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अगस्ता सौदा: चर्चा में क्यों है बिचौलिए का ‘कोड वर्ड’

इस सौदे में जिन लोगों को घूस मिली थी, मिशेल ने उनके नाम एक सादे कागज पर कोड वर्ड में लिख रखे थे। संयुक्त अरब अमीरात की सुरक्षा एजंसियों ने फरवरी 2017 में जब मिशेल को गिरफ्तार किया तो उसके पास यह कागज मिला था। इस कागज के तार इटली में चलाए गए मुकदमों से जुड़े हैं।

अगस्ता वेस्टलैंड सौदे का कथित बिचौलिया क्रिश्चियन मिशेल। (फोटो- एएनआई)

अगस्ता वेस्टलैंड सौदे में बिचौलिया रहे क्रिश्चियन मिशेल के ‘कोड वर्ड’ के बारे में मीडिया में चर्चा चल रही है। सादे कागज पर लिखे कुछ शब्द और अंक हैं, जिन्हें ‘कोड वर्ड’ में लिखा ब्योरा बताया जा रहा है। सीबीआइ के अधिकारियों के हवाले से खबरें आई हैं कि मिशेल से इस कागज और उस कोडवर्ड के बारे में पूछताछ की गई है। बताया जा रहा है कि मिशेल ने अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदा पक्का कराने के लिए कुछ लोगों को घूस दी थी। इनमें भारतीय राजनेता, रक्षा मंत्रालय के अफसर एवं दूसरे नौकरशाह शामिल थे। इस सौदे में जिन लोगों को घूस मिली थी, मिशेल ने उनके नाम एक सादे कागज पर कोड वर्ड में लिख रखे थे। संयुक्त अरब अमीरात की सुरक्षा एजंसियों ने फरवरी 2017 में जब मिशेल को गिरफ्तार किया तो उसके पास यह कागज मिला था। इस कागज के तार इटली में चलाए गए मुकदमों से जुड़े हैं।

यूएई से लाकर भारतीय जांच एजंसियों ने इस दस्तावेज को अगस्ता वेस्टलैंड मामले की फाइल का हिस्सा बनाया और इटली के मिलान की अदालतों में भी जमा कराया था। वहां मामले खारिज कर दिए गए। मिलान की अदालत ने फैसले के दस्तावेजों को अपनी वेबसाइट पर जारी किया है। इसी साल सितंबर के दूसरे हफ्ते में मिलान की अदालत ने अपना विस्तृत फैसला दिया, जिसके अनुसार अगस्ता वेस्टलैंड सौदे में किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं हुई। अदालत ने कहा कि उन्हें ऐसे कोई भी सबूत नहीं मिले हैं, जिससे ये पता लगे कि अगस्ता हेलिकॉप्टर को भारत को बेचने में कोई गड़बड़ी हुई है। इस मामले में भारतीय एजंसियों ने मिशेल, उसके साथी गुइदो हाश्के एवं हेलिकॉप्टर सौदे की कंपनी- फिनमैकेनिका के पूर्व चेयरमैन ग्यूसेप ओरसी एवं अगस्तावेस्टलैंड के सीईओ ब्रूनो स्पैग्नोलिन को नामजद किया था।

हालांकि, उसके बाद ही भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया था कि इटली का फैसला वहां की दोनों कंपनियों के लिहाज से रहा। भारतीय जांच एजंसियां अपना काम करती रहेंगी। इसके बाद मिशेल का प्रत्यर्पण हुआ और अब उससे पूछताछ चल रही है। पूछताछ मुख्य तौर पर उस कागज को लेकर हो रही है, जिसपर कथित तौर पर सौदे में लाभ पाने वालों के नाम कोड वर्ड में लिखे हैं। भारतीय एजंसियों ने इटली की अदालत में जो दस्तावेज जमा किए, उनमें दावा किया गया था कि कोड वर्ड में घूस की राशि भारतीय करंसी यानी रुपए और ब्रिटिश करंसी (पौंड) के प्रतीक के रूप में अंकित की गई थी। पेज में 10 लाख, 50 लाख, दो करोड़, 250 यूएस व 70 यूरो आदि शब्द लिखे हैं। इसके अलावा कुछ शब्द लिखे हैं, जिन्हें घूस पाने वालों के नाम बताया जा रहा है।

कथित दस्तावेज के कोड वर्ड
उस कागज में ‘एपी’, ‘एफएएम’, ‘डीएस’, ‘बीयूआर’, ‘पीओएल’, ‘एएलएल’ जैसे कोड लिखे हैं, जिन्हें भारतीय राजनीतिज्ञों और आला अधिकारियों के कूट नाम होने का दावा भारतीय एजंसियां कर रही हैं। हालांकि अभी तक मिशेल का कहना है कि जो कथित नोट बरामद हुआ है वह उसका नहीं है। वह यह भी नहीं जानता है कि उसमें कोड में क्या लिखा हुआ है। मिशेल के पास से मिले नोट में 13 नाम कोड वर्ड में लिखे गए हैं।

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