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विरोध मार्च का दिन: जंतर-मंतर पर जाट आंदोलन, डीयू में एबीवीपी का मार्च, पंजाब यूनिवर्सिटी में तिरंगा यात्रा

ABVP and Jat Protest: डीयू में एबीवीपी ने ‘हिंदुस्‍तान में रहना होगा, वंदेमातरम कहना होगा’ नारे के साथ मार्च शुरू किया। वहीं जाट समुदाय के लोग आरक्षण मांग कर रहे हैं।

जाट समुदाय के लोग जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे है। एबीवीपी के कार्यकर्ता डीयू में मार्च कर रहे हैं।

दिल्ली में जंतर-मंतर पर कई राज्यों के जाट समुदाय के लोग विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे हैं। वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैम्पस में वामपंथी संगठनों के खिलाफ ‘डीयू बचाओ’ मार्च निकाल रहे हैं। इसके साथ ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने पंजाब यूनिवर्सिटी के कैम्पस में तिरंगा यात्रा निकाल रही है। जाट समुदाय के हजारों लोग आज जंतर-मंतर पर धरना देने के लिए इकट्ठा हुए हैं। इनकी मांग है कि इन्हें सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण दिया जाए।

जाट आंदोलन-
जाटों के विरोध प्रदर्शन में हरियाणा, दिल्ली, यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और मध्यप्रदेश से जाट समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया है। बुधवार को जाट समुदाय ने असहयोग आंदोलन के तहत अपने लोगों से बिजली तथा पानी के बिल का भुगतान न करने तथा राष्ट्रीय राजधानी को दूध तथा अन्य जरूरी चीजें जैसे सब्जियां आदि की आपूर्ति बंद करने को कहा गया था।

जंतर-मंतर पर तिरंगा दिखाता एक युवक। ( Photo Source: AP)

असहयोग आंदोलन की शुरुआत करते हुए जाट नेताओं ने कहा कि पूरे हरियाणा में जाट कहीं भी बिजली-पानी का बिल नहीं जमा करेंगे और न बैंक का लोन चुकाएंगे। इसके साथ ही जाट अपनी मांगों को लेकर राष्‍ट्रपति को ज्ञापन देने वाले है। दिल्ली में आंदोलन के बारे पूछने पर यशपाल मलिक ने कहा, ’33 दिन से 10 लाख से ज़्यादा लोग धरने पर बैठे हैं। जब उससे कोई हल नहीं निकला तो हमें मजबूरन दिल्ली में प्रदर्शन कर घेराव की रणनीति घोषित करनी पड़ी।’

जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए जाट समुदाय के लोग। ( Photo Source: Reuters)

वहीं इस मामले पर राजनीति भी तेज भी हो गई है। इंडियन नेशनल लोकदल (आईएनएलडी) के नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि, ‘कांग्रेस और बीजेपी हरियाणा में जाटों को सरकारी नौकरियों और सरकारी संस्थानों में आरक्षण पर राजनीति करने का प्रयास कर रही हैं। राज्य की बीजेपी सरकार जाट समुदाय की मांगों को पूरा करने में विफल रही है, जबकि उसने पिछले साल इस पर सहमति जताई थी।’

जाट समुदाय के लोग। ( Photo Source: AP)

जाट नेता आरक्षण के साथ-साथ मांग कर रहे हैं कि पिछले साल जाट आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के घर में से किसी को नौकरी, आंदोलन में घायल हुए लोगों को मुआवजा मिले। वहीं आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए केस को वापस लिया जाए। पिछले साल हुए जाट आंदोलन के दौरान हिंसा में 30 लोग से ज्यादा लोग मारे गए थे वहीं 200 से ज्यादा घायल हो गए थे। इतना ही नहीं आंदोलन के दौरान हजारों करोड़ की संपत्ति का नुकसान भी हुआ था।

दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचते जाट समुदाय के लोग। (Photo Source: Indian Express)

