सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में देश के कई हिस्सों से आवाज उठ रही है। इसी कड़ी में शनिवार को दक्षिण मुंबई में छात्र संगठनों और विपक्षी समर्थकों ने दिल्ली पुलिस द्वारा सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर हटाने के विरोध में अलग-अलग विरोध-प्रदर्शन किए। इस दौरान मुंबई पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और बिना अनुमति के प्रदर्शन करने के लिए आयोजकों के खिलाफ मामले दर्ज किए।

मुंबई अगेंस्ट सप्रेशन ऑफ स्टूडेंट्स (MASS) के बैनर तले , स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) के छात्रो ने विरोध-प्रदर्शन किया और वांगचुक को धरना स्थल से हटाने की कड़ी निंदा की। छात्र NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए एकजुटता व्यक्त करने के लिए आज़ाद मैदान के बाहर एकत्र हुए थे।

आयोजकों के अनुसार, विरोध प्रदर्शन में लगभग 100 लोगों ने भाग लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन शुरू होने के कुछ ही समय बाद पुलिस ने अनुमति न होने का हवाला देते हुए लगभग 50 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया, लेकिन बाद में उन्हें रिहा कर दिया।

एसएफआई के एक सदस्य ने कहा ने कहा कि हमने जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को हटाने के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। हम उनके साथ एकजुटता से खड़े हैं और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ मुंबई में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की हिरासत की भी निंदा करते हैं।

एक बयान में MASS ने आरोप लगाया कि केंद्र लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों और छात्र आंदोलनों को दबाने का प्रयास कर रहा है। संगठन ने मुंबईवासियों से वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थन में भविष्य के प्रदर्शनों में शामिल होने की अपील भी की।

इसके अलावा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के 15 से 20 कार्यकर्ताओं के एक समूह ने इसी मुद्दे पर मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया। मरीन ड्राइव पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और बाद में चार-पांच आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और नोटिस जारी करने के बाद उन्हें रिहा कर दिया।

पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, क्योंकि लगभग 25 सीजेपी समर्थकों ने बिना अनुमति के आजाद मैदान के बाहर इकट्ठा होकर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ नारे लगाए थे। आयोजकों पर लोक सेवक के आदेश का उल्लंघन, अवैध रूप से रोकना, गैरकानूनी सभा और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी के समर्थन में सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर थे, लेकिन शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने उन्हें हटा दिया और

दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक को शनिवार को तबीयत बिगड़ने के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। दिल्ली पुलिस ने चिकित्सा कारणों से यह कदम उठाने का दावा किया, जबकि प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि आंदोलन को समाप्त करने के लिए उन्हें जबरन अस्पताल से निकाला गया।

शनिवार को हुए प्रदर्शन शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा मुख्य न्यायाधीश के समर्थन में शिवाजी पार्क में आयोजित होने वाली सार्वजनिक सभा से एक दिन पहले हुए, जो मुंबई में आंदोलन के लिए बढ़ते राजनीतिक और छात्र समर्थन का संकेत देते हैं।

‘भाजपा सरकार नहीं, अहंकार है’, वांगचुक के मुद्दे पर मानसून सत्र से पहले कांग्रेस-AAP समेत पूरा विपक्ष एकजुट

संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले आपसी फूट और नेताओं के पाला बदलने से जूझ रहे विपक्ष ने शनिवार को एकजुट होकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। यह विरोध कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर पर चल रहे उनके प्रदर्शन स्थल से सफदरजंग अस्पताल ले जाए जाने को लेकर था। इससे संकेत पूरी तरह से साफ था कि सोमवार को जब सदन की कार्यवाही शुरू होगी, तो यह मुद्दा वहां पर भी गूंजेगा। पढ़ें पूरी खबर।