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ऊधमपुर हमले का मास्टर माइंड कासिम मारा गया

लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर और 20 लाख रुपए के इनामी पाकिस्तानी आतंकवादी अबु कासिम को गुरुवार को सुरक्षाबलों ने मार गिराया। अगस्त में कासिम..

Author श्रीनगर | Published on: October 30, 2015 12:46 AM
लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर और 20 लाख रुपए के इनामी पाकिस्तानी आतंकवादी अबु कासिम को गुरुवार को सुरक्षाबलों ने मार गिराया।

लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर और 20 लाख रुपए के इनामी पाकिस्तानी आतंकवादी अबु कासिम को गुरुवार को सुरक्षाबलों ने मार गिराया। अगस्त में कासिम ने ऊधमपुर हमले के अलावा 2013 में सेना के काफिले पर हमला किया था, जिसमें आठ सैनिकों की मौत हो गई थी।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान के बहावलपुर के रहनेवाले कासिम (28) और उसके एक सहयोगी के कुलगाम स्थित खांदीपुरा गांव के एक घर में छिपे होने की खुफिया जानकारी मिलने के बाद यह अभियान रात दो बजे शुरू हुआ। यह गांव यहां से 80 किलोमीटर दूर है। सेना, पुलिस और अर्द्धसैन्य बलों का एक संयुक्त दल वहां पहुंचा और गांव को घेर लिया गया। कासिम और उसके सहयोगियों ने सुरक्षाबलों के घेरे को तोड़ने की कोशिश की। इसी दौरान कासिम मारा गया।

कश्मीर पुलिस महानिरीक्षक एसजेएम गिलानी ने बताया, ‘हमने लश्कर के एक शीर्ष कमांडर अबु कासिम को कुलगाम जिले के खांदेपुरा में तड़के चलाए गए एक अभियान के तहत मार गिराया है। यह बड़ी सफलता है क्योंकि कासिम पिछले तीन साल में कश्मीर पर होने वाले लश्कर-ए-तैयबा के हमलों में प्रत्यक्ष या परोक्ष तौर पर संलिप्त था’। अभियान दोपहर 12:30 बजे समाप्त हुआ, जब सुरक्षाबलों ने इलाके में अच्छी तरह से तलाशी ले ली।

कासिम इस राज्य के सर्वाधिक वांछित आतंकियों में से एक था और राज्य पुलिस ने उसके सिर पर 10 लाख रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा है। ऊधमपुर मामले की जांच कर रही एनआइए ने भी उसकी गिरफ्तारी या मौत के लिए जानकारी देने वाले के लिए इतने ही पुरस्कार की घोषणा की थी। गिलानी ने कहा कि कासिम का असली नाम अब्दुल रहमान है और वह इस साल पांच अगस्त को ऊधमपुर में बीएसएफ के दस्ते पर किए गए हमले का मास्टरमाइंड था। वह सात अक्तूबर, 2015 को बांदीपुरा में उपनिरीक्षक मोहम्मद अल्ताफ डार की हत्या में भी शामिल था।

पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि कासिम की मौत से कश्मीर में लश्कर की संचालन क्षमताओं और घाटी में विभिन्न आतंकी संगठनों के बीच तालमेल को नुकसान पहुंचेगा। गिलानी ने कहा कि कासिम वर्ष 2013 में हैदरपुरा में सेना के एक काफिले पर किए गए हमले में भी संलिप्त था। इस हमले में आठ सैनिक शहीद हो गए थे। आतंकी कमांडर पुलवामा जिले के पंपोर में वर्ष 2013 में की गई हृदय रोग विशेषज्ञ शेख जलाल की हत्या में भी संलिप्त था।

कासिम को सब इंस्पेक्टर मोहम्मद अलताफ ने हाल ही में उत्तरी कश्मीर के बांदीपुरा में घेर लिया था, लेकिन वह भाग जाने में कामयाब रहा। इस दौरान उसने पुलिस दल पर अंधाधुंध गोलियां चलार्इं, जिसमें अल्ताफ की मौत हो गई।

गिलानी से पूछा गया कि क्या कासिम की मौत के बाद ऊधमपुर हमले की जांच बंद कर दी जाएगी, तो आइजीपी ने कहा, ‘इसकी जांच एनआइए कर रही है और जांच को एक तर्कसंगत निष्कर्ष तक ले जाने के लिए उन्हें इस मामले के सारे तार जोड़ने हैं’। गिलानी ने कासिम का पता लगाने और घाटी में हालिया अभियानों के दौरान आतंकियों को मार गिराने वाले पुलिसकर्मियों के प्रयासों की सराहना की।

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