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यासीन मलिक ने सुषमा स्‍वराज को लिखी चिट्टी- कुलभूषण जाधव पर आपके भाषण ने मेरा दिल छू लिया

पत्र में यासीन मलिक ने लिखा है कि पाकिस्तान में जाधव और उनके परिवार की मुलाकात ने दिल छू लिया।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के नेता यासीन मलिक। (फाइल फोटो)

जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) प्रमुख मोहम्मद यासीन मलिक ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को सोमवार (1, जनवरी) को एक पत्र लिखा है। इसमें मलिक ने संसद में पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण मामले में दिए सुषमा स्वराज के भावुक भाषण का जिक्र किया है। पत्र में मलिक ने लिखा कि पाकिस्तान में जाधव और उनके परिवार की मुलाकात ने उनका दिल छू लिया। आजाद कश्मीर के समर्थक यासीन मलिक ने पत्र में आगे लिखा है, ’28 दिसंबर, 2017 को संसद भवन में दी गई आपकी (सुषमा स्वराज) भावुक स्पीच सुन रहा था। जिसमें आपने 25 दिसंबर को भारतीय कैदी कुलभूषण जाधव से उनके परिवार की मुलाकात का ज्रिक किया है। विश्वास कीजिए आपके भाषण ने मेरा दिल छू लिया है।’

जेकेएलएफ लीडर ने विदेश मंत्री को खुले पत्र में आगे लिखा है कि वो एक कैदी को उसके परिवार से मिलने की आजादी का समर्थन करते हैं। वह कैदी के रूप में कुलभूषण जाधव के अधिकारों के साथ खड़े हैं। वहीं पत्र में संसद हमले के दोषी और फांसी की सजा पा चुके अफजल गुरु और मकबूल बट्ट का भी जिक्र किया है।

बता दें कि इससे पहले कश्मीरी अलगाववादी मलिक की पत्नी मशाल मलिक भारत सरकार पर अपनी पति से नहीं मिलने देने का आरोप लगाया था। तब उन्होंने कहा था कि जब पाकिस्तान मानवतावादी आधार पर भारतीय जासूस (कथित) कुलभूषण जाधव को उसकी पत्नी और मां से मिलने की इजाजत दे रहा है तो भारतीय सेना द्वारा उन्हें और उनकी बेटी को पिछले तीन साल से पति से मिलने की इजाजत क्यों नहीं दी जा रही।

डॉन के मुताबिक, यह बात मशाल मलिक ने एक वीडियो जारी कर कही, जब जाधव का परिवार उनसे मिलने के लिए इस्लामाबाद पहुंचा था। मशाल ने मांग की कि वह अपने पति से मिलना चाहती है। मशाल ने कहा था ‘कश्मीरियों को अपनी पत्नी और बच्चों से मिलने का अधिकार नहीं है। उनके साथ एक आतंकी से भी बुरा व्यवहार किया जाता है।’

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