जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में रविवार तड़के हुई भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ और भूस्खलन आ गया। जिसमें कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लापता हैं। बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में लापता लोगें की तलाश और प्रभावित लोगों की सहायता कर रहे हैं।

सुरनकोट तहसील में भारी बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र में कम से कम चार लोगों की मौत की खबर है। फंसे हुए निवासियों को निकालने, मलबा हटाने और प्रभावित गांवों तक पहुंच बहाल करने के लिए राहत और बचाव अभियान तेज कर दिए गए हैं।

पीटीआई न्यूज एजेंसी को अधिकारियों ने बताया कि नूनाबंदी गांव में घर गिरने से 28 वर्षीय नाज़िया कौसर की मौत हो गई। उनके पति मोहम्मद हाफ़िज और उनके दो से छह साल की उम्र के तीन बच्चे घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। लोअर मुर्रा में भूस्खलन से एक और घर क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके मालिक मोहम्मद लतीफ और उनके परिवार के पांच सदस्य लापता हैं।

अधिकारियों के अनुसार, एक अन्य घटना में मरहोते में इरम नामक एक नाबालिग लड़की नाले में डूब गई, जबकि धुंदक लाथूंग पुल के पास एक नाले से एक अज्ञात महिला का शव बरामद किया गया। अधिकारियों ने पीटीआई को बताया कि सांगला गांव में अचानक आई बाढ़ में एक घर बह जाने के बाद एक ही परिवार के चार सदस्य लापता बताए जा रहे हैं।

राजौरी में अचानक आई बाढ़ कहर

राजौरी सबसे अधिक प्रभावित जिलों में से एक रहा। अधिकारियों ने बताया कि रात भर हुई लगातार बारिश से आई अचानक बाढ़ ने राजौरी शहर के निचले इलाकों को जलमग्न कर दिया, जिससे सैकड़ों निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

भारी बारिश के कारण अधिकारियों को रियासी जिले में स्थित सलाल बांध के सभी द्वार खोलने पड़े, जिससे चिनाब नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। अधिकारियों ने नदी किनारे रहने वाले निवासियों को सलाह जारी कर नदी के किनारों से दूर रहने और स्थिति सामान्य होने तक मछली पकड़ने, नहाने, पशु चराने या नदी पार करने का प्रयास न करने का आग्रह किया है।

एलजी ने स्थिति की समीक्षा की

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बारिश और अचानक आई बाढ़ से प्रभावित पुंछ और राजौरी जिलों में स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिक प्रशासन, पुलिस, सेना, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और स्थानीय स्वयंसेवकों की बचाव टीमें मौके पर काम कर रही हैं, जबकि सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

जानमाल के नुकसान पर दुख व्यक्त करते हुए सिन्हा ने पुंछ के हवेली और सुरनकोट इलाकों में हुई मौतों पर गहरा दुख जताया और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने निवासियों से शांत रहने, आधिकारिक सलाहों का पालन करने का आग्रह किया और कहा कि आपातकालीन टीमों को किसी भी आपात स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने अपना दौरा छोटा किया

इसी बीच, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घोषणा की कि वह दिल्ली में अपना प्रवास छोटा कर रहे हैं और जमीनी स्थिति का व्यक्तिगत रूप से जायजा लेने के लिए जम्मू लौट रहे हैं।

अब्दुल्ला ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “मौसम विभाग द्वारा जारी मौसम चेतावनी और जम्मू डिवीजन के कुछ हिस्सों में उत्पन्न हो रही स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मैं आज दोपहर दिल्ली से जम्मू के लिए उड़ान भरूंगा, ताकि व्यक्तिगत रूप से जमीनी स्थिति का जायजा ले सकूं।”

उन्होंने आगे कहा कि लोगों की जान की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। उन्होंने संपत्ति के नुकसान और बाढ़ से प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

अमित शाह ने एलजी और मुख्यमंत्री से बात की

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से बात की है और स्थिति की जानकारी ली। साथ ही प्रभावित लोगों की सुरक्षा लिए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा अस्थायी रूप से निलंबित

इससे पहले, शनिवार को बारिश से उत्पन्न आपदाओं के चलते जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा केंद्र शासित प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी के बाद पहलगाम और बाल्टल दोनों मार्गों पर अमरनाथ यात्रा को रविवार के लिए स्थगित कर दिया था। यह निलंबन उस घटना के एक दिन बाद हुआ है जब उधमपुर में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक खड़ी ट्रक से उनकी गाड़ी टकराने से चार अमरनाथ तीर्थयात्री घायल हो गए थे।

मानसून की लगातार बनी हुई स्थिति के बीच, कटरा में उप-विभागीय प्रशासन ने अचानक आने वाली बाढ़, भूस्खलन, जलभराव और सड़क अवरोधों के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया के समन्वय हेतु एक मानसून आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है। कटरा के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट पीयूष धोत्रा ​​द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, नियंत्रण कक्ष पुलिस, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य, बिजली, जल शक्ति, नगर निगम प्राधिकरणों और अन्य विभागों के समन्वय से तहसीलदार कटरा जतिंदर सिंह की देखरेख में संचालित होगा। कटरा और त्रिकुटा पहाड़ियों में प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण एहतियात के तौर पर वैष्णो देवी यात्रा को भी अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है।

‘सफदरजंग अस्पताल पर भरोसा नहीं’, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंग्मो पहुंचीं दिल्ली हाई कोर्ट

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंग्मो ने रविवार को दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। जिसमें उन्होंने तत्काल सुनवाई की मांग की है। अपनी याचिका में अंग्मो ने सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से अपनी पसंद के किसी प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग की है। पढ़ें पूरी खबर।