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जासूसी के आरोप में घाटी के दो युवकों को पाक आर्मी ने पकड़ा, रिहाई के लिए परिजन लगा रहे सरकार से गुहार

फिरोज के भाई ज़हूर ने कहा, “हम सोच रहे थे कि वह जीवित नहीं है। जब एक दोस्त ने कल वीडियो साझा किया, तो मैं चौंक गया ... अब हम सरकार से अनुरोध कर रहे हैं कि वह उसे घर वापस लाने में मदद करे।''

Author Edited By प्रमोद प्रवीण नई दिल्ली | Updated: June 14, 2020 9:12 AM
jammu kashmir, pakistan armyजम्मू कश्मीर के दो युवक पाकिस्तान आर्मी के कब्जे में हैं।

कश्मीर घाटी के अचूरा गांव में दो परिवार तब सदमे में आ गया, जब उनलोगों ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो में देखा कि उनके घर का लड़का पाकिस्तानी आर्मी के कब्जे में कैद है। पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में जासूसी करने के आरोप में उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा के गुरेज़ इलाके से दो युवकों को पकड़ा गया है और इसका एक वीडियो जारी किया गया है।

वीडियो में फिरोज अहमद लोन और नूर मोहम्मद वानी कहते हुए देखा गया कि उसे पाकिस्तानी सेना ने लाइन ऑफ कंट्रोल पार करने और जासूसी करने के लिए गिरफ्तार किया है। पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक फिरोज 2018 से लापता है। हालांकि, नूर के बारे में कोई गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं है।

सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित होने के बाद, बांदीपोरा पुलिस ने शनिवार (13 जून) को दो परिवार के सदस्यों के वीडियो जारी किए, जिसमें दो युवकों की घर वापसी में मदद करने के लिए भारतीय और पाकिस्तानी सरकारों से गुहार लगाई गई है। फिरोज के भाई ज़हूर ने कहा, “हम सोच रहे थे कि वह जीवित नहीं है। जब एक दोस्त ने कल वीडियो साझा किया, तो मैं चौंक गया … अब हम सरकार से अनुरोध कर रहे हैं कि वह उसे घर वापस लाने में मदद करे।”

ज़हूर ने बताया कि फिरोज ग्रामीण विकास विभाग में काम करता था लेकिन नवंबर 2018 में अचानक लापता हो गया। इसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट हमने थाने में दर्ज करवाई है। उसने बताया, “जांच के दौरान, जब हमें मेरे भाई का कॉल डिटेल मिला, (तब यह बात सामने आई) कि उसने अपने फोन को बंद करने से पहले कुछ लोगों से बात की थी। हमने पाया कि वह रउफ नाम के एक व्यक्ति के संपर्क में था।” सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में दोनों युवकों को यह कहते हुए देखा गया है कि LoC पार करने का आइडिया रउफ का ही था।

गुरेज़ के एक राजनीतिक नेता, जो इस मामले में नजर बनाए हुए हैं, ने कहा कि पुलिस ने एक महिला से भी पूछताछ की है। “उसे हिरासत में लिया गया और फिर रिहा कर दिया गया। उसके परिवार के सदस्यों से भी कुछ रिपोर्टों के बाद सवाल किया गया था कि फिरोज की हत्या महिला ने की होगी।” बांदीपोरा में पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामले को उच्च अधिकारियों के पास भेजा गया है।

उधर,  नूर के चाचा बशीर अहमद ने कहा कि परिवार को पता भी नहीं था कि वह लापता है। “वह अनाथ है और ज्यादातर घर से दूर ही रहता था। वह पिछले कुछ वर्षों से घर नहीं आया है क्योंकि वह एक मजदूर के रूप में काम कर रहा था। हमने सोचा कि वह कहीं काम कर रहा है और इस कारण से हमने पुलिस को कभी सूचना नहीं दी कि वह लापता है।”

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