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खेत खलिहान से लेकर संसद तक लड़ी जाएगी आरक्षण की लड़ाई: जाट समुदाय

गुजरात में पटेल आंदोलन की पहचान बने हार्दिक पटेल की तर्ज पर जाट समुदाय ने भी सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन की धमकी दी है..

Author बागपत | August 31, 2015 8:30 PM

गुजरात में पटेल आंदोलन की पहचान बने हार्दिक पटेल की तर्ज पर जाट समुदाय ने भी सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन की धमकी दी है। जाट समुदाय के नेताओं ने कल बामनौली गांव में जाट आरक्षण बचाओ महारैली को संबोधित करते हुए कहा कि यदि जाटों को आरक्षण नहीं दिया गया तो वे देश भर में चक्का जाम कर देंगे।

आंदोलन के मुख्य संयोजक धर्मवीर चौधरी ने कहा है कि यदि जाट समुदाय को आरक्षण नहीं मिलता तो वे रेल और सड़क यातायात ही नहीं हवाई यातायात तक रोक देंगे। उन्होंने कहा कि जल्दी ही उत्तर प्रदेश के साथ ही देश भर से लाखों की संख्या में जाट दिल्ली में डेरा डाल देंगे और दबाव बनाने के लिए दिल्ली की बिजली, पानी और सब्जी की आपूर्ति बंद कर दी जायेगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा कमजोर पैरवी के कारण ही उच्चतम न्यायालय में जाटो को नौ राज्यों में दिये गये आरक्षण को निरस्त कर दिया जिससे जाट समुदाय को बहुत नुकसान उठाना पड़ा। इस मौके पर चौरासी खाप मुखिया चौधरी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि किसी भी कीमत पर जाट आरक्षण लेकर ही रहेंगे जबकि पूर्व सांसद हरेन्द्र मलिक ने कहा कि आरक्षण की लड़ाई खेत खलिहान से लेकर संसद तक लड़ी जायेगी।

महारैली में उत्तर प्रदेश के साथ ही हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और दिल्ली के जाट बड़ी संख्या में उपस्थित थे। महारैली ने यह निर्णय भी लिया है कि पटेल उनके आंदोलन में सहयोग करेंगे तो जाट समुदाय भी पटेल समुदाय के आंदोलन में उनका साथ देगा।

हार्दिक पटेल ने कल दिल्ली में कहा था कि सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में पटेलों को आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन का विस्तार दूसरे राज्यों में भी किया जाएगा और इसमें कुर्मियों तथा गुर्जरों जैसी जातियों को शामिल किया जाएगा। 22 वर्षीय हार्दिक ने कहा, ‘‘गुजरात में जो हुआ, उसे हम राष्ट्रीय स्तर पर ले जाना चाहते हैं और करीब 12 राज्यों के लोग हमारे संपर्क में हैं।’’

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