Jammu Kashmir Flood: जम्मू-कश्मीर में मौसम लोगों की परेशानी का सबब बन गया है। सोमवार को राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश होती रही है, जिसके चलते श्रीनगर के घंटाघर जैसे इलाके पूरी तरह से जलमग्न हो गए। सोशल मीडिया पर बारिश और जलभराव के कई वीडियो वायरल हो गए हैं।

IMD का अनुमान है कि जम्मू-कश्मीर में अगले दो दिनों में और अधिक बारिश भी हो सकती है। इसके चलते राज्य सरकार ने अपने प्रमुख विभागों को अलर्ट पर रखा है। सरकार द्वारा जारी अलर्ट में विभिन्न जिलों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

जनता से की गई ये अपील

इसके भारी बारिश और अचानक अचानक बाढ़ या भूस्खलन के बढ़े हुए खतरे से बचने के लिए लोगों से पहाड़ी ढलानों, नदियों और नालों के पास जाने से बचने की अपील भी की है।

IMD द्वारा 20 से 23 जुलाई तक जारी किए गए पूर्वानुमान के मुताबिक, आम जनता को उचित सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इस सलाह में कहा गया है कि संवेदनशील क्षेत्रों और ऊंचे इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को मौसम में सुधार न होने तक ढलानों, ऊंचाई वाले क्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों में न जाने की अपील की है।

हाई अलर्ट पर प्रमुख विभाग

सरकार ने अपने प्रमुख विभागों को भी हाई अलर्ट पर रखा है। सरकारी एडवाइजरी में आगे कहा गया, “सभी संबंधित विभागों से अनुरोध है कि वे सतर्क रहें और सभी आवश्यक सावधानियां और प्रतिक्रियात्मक उपाय अपनाएं।”

जम्मू के राजौरी और पुंछ जिलों में भारी बारिश के कारण आई तबाही के बाद घाटी में अलर्ट जारी किया गया है। बाढ़ में घर और लोग बह गए। मृतकों की संख्या 17 हो गई है और कई लोग अभी भी लापता हैं।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मृतकों के परिजनों को 6 लाख रुपये प्रति परिवार देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है, “कल पुंछ और राजौरी में आई बाढ़, भूस्खलन और बारिश से संबंधित अन्य घटनाओं में हुई अपूरणीय जानमाल की क्षति की भरपाई किसी भी प्रकार की वित्तीय सहायता से नहीं की जा सकती। फिर भी, मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए प्रत्येक मृतक के परिजनों को 6 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।”

सरकार द्वारा जारी विज्ञप्ति में आगे कहा गया, “इस सहायता राशि में राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) से 4 लाख रुपये और मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त 2 लाख रुपये शामिल हैं। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों में जम्मू और कश्मीर में और अधिक बारिश का पूर्वानुमान लगाया है। विभाग ने केंद्र शासित प्रदेश के कुछ हिस्सों में 23 जुलाई तक भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। कुछ जिलों में मूसलाधार बारिश होने का अनुमान भी जताया गया है।

भूस्खलन और बाढ़ की भी चेतावनी

मौसम संबंधी चेतावनी में अचानक बाढ़, भूस्खलन, कीचड़ के खिसकने और नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने बताया कि पिछले 24 घंटों में राजौरी में 92.5 मिमी, चथा और जम्मू में 59 मिमी, कटरा में 53.5 मिमी और पुंछ में 78 मिमी बारिश दर्ज की गई। घाटी में गांदरबल में 46 मिमी और श्रीनगर में 45.6 मिमी बारिश हुई।

22 जुलाई तक स्कूल बंद, अमरनाथ यात्रा रुकी

एहतियात के तौर पर सरकार ने गर्मी की छुट्टियों को तीन दिन बढ़ा दिया है और घाटी के सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को 22 जुलाई तक बंद कर दिया है। सरकार ने बाल्टल और चंदनवारी दोनों मार्गों से अमरनाथ यात्रा को निलंबित कर दिया है।

प्रत्येक जिले में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं और लोगों से आपात स्थिति में या सहायता के लिए टोल-फ्री नंबरों पर कॉल करने को कहा गया है। इसी बीच, जम्मू में बटोटे-डोडा राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन के कारण दो लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए।

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नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने शनिवार को लद्दाख ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल (LAHDC) के चीफ एग्जीक्यूटिव काउंसलर (CEC) डॉ. जाफर अली अखून को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह साल के लिए निकाल दिया। इस एक्शन की वजह जाफर अखून का बीजेपी के समर्थन से कारगिल जिले का सालाना बजट पास करवाना था। भले ही बीजेपी के जाफर अखून को समर्थन करने से कारगिल में राजनीतिक बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं लेकिन NC ने अब तक सिर्फ अखून के खिलाफ एक्शन लिया है, न कि अपने उन 12 काउंसलर के खिलाफ जिन्होंने बजट के पक्ष में वोट दिया था। पढ़िए पूरी खबर…