एबीवीपी का मार्च-
अखिल भारतीय विद्याथी परिषद (एबीवीपी) का ‘डीयू बचाओ’ मार्च ‘हिंदुस्‍तान में रहना होगा, वंदेमातरम कहना होगा’ नारे के साथ शुरू हुआ। निकाल रहे हैं।। एबीवीपी की मांग है कि वामपंथ से जुड़ी संस्‍थाओं पर बैन लगाया जाए। हालांकि एबीवीपी के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभियान शुरू करने वाली लेडी श्रीराम कॉलेज की छात्रा, गुरमेहर कौर ने खुद को पूरे अभियान से अलग कर लिया है। कौर ने कहा है कि वह राजनीति में नहीं आना चाहतीं। उन्‍होंने मीडिया से अपील की है कि वह उनका पीछा छोड़ दे क्‍योंकि अब वह पढ़ाई पर ध्‍यान देना चाहते हैं।

बुधवार को दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर के सामने विरोध प्रदर्शन करते एबीवीपी के कार्यकर्ता। ( Photo Source: PTI)

एबीवीपी के प्रदर्शन के मद्देनजर आर्ट्स फैकल्‍टी की तरफ जाने वाले छात्र मार्ग को बंद कर दिया गया है, वहीं कर्नाटक यूनिवर्सिटी ने अपना दीक्षांत समारोह भी स्‍थगित किया है क्‍योंकि उसे जेएनयू के वीसी एम. जगदेश कुमार संबोधित करने वाले थे। एबीवीपी कार्यकर्ताओं का मार्च ऑर्ट्स फैकल्‍टी से शुरू होगा और विश्‍वविद्यालय मेट्रो स्‍टेशन, मिरांडा कॉलेज, श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, रामजस कॉलेज और लॉ फैकल्‍टी होते हुए स्‍वामी विवेकानंद की मूर्ति पर समाप्‍त होगा।

एबीवीपी की महिला कार्यकर्ता नारेबाजी करती हुईं। ( Photo Source: PTI)

दिल्ली यूनिवर्सिटी गरम हुए माहौल की लपटें पंजाब तक पहुंच गई हैं। पंजाब में एबीवीपी ने तिरंगा यात्रा का आयोजन किया है। इस तिरंगा यात्रा का आयोजन सेना के समर्थन में बताया गया है। एबीवीपी ने कैंपस में राष्‍ट्रवादी भावनाएं जागृत करने के लिए सोमवार को भी ‘तिरंगा’ मार्च निकाला था। जिसके जवाब में दिल्‍ली यूनिवर्सिटी के छात्रों ने बुधवार को नॉर्थ कैंपस के SGTB खालसा कॉलेज में एबीवीपी के खिलाफ प्रदर्शन किया था।

पंजाब यूनिवर्सिटी में तिरंगा यात्रा, देखें वीडियो-

बता दें, 22 फरवरी को दिल्ली यूनिवर्सिटी के रामजस कॉलेज में एआईएसए और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़प हुए थी। यह झड़प कॉलेज में एक सेमिनार के रद्द होने पर हुई थी। जेएनयू छात्र उमर खालिद को रामजस कॉलेज में भाषण देने के लिए बुलाया गया था, लेकिन एबीवीपी ने इसका विरोध किया था, जिसके बाद सेमिनार को रद्द कर दिया गया था। सेमिनार को रद्द किए जाने के बाद वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद दोनों में झड़प हो गई। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने एबीवीपी के दो छात्रों को गिरफ्तार भी किया है।

एबीवीपी के खिलाफ प्रदर्शन करते जेएनयू, डीयू और जामिया के छात्र। (Photo Source: PTI)

वीडियो- दिल्ली: रामजस कॉलेज में ABVP-AISA के बीच हिंसक झड़प, हुई मारपीट; जानिए पूरा मामला

वीडियो- रामजस विवाद: किरण रिजिजू ने कहा- जवानों की मौत पर जश्न मनाते हैं ये वामपंथी

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