मसर्रत आलम की गिरफ्तारी पर घाटी में हिंसा

जम्मू कश्मीर में चरमपंथी अलगाववादी नेता मसर्रत आलम भट को शुक्रवार को राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद श्रीनगर में हिंसा भड़क उठी। इसके विरोध में अलगाववादी संगठन

Author Updated: April 18, 2015 1:55 PM

जम्मू कश्मीर में चरमपंथी अलगाववादी नेता मसर्रत आलम भट को शुक्रवार को राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद श्रीनगर में हिंसा भड़क उठी। इसके विरोध में अलगाववादी संगठन हुर्रियत के समर्थक सड़कों पर उतर आए और उनकी सुरक्षा बलों से झड़पें हुईं।

राजधानी श्रीनगर का नौहट्टा इलाका जंग के मैदान जैसा लग रहा था जहां नकाबपोश प्रदर्शनकारियों ने तिरंगा जलाया। उनके और सुरक्षाबलों के बीच झड़प में दो पुलिसकर्मियों समेत करीब दर्जन भर लोग घायल हो गए।

प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंके, जबकि पुलिस ने हिंसक भीड़ को तितर बितर करने के लिए आंसूगैस के गोले छोड़े और बल प्रयोग किया। इस हफ्ते के शुरू में त्राल में एक सैन्य अभियान के दौरान दो युवकों की मौत हो गई थी। हुर्रियत का सैयद अली शाह गिलानी के नेतृत्व वाला कट्टरपंथी धड़ा इस घटना के विरोध में श्रीनगर से त्राल तक जुलूस निकालना चाहता था। अधिकारियों से इस जुलूस की इजाजत न मिलने पर लोग हिंसा पर उतर आए।

उदारवादी हुर्रियत नेता मीरवायज उमर फारुक ने त्राल में एक जुलूस का नेतृत्व किया। उन्होंने सेना पर युवकों को आतंकवादी करार देकर उनकी हत्या करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा- कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। सरकार को शासन (प्रायोजित) आतंकवाद पर पूर्ण विराम लगाना होगा।

त्राल और उसके आसपास के इलाकों से भी पथराव की खबरें हैं। गिलानी ने युवकों की मौत और शुक्रवार की पुलिस कार्रवाई के विरोध में शनिवार को पूरी घाटी में हड़ताल का आह्वान किया है।

इससे पूर्व दिन में गिलानी के संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर देखे जा रहे आलम को बुधवार को एक रैली में पाकिस्तान के पक्ष में नारे लगाने और पाकिस्तान का झंडा लहराने को लेकर बढ़ते जनाक्रोश के बीच गिरफ्तार कर लिया गया। इस रैली में गिलानी और आलम दोनों थे। गिलानी और आलम को गुरुवार देर रात यहां नजरबंद कर दिया गया था। पैंतालीस वर्षीय कट्टरपंथी आलम को यहां हब्बाकदाल इलाके में उसके घर से शुक्रवार सुबह गिरफ्तार किया गया। समझा जाता है कि केंद्र ने इसके लिए दबाव डाला था।

जम्मू कश्मीर, जहां पीडीपी भाजपा गठबंधन का शासन है, की स्थिति को लेकर केंद्र की भाजपा नीत सरकार आलोचना के घेरे में है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को फिर कहा कि भारत की एकता व अखंडता का उल्लंघन करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। उन्होंने कानपुर के पास एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जो कोई भी राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाएगा, उसे बख्शा या माफ नहीं किया जाएगा।

गिलानी, आलम और अन्य अलगाववादी नेताओं के विरुद्ध भड़काऊ गतिविधियों को लेकर अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम और अन्य कानूनों की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

आलम की गिरफ्तारी पुलवामा जिले के त्राल इलाके में हुर्रियत के प्रस्तावित जुलूस से महज कुछ घंटे पहले हुई। त्राल में सैन्य अभियान में दो युवक मारे गए थे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दोनों युवक फर्जी मुठभेड़ में मारे गए। हालांकि सेना का कहना है कि दोनों आतंकवादी थे जो मुठभेड़ में मारे गए। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मसर्रत आलम को राजद्रोही गतिविधियों को लेकर गिरफ्तार किया गया।

प्रवक्ता ने यहां जारी एक बयान में कहा कि घटना के वीडियो फुटेज की जांच में यह पाया गया कि उक्त व्यक्ति (आलम) राष्ट्रविरोधी नारे लगाने और पाकिस्तान के झंडे लहराने में भीड़ की अगुआई करने में शामिल था। वह खुद ही ऐसे नारे लगाते पाया गया, इस तरह वह लोगों को ऐसा करने के लिए उकसा रहा था।

प्रवक्ता ने घटनाक्रम को दोहराते हुए कहा कि 14 अप्रैल को दिल्ली से गिलानी की वापसी पर अलगाववादी गठबंधन ने उनके स्वागत में एक रैली आयोजित की थी। उन्होंने कहा कि इस रैली में इस संगठन के समर्थकों ने भड़काऊ और राजद्रोही नारे लगाए और उनकी अगुवाई मसर्रत आलम व अन्य कर रहे थे। मसर्रत आलम ने खुद भी पाकिस्तान का ध्वज लहराकर और भारत के खिलाफ नारे लगाकर भीड़ को उकसाया।

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