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मोदी सरकार के खिलाफ ‘जनता परिवार’ का महाधरना आज

पूर्ववर्ती ‘जनता परिवार’ के छह दल अपनी ‘महाविलय’ योजना के अग्रगामी कदम के रूप में आज नरेंद्र मोदी सरकार के विभिन्न मोर्चो पर ‘‘असफल’’ रहने और चुनावी वायदों को ‘‘पूरा नहीं करने’’ के खिलाफ एक मंच को साझा करके जनता का ध्यान इस ओर दिलाएंगे। सूत्रों ने बताया कि छह दलों के ‘महाविलय’ में अभी […]

Author December 22, 2014 12:28 pm
Janata Parivar: विलय के बाद बनने वाली नई पार्टी के अध्यक्ष होंगे मुलायम सिंह। (फ़ाइल फ़ोटो- पीटीआई)

पूर्ववर्ती ‘जनता परिवार’ के छह दल अपनी ‘महाविलय’ योजना के अग्रगामी कदम के रूप में आज नरेंद्र मोदी सरकार के विभिन्न मोर्चो पर ‘‘असफल’’ रहने और चुनावी वायदों को ‘‘पूरा नहीं करने’’ के खिलाफ एक मंच को साझा करके जनता का ध्यान इस ओर दिलाएंगे।

सूत्रों ने बताया कि छह दलों के ‘महाविलय’ में अभी कुछ समय लग सकता है और शुरुआत के रूप में सोमवार को लालू प्रसाद के नेतृत्व वाला राजद और नीतीश कुमार की अगुवाई वाला जदयू एक हो सकते हैं।

बिहार में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा का संयुक्त रूप से सामना करने की तैयारी के लिए ये दोनों दल महाविलय की प्रतीक्षा किए बिना पहले से ही संभवत: एक दल का रूप ले लेंगे।

जदयू ने एक नेता ने अपना नाम उजागर नहीं करने के आग्रह पर उक्त जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश और कर्नाटक के विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं इसलिए सपा और जदयू एस के विलय की इतनी जल्दी नहीं है। उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव 2017 में होने हैं।

उन्होंने बताया कि चूंकि राजद नेता लालू प्रसाद और जदयू के नीतीश कुमार और शरद यादव यहां रहेंगे इसलिए दोनों दलों के बीच विलय के पूरे संकेत हैं। इससे छह दलों के ‘महाविलय’ की प्रक्रिया को भी गति मिलेगी।

लोकसभा चुनावों में बिहार में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के हाथों जदयू, राजद और कांग्रेस का लगभग सफाया हो गया था। बाद में राज्य विधानसभा की कुछ सीटों के लिए हुए उप चुनाव में इन तीनों दलों ने आपसी तालमेल से चुनाव लड़ा और बेहतर प्रदर्शन किया।

इस ‘महाविलय’ के प्रयास में सबसे सक्रिय शरद यादव ने शनिवार को कहा था कि दिल्ली में 22 दिसंबर को ‘महाधरना’ दिया जाएगा जो छह दलों के संभावित विलय की ओर ‘‘पहला ठोस कदम’’ होगा। उन्होंने हालांकि, इस महाविलय की कोई समय सीमा तय करने के इंकार किया।

पिछले कई महीनों से इस विलय की प्रक्रिया जारी है और पिछले महीने सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने पांच राजनीतिक दलों– जदता दल यू, जनता दल एस, इंडियन नेशनल लोकदल, समाजवादी जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं को दिल्ली स्थित अपने आवास पर भोज बैठक में बुला कर इसे सार्वजनिक किया।

उस बैठक में शरद यादव, नीतीश कुमार, लालू प्रसाद, आईएनएलडी के दुष्यंत चौटाला और एसजेपी के कमल मोरारका शामिल हुए थे। सूत्रों ने बताया कि यहां जंतर मंतर पर होने वाले ‘‘महाधरना’’ में ये सभी नेता उपस्थित होंगे।

लालू प्रसाद की पुत्री राजलक्षमी का मुलायम सिंह के पोते तेज प्रताप यादव से विवाह तय होने से इन दोनों के बीच पारिवारिक संबंध भी हो गए हैं।
महाधरना में कालाधन वापस लाने के नरेंद्र मोदी के लोकसभा चुनाव में किए गए वायदे को पूरा नहीं करने पर उनकी सरकार को निशाने पर लिया जाएगा। इसके अलावा युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में सरकार के कथित तौर पर नाकाम रहने पर भी उसे घेरा जाएगा।

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