर रहे प्रदर्शनकारी, दो बसें फूंकी, कई घायल

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आंदोलन को समाप्त करने के लिए रविवार को जाट नेताओं को बातचीत के लिए दिल्ली आमंत्रित किया है।

jaat, 144, delhi, parliament, jansatta, jansatta news, jansatta online, hindi news, online hindi newsखट्टर केन्द्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री पीपी चौधरी और केन्द्रीय मंत्री बीरेन्द्र सिंह के साथ जाट नेताओं से बात करेंगे। (Photo Source: PTI)

दिल्ली कूच कर रहे जाट आंदोलनकारी हरियाणा के फतेहाबाद जिले में सुरक्षाकर्मियों से भिड़ गए। इसे दौरान उन्होंने दो बसों को फूंक दिया। पुलिस ने आंदोलनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। महिलाओं, पत्रकारों और डीएसपी सहित कई लोग घायल हो गए। पुलिस का कहना है कि दिल्ली की तरफ जाते हुए आंदोलनकारियों के साथ झड़प में एक डीएसपी सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। एक जाट नेता ने दावा किया है कि इस झड़प में कुछ आंदोलनकारी भी घायल हुए हैं।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक यह झड़प सिरसा-हिसार-दिल्ली नेशनल हाइवे पर ढाणी गोपाल गांव में हुई है। यह उस वक्त हुआ, जब पुलिस ने दिल्ली जा रहे जाटों के ट्रैक्टरों को रोकने की कोशिश की। जाट समुदाय के लोग सोमवार को संसद का घेराव करने वाले थे। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जाट नेताओं को 50 दिन से चल रहे आंदोलन को खत्म करने को लेकर बातचीत करने के लिए बुलाया था। हालांकि, इस बातचीत का नतीजा सकारात्मक रहा।

हरियाणा सरकार से बातचीत के बाद जाट प्रदर्शनकारियों ने ‘दिल्ली घेराव’ को स्थगित कर दिया है। जाट नेता यशपाल मलिक ने खट्टर से बातचीत के बाद कहा, ‘हम लोगों ने सरकार को भरोसा दिलाया है कि कल का दिल्ली कूट का प्रोग्राम स्थगित कर दिया गया है। अब जाट समुदाय के लोग दिल्ली नहीं आएंगे। हरियाणा सरकार के सभी मुद्दों पर समझौते के बाद दिल्ली कूच को स्थगित कर दिया गया है। 26 मार्च को स्टेट एग्जीक्यूटिव बैठक में आने वाले प्रदर्शनों पर फैसला करेंगे।’

वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बातचीत के बाद कहा, ‘केंद्र में जाट आरक्षण प्रक्रिया नेशनल कमिशन फॉर बैकवर्ड क्लास के चेयरमैन और मेंबर नियुक्त होने के बाद शुरू होगी। हमने लोगों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखने में सरकार का साथ दें।’

बता दें, जाटों से दिल्ली कूच के एलान के बाद एहतियात के तौर पर सेना को बुला लिया गया था। इसके साथ ही धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और हरियाणा के रोहतक, झज्जर तथा सोनीपत जैसे संवेदनशील जिलों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी।

Next Stories
1 याकूब मेनन के लिए आधी रात में सुनवाई का जिक्र करते हुए बोले सीजेआई जेएस खेहर- भारत अजीब देश है, यहां जितना बड़ा अपराधी, उतनी उसकी पहुंच
2 VVPAT खरीदने में मोदी सरकार कर रही देरी, पिछले दो सालों में 10 बार पत्र लिखकर फंड मांग चुका है चुनाव आयोग
3 गाड़ी में जलकर मर गए नेशनल रेसर अश्विन सुंदर और उनकी पत्नी, पेड़ से टकराकर अटक गई थी कार, देखिए वीडियो
ये पढ़ा क्या?
X