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जम्मू-कश्मीरः पत्थरबाजों ने सैनिकों को ललकारा, लगाए देश विरोधी नारे; सेना ने 4 को बनाया मानव ढाल!

टीवी रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना के वक्त कुछ दूर खड़े लोगों ने तब रिकॉर्डिंग कर ली थी। वीडियो क्लिप में चारों पत्थरबाजों को उस दौरान सैनिकों ने अपने एक वाहन के आगे जमीन पर बैठाया हुआ था। सोशल मीडिया पर यह क्लिप तेजी से वायरल हो रही है।

वायरल वीडियो में दावा किया गया कि सेना ने इस तरह चार पत्थरबाजों को मानव ढाल बनाया। (फोटोः टीवी वीडियोग्राफ)

जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाज अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। पुलवामा में पत्थरबाजों ने सैनिकों को फिर से ललकारा। देश के खिलाफ नारेबाजी की, जिसके बाद सुरक्षाबल हरकत में आए। दावा किया गया कि सैनिकों ने चार पत्थरबाजों को उस दौरान काबू कर मानव ढाल (ह्यूमन शील्ड) बना लिया, ताकि वे फिजूल में सेना पर पत्थर न फेंकें।

टीवी रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना के वक्त कुछ दूर खड़े लोगों ने तब रिकॉर्डिंग कर ली थी। वीडियो क्लिप में चारों पत्थरबाजों को उस दौरान सैनिकों ने अपने एक वाहन के आगे जमीन पर बैठाया हुआ था। सोशल मीडिया पर यह क्लिप तेजी से वायरल हो रही है। हालांकि, अभी तक सेना की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया कि सुरक्षाबलों ने चार पत्थरबाजों को मानव ढाल बनाने के बाद आसपास के इलाके में कॉम्बिंग ऑपरेशन भी चलाया था। वीडियो को लेकर दावा किया गया कि उन चारों को सैन्य वाहन के आगे बैठाने के बाद अन्य पत्थरबाज सेना पर पत्थर नहीं फेंक रहे थे।

घाटी में बीते साल बडगाम उप चुनाव के वक्त पत्थरबाजों ने खूब उत्पात मचाया था। सेना के मेजर गोगोई ने तब स्थानीय नागरिक फारूख अहमद डार को सेना की जीप के बोनट पर बांधा था। मानव ढाल बनाने के बाद उन्होंने उसे दर्जनों गांवों में घुमाया था। हालांकि, सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक उनके उस कदम की खूब आलोचना भी हुई थी। मगर सेना से उन्हें इसके लिए समर्थन और सम्मान मिला था।

कश्मीर में अमन-चैन के लिए इससे पहले सीजफायर लागू हुआ था। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की मांग पर हां कहते हुए केंद्र सरकार ने उस दौरान पत्थरबाजों के खिलाफ किसी प्रकार के भी सैन्य ऑपरेशन चलाने पर अस्थाई रोक लगा दी थी। हालांकि, सेना के इस वचन के बाद भी कुछ आतंकी गतिविधियां और पत्थरबाजी के मामले घाटी में सामने आए थे।

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