नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की हत्या की कोशिश के मामले में जम्मू कश्मीर पुलिस ने 600 पेज की चार्जशीट दायर की है। चार्जशीट में पुलिस ने कहा कि मुख्य आरोपी ने पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर मिलिटेंसी का इल्ज़ाम लगाया, जिसकी वजह से उन्हें कश्मीर में अपनी ज़मीन छोड़नी पड़ी। 63 साल के कमल सिंह जम्वाल के खिलाफ दायर चार्जशीट में कहा गया है कि वह फारूक अब्दुल्ला से अपना घर खोने को लेकर नाराज था।
11 मार्च को हुआ था हमला
कमल जम्वाल को 11 मार्च को जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में एक शादी के फंक्शन के दौरान अब्दुल्ला पर पास से गोली चलाने के आरोप में मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया था। फारूक अब्दुल्ला, उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी और पार्टी के दूसरे सीनियर वरिष्ठ नेताओं के साथ थे, जब यह हमला हुआ था।हालांकि इस हमले में वह बाल बाल बच गए थे।
ज्यूडिशियल कस्टडी में है आरोपी
आरोपी कमल सिंह जम्वाल पुराने जम्मू शहर के पुरानी मंडी इलाके का रहने वाला है। वह अभी ज्यूडिशियल कस्टडी में है। उसने पुलिस को बताया, “मैंने यह किसी के कहने पर नहीं किया है। मैंने अब्दुल्ला पर गोली चलाई क्योंकि मुझे लगता है कि वह मिलिटेंसी फैलाने के लिए ज़िम्मेदार हैं। मैं पिछले 20 सालों से उन्हें मारना चाहता था।”
फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद मामला राजनीतिक तूल पकड़ने लगा। उमर अब्दुल्ला की सरकार और LG प्रशासन के बीच विवाद बढ़ गया। दरअसल गृह विभाग एलजी प्रशासन के दायरे में आता है। उमर अब्दुल्ला की पार्टी के नेताओं ने हत्या की कोशिश के लिए बड़ी सिक्योरिटी चूक को ज़िम्मेदार ठहराया और प्रशासन पर जम्मू कश्मीर में गैर बीजेपी नेताओं का सिक्योरिटी कवर वापस लेने का आरोप लगाया।
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की हत्या की कोशिश के बाद उनकी पहली प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा था किभगवान ने मुझे बचा लिया। जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम ने बताया कि गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हे फोन करके हालचाल पूछा और स्वास्थ्य का जायजा लिया था। उन्होंने मुझे यह भरोसा दिलाया कि इस मामले की जांच कराई जाएगी। पढ़ें पूरी खबर
