जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन की तस्वीर अब भी साफ नहीं

जम्मू-कश्मीर में नई सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए सबसे बड़ी पार्टी पीडीपी और दूसरी सबसे बड़ी पार्टी भाजपा के पास जरूरी संख्याबल न होने की वजह से दोनों में से किसी भी पार्टी की ओर से सरकार बनाने के संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। सरकार गठन को लेकर राज्यपाल एनएन वोहरा […]

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Jammu Kashmir: राज्य में 1977 के बाद छठी बार लगा राज्यपाल शासन।

जम्मू-कश्मीर में नई सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए सबसे बड़ी पार्टी पीडीपी और दूसरी सबसे बड़ी पार्टी भाजपा के पास जरूरी संख्याबल न होने की वजह से दोनों में से किसी भी पार्टी की ओर से सरकार बनाने के संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। सरकार गठन को लेकर राज्यपाल एनएन वोहरा की ओर से तय की गई समय सीमा भी पूरी होने के करीब है।

जम्मू-कश्मीर की 87 सदस्यीय विधानसभा में 28 सदस्यों वाली पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती बुधवार को जम्मू में वोहरा से मुलाकात कर सरकार गठन पर उनसे चर्चा करेंगी। भाजपा इस बाबत अपना प्रस्ताव एक जनवरी को दे सकती है। मुलाकात से पहले पीडीपी के प्रवक्ता नईम अख्तर ने बताया कि पार्टी राजनीतिक गतिरोध खत्म करने के लिए अब तक कोई समाधान नहीं निकाल सकी है और सभी विकल्पों पर चर्चा की जा रही है। अख्तर ने बताया,‘हम अब तक किसी समाधान तक नहीं पहुंच सके हैं। यह बड़ी मुश्किल स्थिति है। हम इसे राज्य की बेहतरी, इसके आर्थिक विकास और इससे जुड़ी राजनीतिक अनिश्चितता खत्म करने के एक मौके में तब्दील करने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं।’

मौजूदा राजनीतिक गतिरोध के बीच कश्मीर घाटी में ऐसी चर्चा है कि नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) के 15 सदस्यीय विधायक दल ने एक प्रस्ताव पारित कर पीडीपी को समर्थन देने का फैसला किया है। हालांकि, एनसी महासचिव अली मोहम्मद सागर ने इन अटकलों से इनकार किया है। उन्होंने कहा,‘हमने मौखिक रूप से पीडीपी से कहा है कि यदि वे हमारा समर्थन चाहते हैं तो उन्हें हमारे नेतृत्व से बात करनी चाहिए।’ पीडीपी सरकार बनाने के लिए संभावित गठबंधन के मुद्दे पर अपनी पार्टी के भीतर चर्चा कर रही है।

इस बीच, अख्तर ने कहा,‘सईद पार्टी के हर स्तर के कार्यकर्ताओं से लगातार विचार-विमर्श कर रहे हैं।’ वहीं भाजपा महासचिव राम माधव और प्रदेश अध्यक्ष जुगल किशोर ने मंगलवार को राज्यपाल से मुलाकात कर राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा की। उन्होंने राज्यपाल को चीन पर लिखी अपनी एक किताब भेंट की। करीब 15 मिनट तक चली बैठक के बाद किशोर ने संवाददाताओं से कहा कि 25 सदस्यों वाली भाजपा एक जनवरी को राज्यपाल को अपना प्रस्ताव देगी।
कांग्रेस और एनसी के साथ पीडीपी के महागठबंधन की खबरों के सवाल पर किशोर ने कहा,‘मुझे ऐसे किसी गठबंधन के बारे में पता तो नहीं लेकिन यदि ऐसा गठबंधन होता है तो यह राज्य की जनता से धोखा होगा क्योंकि भाजपा को चुनाव में सबसे ज्यादा वोट मिले हैं।’

इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सैफुद्दीन सोज ने भी सरकार बनाने के मुद्दे पर चर्चा के लिए राज्यपाल से मुलाकात की। कांग्रेस को चुनाव में 12 सीटें मिली हैं।

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