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जनसत्ता विशेष: कुंभ मेले क्षेत्र का दायरा फैलेगा, बढ़ेंगे तीर्थयात्री

इस बार कुंभ मेले के मेला क्षेत्र 1454 हेक्टेयर में मेला होगा। इसमें 583 हेक्टेयर में पार्किंग, 874 हेक्टेयर में एरिया केंपिंग के लिए योजना बनेगी। पिछले कुंभ की तुलना में 9 सेक्टर अधिक बनाए जाएंगे।

हरिद्वार के कुंभ मेले में करोड़ों लोगों के पहुंचने का अनुमान (फोटो- जनसत्ता)

हरिद्वार में 2021 में लगने वाले कुंभ मेले में इस बार 15 करोड़ तीर्थ यात्रियों के आने की संभावना है जबकि 2010 के कुंभ में 9 करोड़ तीर्थयात्री 4 महीने की अवधि तक चले मेले में आए थे। वहीं, इस बार पिछले कुंभ मेले की तुलना में मेला क्षेत्र का अधिक विस्तार किया जा रहा है। इस बार कुंभ मेले में और अधिक बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था के लिए पिछले कुंभ मेले के मेला क्षेत्र 630 हेक्टेयर की तुलना में 2021 में 1454 हेक्टेयर का प्रयोग किया जाएगा। पिछले कुंभ में 210 हेक्टेयर की तुलना में कुंभ 2021 में लगभग 550 हेक्टेयर में 150 से 200 पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे।
सभी संन्यासियों की सुविधाओं के लिए गौरी शंकर क्षेत्र स्थान घाट का निर्माण किया जा रहा है। इस बार कुंभ मेले के मेला क्षेत्र 1454 हेक्टेयर में मेला होगा। इसमें 583 हेक्टेयर में पार्किंग, 874 हेक्टेयर में एरिया केंपिंग के लिए योजना बनेगी। पिछले कुंभ की तुलना में 9 सेक्टर अधिक बनाए जाएंगे।

कुंभ मेला क्षेत्र को 41 सेक्टरों में बांटा जाएगा। इस बार जो नए सेक्टर बनाए गए हैं, उनमेंं शिवालिक नगर, जगजीतपुर, गौरीशंकर द्वितीय, कांगडी पार्क, श्यामपुर, ऋषिकेश, तपोवन में पार्किंग सेक्टर बनाए जाएंगे। इसके अलावा देवपुरा एहतमाल, सप्तसरोवर को केंपिंग के लिए चुना गया। कुंभ मेले में दिव्यांगों के लिये इको फ्रेंडली लो फ्लोर बस और दिव्यांग घाट बनाया जाएगा। महिलाओं के लिए पिंक सेवा ई-रिक्शा, ऑटो चलेंगे। इसको स्वयं महिलाएं संचालित करेंगी।

इस बार राज्य सरकार कुंभ मेले को लेकर अधिक गंभीर दिखाई दे रही है। कुंभ मेला अधिकारी और कुंभ मेला महा निरीक्षक की नियुक्ति पिछले अन्य कुंभ के मुकाबले काफी पहले कर दी गई। मुख्यमंत्री स्तर पर अब तक छह बैठकें अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों के साथ हो चुकी है। मुख्य सचिव, पुलिस आयुक्त, कुंभ मेला अधिकारी तथा मेला पुलिस महानिरीक्षक के स्तर पर भी 12 बैठकें हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि और अन्य साधुओं के साथ खुद एक बार कुंभ कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि का कहना है कि वे मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कराए जा रहे कुंभ कार्यों से पूरी तरह संतुष्ट हैं और इस बार राज्य सरकार ने समय रहते अन्य कुंभ मेलों के मुकाबले कुंभ मेले से जुड़े अधिकारियों नियुक्ति समय पर कर ली। इससे कुंभ कार्यों में गति आई है।

हरिद्वार कुंभ एक वर्ष पहले लगेगा
ज्योतिष गणना के हिसाब से इस बार हरिद्वार कुंभ मेला 12 वर्ष की बजाय एक वर्ष पूर्व यानी 11 वर्ष में होगा। ज्योतिष विद् डॉक्टर पंडित प्रतीक मिश्र पुरी का कहना है कि ज्योतिष गणना के हिसाब से गुरु बृहस्पति ग्रह को एक राशि को पार करने में लगभग एक वर्ष का समय लगता है। बारहवें वर्ष में गुरु बृहस्पति ग्रह पुन: उस राशि में प्रवेश करते हैं। जिस राशि में वे 12 वर्ष में आए थे। जब बृहस्पति ग्रह कुंभ राशि में प्रवेश करते हैं, तब तीर्थ नगरी हरिद्वार में कुंभ भरता है। ज्योतिष शास्त्र के सूक्ष्म गणित के अनुसार गुरु बृहस्पति ग्रह को 12 ग्रहों की परिक्रमा करने में 11 वर्ष 11 माह 27 दिन का समय लगता है। इसके अनुसार 58 दिन का अंतर पड़ जाता है।

सातवें कुंभ के अंतराल में आठवां कुंभ एक वर्ष पहले पड़ता है। इस तरह हरिद्वार में 2021 के कुंभ से पहले 1938 में एक साल पहले यानी 11वें वर्ष में कुंभ पड़ा था। ज्योतिष शास्त्र में की गई गणना के अनुसार पिछले एक हजार साल में केवल हरिद्वार में ही कुल 85 कुंभ पड़े हैं। एक हजार वर्ष में हरिद्वार में पड़ने वाले 85 कुंभ मेलों में से अब तक 10 कुंभ 11 साल में पड़े हैं और 2021 में हरिद्वार में 11 वर्ष में पड़ने वाला कुंभ मेला 11वां है।

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